नयी दिल्ली 21 जुलाई (कड़वा सत्य) ऑल इंडिया रेलवेमेन्स फेडरेशन (एआईआरएफ) और नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन रेलवेमेन (एनएफआईआर) ने कुछ संगठनों की ओर से रेलवे को लेकर की गयी टिप्पणियों को भ् क करार दिया है और कहा है कि इससे रेलवे के बारे में भ्रम और अविश्वास की गुंजाइश पैदा हो गई है।
एआईआरएफ और एनएफआईआर ने रविवार को संयुक्त बयान जारी कर कहा कि कुछ संगठनों की ओर से भारतीय रेलवे को लेकर एक वक्तव्य जारी किया गया है, जिससे रेलवे के बारे में भ्रम और अविश्वास की गुंजाइश पैदा हो गई है। बयन में कहा कि रेलवे के सभी कर्मचारी ट्रेनों के सुरक्षित संचालन के लिए अपनी क्षमता के अनुसार दिन-रात कड़ी मेहनत करते हैं। यह बात साल दर साल ट्रेन दुर्घटनाओं में कमी से स्पष्ट होती है। बयान में कहा गया कि भले ही दुर्घटना का प्रथम दृष्टया कारण बता दिया गया हो, लेकिन रेलवे में होने वाली हर दुर्घटना के बाद हमेशा नागरिक पंजीकरण प्रणाली (सीआरएस) या बहु-विषयक टीम द्वारा दुर्घटना के कारण का पता लगाने और उपचारात्मक उपाय सुझाने के लिए विस्तृत जांच की जाती है, जिसके आधार पर कार्रवाई की जाती है।
संयुक्त बयान में कहा गया कि दोनों महासंघ (एआईआरएफ और एनएफआईआर) सुरक्षा मानकों को और बेहतर बनाने के लिए सुझाव भी देते रहे हैं। कुशल और मेहनती रेलवे कर्मचारी देश के लोगों को परिवहन का सबसे सस्ता साधन उपलब्ध कराते हैं। हम गर्व से कहते हैं कि हम यात्रियों की सुरक्षा और संपत्तियों की सुरक्षा के लिए काम करना जारी रखते हैं। हालांकि यह दुखद है कि रेलवे कर्मचारियों की कड़ी मेहनत की सराहना करने के बजाय, रेलवे कर्मचारियों का मनोबल गिराने वाली टिप्पणियां की जा रही हैं।
बयान में कहा गया कि बेशक, काम की कठोरता को कम करने के लिए कर्मचारियों की कार्य स्थितियों में सुधार की हमेशा गुंजाइश रहती है। हम चीजों को और बेहतर बनाने के लिए सभी स्तरों पर नियमित बैठकें और बातचीत कर रहे हैं।
दोनों फेडरेशनों की ओर से जारी बयान में कहा गया कि हाल के वर्षों में 05 लाख से अधिक कर्मचारी रेलवे में शामिल हुए हैं। साथ ही हाल ही में 1.5 लाख उम्मीदवारों को नियुक्त करने की प्रक्रिया पूरी हो गई है और 18,000 से अधिक लोको पायलटों की भर्ती के लिए कार्रवाई शुरू हो गई है। वार्षिक परीक्षा कैलेंडर प्रकाशित करने की लंबे समय से लंबित मांग को स्वीकार कर लिया गया है और जूनियर इंजीनियर, तकनीशियन आदि जैसी श्रेणियां भी भर्ती की पाइपलाइन में हैं।
भारतीय रेलवे में प्रशिक्षण की एक अच्छी तरह से स्थापित प्रणाली है। सभी रेलवे कर्मचारी भारतीय रेलवे के विभिन्न प्रशिक्षण संस्थानों में रिफ्रेशर कोर्स, सुरक्षा पाठ्यक्रम, उपकरण पाठ्यक्रम आदि के माध्यम से नियमित प्रशिक्षण लेते हैं। जब भी नई तकनीक लागू की जाती है, तो लोको पायलटों को प्रशिक्षण/प र्श के बाद योग्यता प्रमाण पत्र दिए जाते हैं।
बयान में कहा गया, ” रेलवे 12 लाख कर्मचारियों वाला एक विशाल संगठन है। इस संगठन की कार्यप्रणाली बाहरी लोगों को आसानी से समझ में नहीं आती। ऐसे जटिल कार्य परिदृश्य में, कार्यप्रणाली को समझे बिना, जाने-अनजाने में की गई प्रतिकूल टिप्पणियां राष्ट्र के समग्र हित में नहीं हो सकती हैं। इसलिए महासंघ व्यक्तियों और संगठनों से राष्ट्र के समग्र हित के लिए रचनात्मक तरीके से सहायता करने की अपील करता है।”
दोनों फेडरेशनों की ओर से जारी बयान में कहा गया कि हम गैर-रेलवे यूनियनों/संगठनों आदि द्वारा जारी किए गए बयानों की सराहना नहीं करते हैं, क्योंकि ये बयान आम लोगों के मन में आशंका और डर का माहौल पैदा करेंगे। बयान में कहा गया कि एआईआरएफ और एनएफआईआर रेलवे कर्मचारियों के सच्चे प्रतिनिधि हैं। हम सभी श्रेणियों के रेलवे कर्मचारियों की चिंताओं/मुद्दों को संतोषजनक निवारण सुनिश्चित करने के लिए उठाते हैं। हम रेलवे कर्मचारी एक टीम के रूप में रेलवे के सुरक्षित संचालन और राष्ट्र की सेवा के लिए प्रतिबद्ध हैं।
संतोष
कड़वा सत्य