• About us
  • Contact us
Friday, February 27, 2026
18 °c
New Delhi
26 ° Sat
26 ° Sun
Kadwa Satya
  • Home
  • संपादकीय
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • खेल
  • अपराध
  • करियर – शिक्षा
    • टेक्नोलॉजी
    • रोजगार
    • शिक्षा
  • जीवन मंत्र
    • व्रत त्योहार
  • स्वास्थ्य
  • मनोरंजन
    • बॉलीवुड
    • गीत संगीत
    • भोजपुरी
  • स्पेशल स्टोरी
No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • खेल
  • अपराध
  • करियर – शिक्षा
    • टेक्नोलॉजी
    • रोजगार
    • शिक्षा
  • जीवन मंत्र
    • व्रत त्योहार
  • स्वास्थ्य
  • मनोरंजन
    • बॉलीवुड
    • गीत संगीत
    • भोजपुरी
  • स्पेशल स्टोरी
No Result
View All Result
Kadwa Satya
No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • खेल
  • अपराध
  • करियर – शिक्षा
  • जीवन मंत्र
  • स्वास्थ्य
  • मनोरंजन
  • स्पेशल स्टोरी
Home देश

जलवायु परिवर्तन से निपटने में सामूहिक भागीदारी और ग् ीण रोजगार के अवसर बढ़ाने पर बल: प्रदान

News Desk by News Desk
October 5, 2024
in देश
जलवायु परिवर्तन से निपटने में सामूहिक भागीदारी और ग्रामीण रोजगार के अवसर बढ़ाने पर बल: प्रदान
Share on FacebookShare on Twitter

