नयी दिल्ली/देहरादून, 26 जनवरी (कड़वा सत्य) नयी दिल्ली में रविवार को गणतंत्र दिवस परेड के दौरान, कर्तव्य पथ पर निकली उत्तराखंड राज्य की झांकी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का भी ध्यान आकर्षित किया है। उन्होंने हाथ हिलाकर उत्तराखंड की झांकी का अभिवादन किया। अन्य उपस्थित गणमान्य लोगों ने भी इस दौरान, उत्तराखंड की झांकी का ताली बजाकर स्वागत किया।
गणतंत्र दिवस समोराह में इस वर्ष उत्तराखंड सहित 15 राज्यों की झांकियां थी। राज्य झांकी की थीम इस बार ‘सांस्कृतिक विरासत एवं साहसिक खेल’ रखा गया था। मार्च पास्ट के दौरान जैसे ही झांकी प्रधानमंत्री के सामने से होकर गुजरी, उन्होंने हाथ हिलाकर टीम का अभिवादन किया। इससे उनका एक बार फिर उत्तराखंड को लेकर अपनापन झलका है।
उल्लेखनीय है कि देवभूमि उत्तराखंड राज्य की इस झांकी में राज्य की समृ़द्ध सांस्कृतिक विरासत, प्राकृतिक सुन्दरता एवं साहसिक खेल एवं पर्यटन को दर्शाया गया। झांकी के अग्र भाग में उत्तराखंड की पारम्परिक वेशभूषा में प्रसिद्ध ऐपण कला को बनाती हुई महिला को दिखाया गया। इस कला को उत्तराखंडी महिलाओं द्वारा पूजा कक्षों, घरों के प्रवेश द्वारों के फर्श और दीवारों पर बनाया जाता है। इसको बनाने के लिए चावल का आटा तथा गेरु का उपयोग किया जाता है। झांकी के ट्रेलर पार्ट में उत्तराखंड के साहसिक खेलों एवं साहसिक पर्यटन को चित्रित किया गया। जिसमें नैनीताल और मसूरी में हिल साइकिलिंग, फूलों की घाटी और केदारकांठा की ट्रैकिंग, ओली में स्नो स्कीइंग तथा ऋषिकेश में योगा, बंजी जम्पिंग, जिप-लाइनिंग एवं रॉक क्लाइम्बिंग शामिल थे।
नोडल अधिकारी और सूचना विभाग के संयुक्त निदेशक केएस चौहान ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार, राज्य सरकार द्वारा सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने और साहसिक खेलों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए गणतंत्र दिवस की परेड में झांकी के रूप में प्रदर्शित करने का निर्णय लिया गया।
दूसरी ओर, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज के प्रधानमंत्री के व्यवहार पर कहा कि उत्तराखंड राज्य की झांकी वास्तव में बहुत आकर्षक बनी थी। राज्य की झांकी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है, जो हम सबके लिए गर्व का विषय है। सूचना विभाग के साथ ही सभी कलाकार इसके लिए बधाई के पात्र हैं।
सुमिताभ.
कड़वा सत्य