• About us
  • Contact us
Monday, January 12, 2026
6 °c
New Delhi
16 ° Tue
16 ° Wed
Kadwa Satya
  • Home
  • संपादकीय
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • खेल
  • अपराध
  • करियर – शिक्षा
    • टेक्नोलॉजी
    • रोजगार
    • शिक्षा
  • जीवन मंत्र
    • व्रत त्योहार
  • स्वास्थ्य
  • मनोरंजन
    • बॉलीवुड
    • गीत संगीत
    • भोजपुरी
  • स्पेशल स्टोरी
No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • खेल
  • अपराध
  • करियर – शिक्षा
    • टेक्नोलॉजी
    • रोजगार
    • शिक्षा
  • जीवन मंत्र
    • व्रत त्योहार
  • स्वास्थ्य
  • मनोरंजन
    • बॉलीवुड
    • गीत संगीत
    • भोजपुरी
  • स्पेशल स्टोरी
No Result
View All Result
Kadwa Satya
No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • खेल
  • अपराध
  • करियर – शिक्षा
  • जीवन मंत्र
  • स्वास्थ्य
  • मनोरंजन
  • स्पेशल स्टोरी
Home मनोरंजन बॉलीवुड

कड़े संघर्ष के बाद फिल्मों में पहचान बनायी अजित ने

News Desk by News Desk
January 27, 2025
in बॉलीवुड
कड़े संघर्ष के बाद फिल्मों में पहचान बनायी अजित ने
Share on FacebookShare on Twitter

..जन्मदिवस 27 जनवरी के अवसर पर ..

मुंबई, 27 जनवरी (कड़वा सत्य) दर्शकों में अपनी विशिष्ट अदाकारी और संवाद अदायगी के लिए मशहूर अभिनेता अजित को बालीवुड में एक अलग मुकाम हासिल करने के लिए प्रारंभिक दौर में कड़ा संघर्ष करना पड़ा था।

गोलकुंडा में 27 जनवरी 1922 को जन्में हामिद अली खान उर्फ अजित को बचपन से ही अभिनय करने का शौक था। उनके पिता बशीर अली खान हैदराबाद में निजाम की सेना में काम करते थे। अजित ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा आंध्र प्रदेश के वारांगल जिले से पूरी की। चालीस के दशक में उन्होंने नायक बनने के लिये फिल्म इंडस्ट्री का रूख किया और अपने अभिनय जीवन की शुरूआत वर्ष 1946 में प्रदर्शित फिल्म ‘शाहे मिस्र’ से की।वर्ष 1946 से 1956 तक अजित फिल्म इंडस्ट्री मे अपनी जगह बनाने के लिये संघर्ष करते रहे। वर्ष 1950 में निर्देशक के. अमरनाथ ने उन्हें सलाह दी कि वह अपना फिल्मी नाम छोटा कर ले। इसके बाद उन्होंने अपना फिल्मी नाम ..हामिद अली खान ..की जगह पर अजित रखा और के.अमरनाथ के निर्देशन में बनी फिल्म ‘बेकसूर’ में बतौर नायक काम किया।

वर्ष 1957 मे बीर. आर. चोपड़ा की की फिल्म ‘नया दौर’ में वह ग् ीण की भूमिका मे दिखाई दिये। इस फिल्म में उनकी भूमिका ग्रे शेडस वाली थी। यह पिल्म पूरी तरह अभिनेता दिलीप कुमार पर केन्द्रित थी फिर भी वह दिलीप कुमार जैसे अभिनेता की उपस्थिति मे अपने अभिनय की छाप दर्शको के बीच छोड़ने मे कामयाब रहे। नया दौर की सफलता के बाद अजित ने यह निश्चय किया कि वह खलनायकी में ही अपने अभिनय का जलवा दिखाएंगे। वर्ष 1960 मे प्रदर्शित फिल्म ‘मुगले आजम’ में एक बार फिर से उनके सामने हिन्दी फिल्म जगत के अभिनय सम्राट दिलीप कुमार थे लेकिन अजित ने अपनी छोटी सी भूमिका के जरिये दर्शको की वाहवाही लूट ली।

