• About us
  • Contact us
Saturday, June 20, 2026
36 °c
New Delhi
38 ° Sun
37 ° Mon
Kadwa Satya
  • Home
  • संपादकीय
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • खेल
  • अपराध
  • करियर – शिक्षा
    • टेक्नोलॉजी
    • रोजगार
    • शिक्षा
  • जीवन मंत्र
    • व्रत त्योहार
  • स्वास्थ्य
  • मनोरंजन
    • बॉलीवुड
    • गीत संगीत
    • भोजपुरी
  • स्पेशल स्टोरी
No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • खेल
  • अपराध
  • करियर – शिक्षा
    • टेक्नोलॉजी
    • रोजगार
    • शिक्षा
  • जीवन मंत्र
    • व्रत त्योहार
  • स्वास्थ्य
  • मनोरंजन
    • बॉलीवुड
    • गीत संगीत
    • भोजपुरी
  • स्पेशल स्टोरी
No Result
View All Result
Kadwa Satya
No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • खेल
  • अपराध
  • करियर – शिक्षा
  • जीवन मंत्र
  • स्वास्थ्य
  • मनोरंजन
  • स्पेशल स्टोरी
Home देश

बागी विधायकों की अयोग्यता मामला: सुप्रीम कोर्ट का मुख्यमंत्री शिंदे को नोटिस

News Desk by News Desk
January 22, 2024
in देश
बागी विधायकों की अयोग्यता मामला: सुप्रीम कोर्ट का मुख्यमंत्री शिंदे को नोटिस
Share on FacebookShare on Twitter

नयी दिल्ली, 22 जनवरी (कड़वा सत्य) उच्चतम न्यायालय ने अयोग्यता याचिकाओं को खारिज करने के महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर के 10 जनवरी के फैसले को चुनौती देने वाली पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) समूह की याचिका पर सोमवार को मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उनके समर्थक विधायकों को नोटिस जारी किया।
मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति जे बी पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ ने मुख्यमंत्री श्री शिंदे एवं अन्य विधायकों से दो सप्ताह के भीतर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया।
पीठ ने यूबीटी समूह की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल से कहा कि संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत इसी तरह के एक मामले में उच्च न्यायालय विचार कर ही है और साथ ही पूछा कि ऐसे में इस क्या इस अदालत को इस मामले पर विचार करना चाहिए।
इस पर श्री ‌सिब्बल ने कहा कि मामला इस अदालत के आदेश की व्याख्या से जुड़ा है।इसके बाद पीठ ने नोटिस जारी करते हुए कहा कि वह इस मामले में अगली सुनवाई दो सप्ताह के बाद करेगी।
शीर्ष अदालत में यूबीटी समूह के सुनील प्रभु की ओर से दायर याचिका में दलील दी गई है कि विधानसभा अध्यक्ष का आदेश गैरकानूनी और विकृत थे।
विधानसभा अध्यक्ष ने 10 जनवरी को सभी अयोग्यता याचिकाओं को खारिज कर और शिंदे के समूह को असली शिवसेना घोषित कर दिया था।
याचिकाकर्ता यूबीटी गुट के श्री प्रभु ने विधानसभा अध्यक्ष के 10 जनवरी के फैसले के खिलाफ 15 जनवरी को शीर्ष अदालत में याचिका दायर की थी।
उन्होंने अपनी याचिका में कहा कि निर्णयों की ‘पूर्ण विकृति’ इस तथ्य से स्पष्ट है कि अयोग्यता याचिकाओं पर निर्णय लेते समय अध्यक्ष ने मुख्य निर्विवाद घटना यानी 30 जून 2022 को शपथ ग्रहण पर भी विचार नहीं किया है, जिसने निर्णायक रूप से स्थापित किया कि उनके सभी कार्य (21 जून 2022) का उद्देश्य महाराष्ट्र में अपने ही राजनीतिक दल के नेतृत्व वाली निर्वाचित सरकार को गिराना था।
याचिका में कहा गया,“अयोग्यता का इससे स्पष्ट मामला नहीं हो सकता था। श्री शिंदे ने राज्यपाल से मुलाकात की और 30 जून 2022 को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के समर्थन से मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। सभी प्रतिवादी विधायकों ने इस निर्णय का समर्थन किया, जो स्वयं स्वेच्छा से हार मानने के समान था।”
याचिका में कहा गया है कि दसवीं अनुसूची का उद्देश्य उन विधायकों को अयोग्य ठहराना है, जो अपने राजनीतिक दल के खिलाफ काम करते हैं। “हालांकि, यदि अधिकांश विधायकों को राजनीतिक दल माना जाता है, तो वास्तविक राजनीतिक दल के सदस्य बहुमत विधायकों की इच्छा के अधीन हो जाते हैं। यह पूरी तरह से असंवैधानिक है। इसे रद्द किया जाना चाहिए।”
वरिष्ठ अधिवक्ता निशांत पाटिल के माध्यम से दायर याचिका में कहा गया है,“विधायक दल एक कानूनी इकाई नहीं है। यह केवल एक राजनीतिक दल के टिकट पर चुने गए विधायकों के समूह को दिया गया एक नाम है, जो अस्थायी अवधि के लिए सदन के सदस्य होते हैं।”
याचिका में कहा गया है कि अध्यक्ष का फैसला संवैधानिक कानून के हितकारी सिद्धांत के विपरीत हैं, क्योंकि वे केवल राजनीतिक दल से संबंधित विधायकों के बहुमत को जीतकर दलबदल की बुराई को बेरोकटोक करने की अनुमति देता है।
याचिका में कहा गया है कि अध्यक्ष के फैसले में, “इस निर्विवाद तथ्य की कोई सराहना नहीं है कि श्री शिंदे भाजपा के समर्थन से मुख्यमंत्री बने और उनकी दलीलों और उनकी जिरह में की गई स्वीकारोक्ति कि वे 21 जून 2022 से भाजपा शासित राज्यों गुजरात और असम में थे।”
बीरेंद्र.संजय

