• About us
  • Contact us
Sunday, January 18, 2026
14 °c
New Delhi
19 ° Mon
20 ° Tue
Kadwa Satya
  • Home
  • संपादकीय
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • खेल
  • अपराध
  • करियर – शिक्षा
    • टेक्नोलॉजी
    • रोजगार
    • शिक्षा
  • जीवन मंत्र
    • व्रत त्योहार
  • स्वास्थ्य
  • मनोरंजन
    • बॉलीवुड
    • गीत संगीत
    • भोजपुरी
  • स्पेशल स्टोरी
No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • खेल
  • अपराध
  • करियर – शिक्षा
    • टेक्नोलॉजी
    • रोजगार
    • शिक्षा
  • जीवन मंत्र
    • व्रत त्योहार
  • स्वास्थ्य
  • मनोरंजन
    • बॉलीवुड
    • गीत संगीत
    • भोजपुरी
  • स्पेशल स्टोरी
No Result
View All Result
Kadwa Satya
No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • खेल
  • अपराध
  • करियर – शिक्षा
  • जीवन मंत्र
  • स्वास्थ्य
  • मनोरंजन
  • स्पेशल स्टोरी
Home मनोरंजन

शास्त्रीय संगीत को फिल्म जगत में विशिष्ट पहचान दिलाई मन्ना डे ने

News Desk by News Desk
May 1, 2024
in मनोरंजन
शास्त्रीय संगीत को फिल्म जगत में विशिष्ट पहचान दिलाई मन्ना डे ने
Share on FacebookShare on Twitter