नयी दिल्ली, 05 अक्टूबर (कड़वा सत्य) गैर सरकारी संगठन प्रोफेशनल असिस्टेंस फॉर डेवलपमेंट एक्शन (प्रदान) का कहना है कि जलवायु परिवर्तन से भारत में चक्रवात और वर्षा के स्वरूप में परिवर्तन होने से विशेष रूप से कृषि और ग् ीण रोजगार पर असर बढ़ रहा है और इससे निपटने के लिये जलवायु-पहल में सामूहिक भागीदारी तथा ग् ीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने की जरूरत है।
प्रदान ने इसी सप्ताह एक्सिस बैंक फाउंडेशन के साथ मिलकर राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में परिचर्चा का आयोजन किया जिसमें विशेषों की ओर से बल दिया गया कि अब जलवायु परिवर्तन के ज्वलंत मुद्दों पर अविलंब ठोस कदम उठाना अत्यावश्यक हो गया है। सम्मेलन ‘जलवायु परिवर्तन- वर्तमान प्रबंधन, भविष्य की तैयारी’ पर ध्यान केंद्रित था और इसका आयोजन पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, मिशन लाइफ और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) की भागीदारी में किया गया था।
प्रदान ने इस परिचर्चा के आधार पर जारी एक विज्ञप्ति में संगठन के कार्यकारी निदेशक सरोज कुमार महापात्रा के हवाले से कहा है, “ आज जरूरत है कि जलवायु की दृष्टि से स्वस्थ दिशा में बदलाव की कमान पूरे समुदाय के हाथ में हो । ….लोगों की सोच बदलना बहुत जरूरी है। पूरे पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के लिये सभी सामूहिक प्रयासों को एकजुट करना होगा और एक मजबूत भागीदारी बनानी होगी। ”
प्रदान का कहना है कि ग्  पंचायत विकास योजना ( जीपीडीपी) जैसे प्रयासों के माध्यम से लगभग 10 करोड़ महिलाओं, स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) और ग्  संगठनों को इस मुहिम से जोड़ा जा चुका है। सरकार के दीनदयाल अंत्योदय योजना (डीएवाई) और राष्ट्रीय ग् ीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) जैसे अग्रणी अभियान की इस संबंध में भूमिकाएं अहम हैं जिन्हें अधिक कारगर बनाया जा सकता है।
श्री महापात्रा ने कहा, “ आज कई स्थानों पर सामुदायिक कार्य के विकेंद्रीकरण के साथ पंचायतों के सहयोग से हो रहे कार्य बहुत उत्साहवर्धक हैं और कई सीएसओ पहले से ही असाधारण काम कर रहे हैं। जलवायु में सुधार और गांवों में रोजगार बढ़ाने में इस तरह की भागीदारी जरूरी है क्योंकि इसमें कई भागीदार एकजुट हो कर काम करते हैं। ’’
एक्सिस बैंक फाउंडेशन की कार्यकारी ट्रस्टी और मुख्य कार्यकारी अधिकारी ध्रुवी शाह ने कहा कि जलवायु परिवर्तन से उत्पन्न चुनौतियां जटिल हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कार्य करने से स्वस्थ परिवर्तन का रास्ता निकल सकता है। उन्होंने कहा, “ भारत के ग् ीण क्षेत्रों में सीजनल आमदनी सुनिश्चित करना सबसे जरूरी है। साथ ही, लंबी अवधि की भागीदारी करने से उस भूभाग की सुदृढ़ता बढ़ेगी जिससे पारिस्थितिकी तंत्र की सेवाओं में निरंतरता बनी रहेगी। ऐसे में यह अत्यावश्यक है कि देश के नागरिक, नागरिक समाज संगठन (सीएसओ), सरकार और निजी क्षेत्र सार्थक संवाद करें और मिल कर काम करें।’’
विज्ञप्ति के अनुसार यह सम्मेलन मुख्य रूप से पानी की किल्लत, चक्रवात, भूस्खलन, अति वर्षा और खेती में बाधा जैसे मुद्दों पर केंद्रित रहा क्यों की ये समस्यायें भारत में काफी बढ़ रही हैं। चर्चा में कहा गया कि अब तक चक्रवात की चपेट में सिर्फ भारत के पूर्वी तट रहे हैं, पर देश का पश्चिमी हिस्सा काफी प्रभावित होता दिख रहा है। इसी रफ्तार से चक्रवात आते रहे तो अगले दशक तक पश्चिमी भारत भी पूर्व के बराबर चक्रवात झेल रहा होगा। यह भी देखा गया है कि मानसून देर से आता और देर से वापस जाता है, जिससे देश का पारिस्थितिक संतुलन बिगड़ रहा है। राजस्थान और गुजरात जैसे स्थानों में पिछले कुछ वर्षों में वर्षा में लगभग 30 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
श्रवण. 
कड़वा सत्य

Tags: change and increasingclimatecollectivecombatingEmphasisEmploymentopportunitiesparticipationpradaanRuralअवसरजलवायु परिवर्तननिपटनेप्रदानबढ़ानेबलभागीदारी और ग्रामीणरोजगारसामूहिक
Previous Post

हरियाणा में अपराह्न एक बजे तक 36 प्रतिशत से अधिक मतदान

Next Post

मिथ्या सीजन 2 को लेकर बेहद खुश और रोमांचित है गोल्डी बहल

Related Posts

जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को कम करने में अहम भूमिका निभा रहीं बिहार की आर्द्रभूमियां
देश

जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को कम करने में अहम भूमिका निभा रहीं बिहार की आर्द्रभूमियां

February 10, 2026
Bihar Government Scheme: बिहार में अल्पसंख्यक छात्रों के लिए खुशखबरी! अब मिलेगा फ्री DCA और डेटा एंट्री कोर्स!
अभी-अभी

Bihar Government Scheme: बिहार में अल्पसंख्यक छात्रों के लिए खुशखबरी! अब मिलेगा फ्री DCA और डेटा एंट्री कोर्स!