Tags: caseChief MinisterDisqualificationnoticerebel MLAsShindeSupreme Courtअयोग्यतानोटिसबागीमामलामुख्यमंत्रीविधायकोंशिंदेसुप्रीम कोर्ट
Previous Post

मेरी स्थिति भी रामलला प्राण-प्रतिष्ठा के बाद वशिष्ठ ऋषि जैसी: रामभद्राचार्य

Next Post

हमें हर धर्म का आदर करना चाहिए : धर्मेन्द्र

Related Posts

आर्केस्ट्रा और स्पा में नाबालिग लड़कियों को काम पर रखने पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, जनहित याचिका पर केंद्र सरकार समेत कई संस्थाओं को नोटिस
देश

आर्केस्ट्रा और स्पा में नाबालिग लड़कियों को काम पर रखने पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, जनहित याचिका पर केंद्र सरकार समेत कई संस्थाओं को नोटिस

May 25, 2026
SC का बड़ा फैसला: शिक्षक सेवा और प्रमोशन के लिए अब अनिवार्य होगा TET, जानें किसे मिली राहत
देश

SC का बड़ा फैसला: शिक्षक सेवा और प्रमोशन के लिए अब अनिवार्य होगा TET, जानें किसे मिली राहत

September 2, 2025
सुप्रीम कोर्ट ने सीएलएटी-2025 नतीजे संबंधी सभी लंबित मामले दिल्ली हाईकोर्ट स्थानांतरित किया
देश

सुप्रीम कोर्ट ने सीएलएटी-2025 नतीजे संबंधी सभी लंबित मामले दिल्ली हाईकोर्ट स्थानांतरित किया

February 6, 2025
आसाराम डॉक्यूमेंट्री विवाद पर केंद्र, राज्य सरकारों को सुप्रीम कोर्ट का नोटिस
देश

