श्रीनगर, 03 नवंबर (कड़वा सत्य) जम्मू-कश्मीर राजभवन ने केरल, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, चंडीगढ़, पुडुचेरी, दिल्ली, लक्षद्वीप, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में एक सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया।
इस अवसर पर छात्र, सुरक्षाकर्मी और संबंधित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लोग विशेष रूप से आमंत्रित थे।
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सभा को संबोधित करते हुए आंध्र प्रदेश, केरल, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, कर्नाटक, तमिलनाडु, चंडीगढ़, पुडुचेरी, दिल्ली, लक्षद्वीप, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह की महान हस्तियों के महत्वपूर्ण योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के स्थापना दिवस का पालन हमारे महान राष्ट्र की विविधता में एकता का जश्न मनाने और लोगों के बीच पारंपरिक रूप से मौजूद भावनात्मक बंधनों को मजबूत करने का अवसर है।
उपराज्यपाल ने कहा,“प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के बीच गहन और संरचित जुड़ाव के माध्यम से राष्ट्रीय एकता की भावना को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता ने सांस्कृतिक आदान-प्रदान को मजबूत किया है और एक भारत श्रेष्ठ भारत की भावना के साथ आपसी समन्वय को प्रेरित किया है।”
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने अपनी वास्तविक क्षमता को पहचाना है और विभिन्न क्षेत्रों में नई उपलब्धियां हासिल कर रहे हैं।
कलाकारों के मनमोहक प्रदर्शन की सराहना करते हुए उपराज्यपाल ने कहा कि आज के कार्यक्रम में समृद्ध विरासत, संस्कृति और परंपरा को उजागर किया गया है, जो साझा पहचान की भावना को बढ़ावा देता है। उन्होंने लोगों, विशेषकर युवाओं से आह्वान किया कि वे समावेशी और प्रगतिशील समाज के निर्माण के लिए समर्पण के साथ काम करें ताकि विकसित भारत 2047 के सपने को साकार किया जा सके।
कड़वा सत्य