..जन्मदिवस 01 मई के अवसर पर ..
मुंबई, 01 मई (कड़वा सत्य) भारतीय सिनेमा जगत में मन्ना डे को एक ऐसे पार्श्वगायक के तौर पर याद किया जाता है जिन्होंने अपने लाजवाब पार्श्वगायन के जरिये शास्त्रीय संगीत को विशिष्ट पहचान दिलायी।
प्रबोध चन्द्र डे उर्फ मन्ना डे का जन्म एक मई 1919 को कोलकाता में हुआ था।मन्ना डे के पिता उन्हें वकील बनाना चाहते थे लेकिन उनका रूझान संगीत की ओर था और वह इसी क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते थे।जब मन्ना डे स्कूल में थे तो स्टेज शो किया करते थे। फिर धीरे-धीरे उनकी दिलचस्पी स्पोर्ट्स में भी बढ़ी और बॉक्सिंग और पहलवानी करने लगे। हालांकि आगे चलकर उन्होंने संगीत को ही चुना। मन्ना डे ने संगीत की प्रारंभिक शिक्षा अपने चाचा के.सी.डे से हासिल की।मन्ना डे के बचपन के दिनों का एक दिलचस्प वाक्या है।उस्ताद बादल खान और मन्ना डे के चाचा एक बार साथ-साथ रियाज कर रहे थे।तभी बादल खान ने मन्ना डे की आवाज सुनी और उनके चाचा से पूछा यह कौन गा रहा है।जब मन्ना डे को बुलाया गया तो उन्होंने अपने उस्ताद से कहा बस ऐसे ही गा लेता हूं लेकिन बादल खान ने मन्ना डे की छिपी प्रतिभा को पहचान लिया।इसके बाद वह अपने चाचा से संगीत की शिक्षा लेने लगे।
मन्नाडे 40 के दशक में अपने चाचा के साथ संगीत के क्षेत्र में अपने सपनों को साकार करने के लिए मुंबई आ गये ।वर्ष 1943 में फिल्म ‘तमन्ना’ में बतौर पार्श्वगायक उन्हें सुरैया के साथ गाने का मौका मिला।हालांकि इससे पहले वह फिल्म  राज्य में कोरस के रूप में गा चुके थे।दिलचस्प बात है, यही एक एकमात्र फिल्म थी जिसे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने देखा था ।शुरूआती दौर में मन्ना डे की प्रतिभा को पहचानने वालों में संगीतकार- शंकर जयकिशन का नाम खास तौर पर उल्लेखनीय है।इस जोड़ी ने मन्ना डे से अलग-अलग शैली में गीत गवाये।उन्होंने मन्ना डे से ‘आजा सनम मधुर चांदनी में हम’ जैसे रूमानी गीत और ‘केतकी गुलाब जूही’ जैसे शास्त्रीय राग पर आधारित गीत भी गवाए लेकिन दिलचस्प बात है कि शुरआत में मन्ना डे ने यह गीत गाने से मना कर दिया था।
संगीतकार शंकर जयकिशन ने जब मन्ना डे को ‘केतकी गुलाब जूही’ गीत गाने की पेशकश की तो पहले तो वह इस बात से घबरा गये कि भला वह महान शास्त्रीय संगीतकार भीमसेन जोशी के साथ कैसे गा पाएंगे।मन्ना डे ने सोचा कि कुछ दिनों के लिए मुंबई से दूर पुणे चला जाए।जब बात पुरानी हो जायेगी तो वह वापस मुंबई लौट आएंगे और उन्हें भीमसेन जोशी के साथ गीत नहीं गाना पड़ेगा लेकिन बाद में उन्होंने इसे चैंलेंज के रूप में लिया और ‘केतकी गुलाब जूही’ को अमर बना दिया ।
वर्ष 1950 में संगीतकार एस. डी. बर्मन की फिल्म मशाल में मन्ना डे को ‘ऊपर गगन’ विशाल गीत गाने का मौका मिला।फिल्म और गीत की सफलता के बाद बतौर पार्श्वगायक वह अपनी पहचान बनाने में सफल हो गये ।मन्ना डे को अपने करियर के शुरआती दौर में अधिक शोहरत नहीं मिली।इसकी मुख्य वजह यह रही कि उनकी सधी हुई आवाज किसी गायक पर फिट नहीं बैठती थी।यही कारण है कि एक जमाने में वह हास्य अभिनेता महमूद और चरित्र अभिनेता प्राण के लिए गीत गाने को मजबूर थे।वर्ष 1961 मे संगीत निर्देशक सलिल चौधरी के संगीत निर्देशन मे फिल्म काबुली वाला की सफलता के बाद मन्ना डे शोहरत की बुंलदियो पर जा पहुंचे।फिल्म काबुली वाला में मन्ना डे की आवाज में   धवन रचितयह गीत ‘ए मेरे प्यारे वतन ऐ मेरे बिछड़े चमन’ आज भी श्रोताओं की आंखो को नम कर देता है ।
प्राण के लिए उन्होंने फिल्म उपकार में ‘कस्मे वादे प्यार वफा’ और जंजीर में ‘यारी है ईमान मेरा यार मेरी जिंदगी’ जैसे गीत गाए।उसी दौर में उन्होंने फिल्म पड़ोसन में हास्य अभिनेता महमूद के लिए ‘एक चतुर नार’ गीत गाया तो उन्हें महमूद की आवाज समझा जाने लगा।आमतौर पर पहले माना जाता था कि मन्ना डे केवल शास्त्रीय गीत ही गा सकते हैं लेकिन बाद में उन्होंने ‘ऐ मेरे प्यारे वतन’, ‘ओ मेरी जोहरा जबीं’, ‘ये रात भीगी-भीगी’, ‘ना तो कारवां की तलाश है’ और ‘ए भाई जरा देख के चलो’ जैसे गीत गाकर अपने आलोचकों का मुंह सदा के लिए बंद कर दिया ।
प्रसिद्ध गीतकार   धवन ने मन्ना डे के बारे में कहा था मन्ना डे हर रेंज में गीत गाने में सक्षम है।जब वह उंचा सुर लगाते है तो ऐसा लगता है कि सारा आसमान उनके साथ गा रहा है जब वह नीचा सुर लगाते है तो लगता है उसमें पाताल जितनी गहराई है और यदि वह मध्यम सुर लगाते है तो लगता है उनके साथ सारी धरती झूम रही है ।मन्ना डे के पार्श्वगायन के बारे में प्रसिद्ध संगीतकार अनिल विश्वास ने एक बार कहा था कि मन्ना डे हर वह गीत गा सकते हैं।
जो मोहम्मद रफी, किशोर कुमार या मुकेश ने गाये हो लेकिन इनमें कोई भी मन्ना डे के हर गीत को नही गा सकता है।इसी तरह आवाज की दुनिया के बेताज बादशाह मोहम्मद रफी ने एक बार कहा था आप लोग मेरे गीत को सुनते हैं लेकिन यदि मुझसे पूछा जाये तो मैं कहूंगा कि मैं मन्ना डे के गीतों को ही सुनता हूं ।
संगीत निर्देशक कल्याणजी ने एक बार कहा था कि भारतीय संगीत इंडस्ट्री ने मन्ना डे जैसा शिक्षित गायक पहले कभी नहीं देखा गया. जिस तरह से वह शास्त्रीय संगीत, ठुमरी और गजल की सभी बारीकियों को जोड़ते हुए एक ठेठ फिल्मी गीत गाते थे, वैसा प्रतिभा कभी नहीं देखा गया था.
मन्ना डे केवल शब्दों को ही नहीं गाते थे, अपने गायन से वह शब्द के पीछे छिपे भाव को भी खूबसूरती से सामने लाते थे।शायद यही कारण है कि प्रसिद्ध हिन्दी कवि हरिवंश राय बच्चन ने अपनी अमर कृति ‘मधुशाला’ कोस्वर देने के लिये मन्ना डे का चयन किया ।मन्ना डे को फिल्मों में उल्लेखनीय योगदान के लिए 1971 में पदमश्री पुरस्कार और 2005 में पदमभूषण पुरस्कार से सम्मानित किया गया।इसके अलावा वह 1969 में फिल्म मेरे हुजूर के लिये सवश्रेष्ठ पार्श्वगायक।
1971 में बंगला फिल्म ‘निशि पदमा’ के लिये सर्वश्रेष्ठ पार्श्वगायक और 1970 में प्रदर्शित फिल्म ‘मेरा नाम जोकर’ के लिएफिल्म फेयर के सर्वश्रेष्ठ पार्श्वगायक पुरस्कार से सम्मानित किये गये ।
मन्ना डे के संगीत के सुरीले सफर में एक नया अध्याय जुड़ गया जब फिल्मों में उनके उल्लेखनीय योगदान को देखते हुये उन्हें वर्ष 2007 में दादा साहब फाल्केपुरस्कार से सम्मानित किया गया।मन्ना डे ने अपने पांच दशक के कैरियर में लगभग 3500 गीत गाये।उन्होंने कविता और सुर का ऐसा मिश्रण तैयार किया जैसा भारतीय सिनेमा में किसी और ने नहीं किया हो. चाहे वह रवीन्द्र संगीत हो, यादगार बंगाली गाने हों या बॉलीवुड के हिट नंबर हों, उनकी बहुमुखी प्रतिभा को उनकी आवाज में दी गई हर धुन में देखा जा सकता है।मन्ना डे ने केरल की रहने वाली सुलोचना कुमारन से शादी की थी। अपने लाजवाब पार्श्वगायन से श्रोताओं के दिल में खास पहचान बनाने वाले मन्ना डे 24 अक्तूबर 2013 को इस दुनिया को अलविदा कह गये।
 