आसा  डॉक्यूमेंट्री विवाद पर केंद्र, राज्य सरकारों को सुप्रीम कोर्ट का नोटिस

February 6, 2025
साय की कड़क चाय का जायका, अदरक वाली चाय ने जीता दिल
राजनीति

साय की कड़क चाय का जायका, अदरक वाली चाय ने जीता दिल

February 5, 2025
उच्चतम न्यायालय ने लंबे समय से दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को नियमितीकरण का आदेश दिया
देश

उच्चतम न्यायालय ने लंबे समय से दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को नियमितीकरण का आदेश दिया

February 5, 2025
Next Post
हमें हर धर्म का आदर करना चाहिए : धर्मेन्द्र

हमें हर धर्म का आदर करना चाहिए : धर्मेन्द्र

New Delhi, India
Saturday, June 20, 2026
Severe sandstorm
36 ° c
34%
17.6mh
43 c 34 c
Sun
41 c 33 c
Mon

ताजा खबर

भगवंत मान सरकार के ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ अभियान के तहत नशे से उबर रहे युवाओं को नई ज़िंदगी देने में अहम भूमिका निभा रहे हैं पुस्तकालय

भगवंत मान सरकार के ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ अभियान के तहत नशे से उबर रहे युवाओं को नई ज़िंदगी देने में अहम भूमिका निभा रहे हैं पुस्तकालय

June 19, 2026
अकालियों को ख्याली दुनिया से बाहर आ जाना चाहिए; सत्ता में वापसी की बजाय, अब उनकी जेल जाने की बारी आ गई है: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

अकालियों को ख्याली दुनिया से बाहर आ जाना चाहिए; सत्ता में वापसी की बजाय, अब उनकी जेल जाने की बारी आ गई है: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

June 19, 2026
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सतलुज पट्टी को बाढ़ों से बचाने और शाहकोट-लोहियां क्षेत्र में आवागमन को सुगम बनाने के लिए 38 किलोमीटर लंबी धुस्सी बांध लिंक सड़क का शिलान्यास किया

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सतलुज पट्टी को बाढ़ों से बचाने और शाहकोट-लोहियां क्षेत्र में आवागमन को सुगम बनाने के लिए 38 किलोमीटर लंबी धुस्सी बांध लिंक सड़क का शिलान्यास किया

June 19, 2026
पंजाब सरकार द्वारा कामकाजी महिलाओं के लिए राज्य में पांच वर्किंग वूमेन हॉस्टल निर्माणाधीन : डॉ. बलजीत कौर

पंजाब सरकार द्वारा कामकाजी महिलाओं के लिए राज्य में पांच वर्किंग वूमेन हॉस्टल निर्माणाधीन : डॉ. बलजीत कौर

June 19, 2026
पंजाब सरकार ने करोड़ों रुपये के बकाया की वसूली के लिए वैट और जीएसटी डिफॉल्टरों की संपत्तियों की नीलामी शुरू की: वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा

पंजाब सरकार ने करोड़ों रुपये के बकाया की वसूली के लिए वैट और जीएसटी डिफॉल्टरों की संपत्तियों की नीलामी शुरू की: वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा

June 19, 2026

Categories

  • अपराध
  • अभी-अभी
  • करियर – शिक्षा
  • खेल
  • गीत संगीत
  • जीवन मंत्र
  • टेक्नोलॉजी
  • देश
  • बॉलीवुड
  • भोजपुरी
  • मनोरंजन
  • राजनीति
  • रोजगार
  • विदेश
  • व्यापार
  • व्रत त्योहार
  • शिक्षा
  • संपादकीय
  • स्पेशल स्टोरी
  • स्वास्थ्य
  • About us
  • Contact us

@ 2025 All Rights Reserved

No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • खेल
  • अपराध
  • करियर – शिक्षा
    • टेक्नोलॉजी
    • रोजगार
    • शिक्षा
  • जीवन मंत्र
    • व्रत त्योहार
  • स्वास्थ्य
  • मनोरंजन
    • बॉलीवुड
    • गीत संगीत
    • भोजपुरी
  • स्पेशल स्टोरी

@ 2025 All Rights Reserved