March 28, 2025
रोजगार के लिए  लीबिया  गए 18 भारतीय स्वदेश लौटे
देश

रोजगार के लिए लीबिया गए 18 भारतीय स्वदेश लौटे

February 5, 2025
बेल्जियम के नए प्रधानमंत्री वेवर ने यूक्रेन को सहायता प्रदान करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की
विदेश

बेल्जियम के नए प्रधानमंत्री वेवर ने यूक्रेन को सहायता प्रदान करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की

February 5, 2025
वीर हनुमान में केसरी का किरदार निभाना मेरे लिये एक विशेष अवसर: आरव चौधरी
मनोरंजन

वीर हनुमान में केसरी का किरदार निभाना मेरे लिये एक विशेष अवसर: आरव चौधरी

February 3, 2025
साहसिक बजट, उपभोग आधारित विकास को बढ़ावा देने पर जोर : उद्याेग
व्यापार

साहसिक बजट, उपभोग आधारित विकास को बढ़ावा देने पर जोर : उद्याेग

February 1, 2025
Next Post
मिथ्या सीजन 2 को लेकर बेहद खुश और रोमांचित है गोल्डी बहल

मिथ्या सीजन 2 को लेकर बेहद खुश और रोमांचित है गोल्डी बहल

New Delhi, India
Friday, February 27, 2026
Mist
18 ° c
68%
8.3mh
33 c 19 c
Sat
33 c 20 c
Sun

ताजा खबर

भगवंत मान सरकार द्वारा 18 मार्च को पूरे राज्य में 14,100 महिला उद्यमियों को सम्मानित किया जाएगा: तरुणप्रीत सिंह सौंद

भगवंत मान सरकार द्वारा 18 मार्च को पूरे राज्य में 14,100 महिला उद्यमियों को सम्मानित किया जाएगा: तरुणप्रीत सिंह सौंद

February 26, 2026
पंजाब में खनन व्यवस्था में बड़ा बदलाव! क्रशर-ओनर माइनिंग साइट्स की हुई शुरुआत

पंजाब में खनन व्यवस्था में बड़ा बदलाव! क्रशर-ओनर माइनिंग साइट्स की हुई शुरुआत

February 26, 2026
चॉकबोर्ड से स्मार्ट क्लासरूम तक: भगवंत मान सरकार पंजाब के सरकारी स्कूलों में लाई डिजिटल क्रांति

चॉकबोर्ड से स्मार्ट क्लासरूम तक: भगवंत मान सरकार पंजाब के सरकारी स्कूलों में लाई डिजिटल क्रांति

February 26, 2026
कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा ने वज़ीराबाद, मंडी गोबिंदगढ़ में कारगिल के दक्षिण एशिया के सबसे बड़े पशु आहार निर्माण संयंत्र का उद्घाटन किया

कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा ने वज़ीराबाद, मंडी गोबिंदगढ़ में कारगिल के दक्षिण एशिया के सबसे बड़े पशु आहार निर्माण संयंत्र का उद्घाटन किया

February 26, 2026
पटना में FIDSI का बड़ा कॉन्क्लेव: डायरेक्ट सेलिंग सेक्टर में पारदर्शिता और मॉनिटरिंग पर जोर

पटना में FIDSI का बड़ा कॉन्क्लेव: डायरेक्ट सेलिंग सेक्टर में पारदर्शिता और मॉनिटरिंग पर जोर

February 26, 2026

Categories

  • अपराध
  • अभी-अभी
  • करियर – शिक्षा
  • खेल
  • गीत संगीत
  • जीवन मंत्र
  • टेक्नोलॉजी
  • देश
  • बॉलीवुड
  • भोजपुरी
  • मनोरंजन
  • राजनीति
  • रोजगार
  • विदेश
  • व्यापार
  • व्रत त्योहार
  • शिक्षा
  • संपादकीय
  • स्पेशल स्टोरी
  • स्वास्थ्य
  • About us
  • Contact us

@ 2025 All Rights Reserved

No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • खेल
  • अपराध
  • करियर – शिक्षा
    • टेक्नोलॉजी
    • रोजगार
    • शिक्षा
  • जीवन मंत्र
    • व्रत त्योहार
  • स्वास्थ्य
  • मनोरंजन
    • बॉलीवुड
    • गीत संगीत
    • भोजपुरी
  • स्पेशल स्टोरी

@ 2025 All Rights Reserved