कड़वा सत्य

Tags: classicalfilmIdentityManna DeymusicSpecialworldजगतदिलाईपहचानफिल्ममन्ना डेविशिष्टशास्त्रीयसंगीत
Previous Post

दिल्ली के तीस हजारी कोर्ट में जॉली एलएलबी 3 की शूटिंग शुरू करेंगे अक्षय-अरशद

Next Post

एक्शन-एंटरटेनर फिल्म में आएंगे नजर आयेंगे   पंचोली

Related Posts

आवाज के जादू से संगीत प्रेमियों के दिलों पर राज किया लता मंगेश्कर ने
मनोरंजन

आवाज के जादू से संगीत  ियों के दिलों पर राज किया लता मंगेश्कर ने

February 6, 2025
आवाज के जादू से संगीत प्रेमियों के दिलों पर राज किया लता मंगेश्कर ने
बॉलीवुड

आवाज के जादू से संगीत  ियों के दिलों पर राज किया लता मंगेश्कर ने

February 6, 2025
सैफ अली खान मामले में घरेलू सहायिकाओं ने की आरोपी की पहचान
राजनीति

सैफ अली खान मामले में घरेलू सहायिकाओं ने की आरोपी की पहचान

February 6, 2025
'मैचबॉक्स' की शूटिंग के बीच रणदीप हुड्डा ने पत्नी लिन लैशराम के साथ बुडापेस्ट में बिताया खास पल
मनोरंजन

‘मैचबॉक्स’ की शूटिंग के बीच रणदीप हुड्डा ने पत्नी लिन लैश  के साथ बुडापेस्ट में बिताया खास पल

February 5, 2025
लॉरियस विश्व खेल पुरस्कार की घोषणा 21 अप्रैल होगी
खेल

लॉरियस विश्व खेल पुरस्कार की घोषणा 21 अप्रैल होगी

February 4, 2025
जुनैद खान और खुशी कपूर की फ़िल्म ‘लवयापा’ की स्पेशल स्क्रीनिंग में सितारों का जमावड़ा
मनोरंजन

जुनैद खान और खुशी कपूर की फ़िल्म ‘लवयापा’ की स्पेशल स्क्रीनिंग में सितारों का जमावड़ा

February 4, 2025
Next Post
एक्शन-एंटरटेनर फिल्म में आएंगे नजर आयेंगे सूरज पंचोली

एक्शन-एंटरटेनर फिल्म में आएंगे नजर आयेंगे   पंचोली

New Delhi, India
Sunday, January 18, 2026
Mist
14 ° c
88%
7.6mh
25 c 14 c
Mon
26 c 16 c
Tue

ताजा खबर

AAP सांसद मलविंदर कंग की PM मोदी से मांग: ‘फर्जी वीडियो फैलाकर सिख भावनाएं भड़काने वालों पर सख्त कार्रवाई हो’

AAP सांसद मलविंदर कंग की PM मोदी से मांग: ‘फर्जी वीडियो फैलाकर सिख भावनाएं भड़काने वालों पर सख्त कार्रवाई हो’

January 18, 2026
अकालियों की सत्ता के दौरान होती गुंडागर्दी और बेअदबी को लोग कभी भूल नहीं सकते: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

अकालियों की सत्ता के दौरान होती गुंडागर्दी और बेअदबी को लोग कभी भूल नहीं सकते: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

January 18, 2026
Sultanganj-Aguwani Ghat Ganga Bridge: सचिव पंकज कुमार पाल ने ली हाई-लेवल मीटिंग, IIT रुड़की से डिज़ाइन वेटिंग के बाद ब्रिज फाउंडेशन कार्य तेज करने का निर्देश

Sultanganj-Aguwani Ghat Ganga Bridge: सचिव पंकज कुमार पाल ने ली हाई-लेवल मीटिंग, IIT रुड़की से डिज़ाइन वेटिंग के बाद ब्रिज फाउंडेशन कार्य तेज करने का निर्देश

January 18, 2026
फोरेंसिक रिपोर्ट अदालती रिकॉर्ड का हिस्सा है, राजनीतिक राय नहीं: ‘आप’ ने जाखड़ और परगट सिंह को दी चेतावनी

फोरेंसिक रिपोर्ट अदालती रिकॉर्ड का हिस्सा है, राजनीतिक राय नहीं: ‘आप’ ने जाखड़ और परगट सिंह को दी चेतावनी

January 17, 2026
स्मार्ट सिटी का नया मॉडल: मौत और दूषित पानी

स्मार्ट सिटी का नया मॉडल: मौत और दूषित पानी

January 17, 2026

Categories

  • अपराध
  • अभी-अभी
  • करियर – शिक्षा
  • खेल
  • गीत संगीत
  • जीवन मंत्र
  • टेक्नोलॉजी
  • देश
  • बॉलीवुड
  • भोजपुरी
  • मनोरंजन
  • राजनीति
  • रोजगार
  • विदेश
  • व्यापार
  • व्रत त्योहार
  • शिक्षा
  • संपादकीय
  • स्पेशल स्टोरी
  • स्वास्थ्य
  • About us
  • Contact us

@ 2025 All Rights Reserved

No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • खेल
  • अपराध
  • करियर – शिक्षा
    • टेक्नोलॉजी
    • रोजगार
    • शिक्षा
  • जीवन मंत्र
    • व्रत त्योहार
  • स्वास्थ्य
  • मनोरंजन
    • बॉलीवुड
    • गीत संगीत
    • भोजपुरी
  • स्पेशल स्टोरी

@ 2025 All Rights Reserved