वर्ष 1973 अजित के सिने कैरियर का अहम पड़ाव साबित हुआ। उस वर्ष उनकी जंजीर, यादों की बारात, समझौता, कहानी किस्मत की और जुगनू जैसी फिल्में प्रदर्शित हुयी जिन्होंने बॉक्स आफिस पर सफलता के नये कीर्तिमान स्थापित किये। इन फिल्मों की सफलता के बाद अजित ने उन उंचाइयों को छू लिया जिसके लिये वह अपने सपनों के शहर मुंबई आये थे।

अजित के पसंद के किरदार की बात करें तो उन्होनें सबसे पहले अपना मनपसंद और कभी भुलाया नहीं जा सकने वाला किरदार निर्माता निर्देशक सुभाष घई की 1976 मे प्रर्दशित फिल्म कालीचरण में निभाया। फिल्म कालीचरण में उनका निभाया किरदार ..लॉयन.. तो उनके नाम का पर्याय ही बन गया था। फिल्म में उनका संवाद ..सारा शहर मुझे लॉयन के नाम से जानता है .. आज भी बहुत लोकप्रिय है और गाहे बगाहे लोग इसे बोलचाल में इस्तेमाल करते हैं। इसके अलावा उनके .. लिली डोंट बी सिली.. और मोना डार्लिग जैसे संवाद भी सिने  ियों के बीच काफी लोकप्रिय हुये।

फिल्म कालीचरण की कामयाबी के बाद अजित के सिने कैरियर में जबरदस्त परिवर्तन आया और वह खलनायकी की दुनिया के बेताज बादशाह बन गये। इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नही देखा और अपने दमदार अभिनय से दर्शको की वाहवाही लूटते रहे। खलनायक की प्रतिभा के निखार में नायक की प्रतिभा बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसी कारण अभिनेता धर्मेन्द्र के साथ अजित के निभाये किरदार अधिक प्रभावी रहे। उन्होंने धमेन्द्र के साथ यादो की बारात, जुगनू, प्रतिज्ञा, चरस, आजाद,   बल  रजिया सुल्तान और राज तिलक जैसी अनेक कामयाब फिल्मों में काम किया।

नब्बे के दशक में अजित ने स्वास्थ्य खराब रहने के कारण फिल्मों में काम करना कुछ कम कर दिया। इस दौरान उन्होंने जिगर, शक्तिमान, आदमी, आतिश, आ गले लग जा और बेताज बादशाह जैसी कई फिल्मों में अपनी अभिनय से दर्शकों का मनोरंजन किया। संवाद अदायगी के बेताज बादशाह अजित ने करीब चार दशक के फिल्मी कैरियर में लगभग 200 फिल्मों में अपने अभिनय का जौहर दिखाया। अजित 22 अक्टूबर 1998 को इस दुनिया से रूखसत हो गये।

 

कड़वा सत्य

Tags: AfterAjitfilmshimselfmadenamestruggletoughअजितकड़ेपहचानफिल्मोंबनायीबादसंघर्ष
Previous Post

‘आप-दा’ के कुशासन का अंत होने वाला है: शाह

Next Post

पचास-साठ के दशक के सुपरस्टार थे भारत भूषण

Related Posts

सैफ अली खान मामले में घरेलू सहायिकाओं ने की आरोपी की पहचान
राजनीति

सैफ अली खान मामले में घरेलू सहायिकाओं ने की आरोपी की पहचान

February 6, 2025
गुजरात जायंट्स ने एश्ले गार्डनर को बनाया टीम का कप्तान
खेल

गुजरात जायंट्स ने एश्ले गार्डनर को बनाया टीम का कप्तान

February 5, 2025
राफा क्रॉसिंग के फिर से खुलने के बाद से गाजा के 94 मरीज पंहुचे मिस्र
विदेश

राफा क्रॉसिंग के फिर से खुलने के बाद से गाजा के 94 मरीज पंहुचे मिस्र

February 4, 2025
10 मीटर एयर पिस्टल महिला स्पर्धा में आठ निशानेबाजों ने फाइनल में बनाई जगह
खेल

10 मीटर एयर पिस्टल महिला स्पर्धा में आठ निशानेबाजों ने फाइनल में बनाई जगह

February 4, 2025
बीकन ने कनाडाई एनआरआई के लिए भारत में बिल भुगतान को किया आसान
व्यापार

बीकन ने कनाडाई एनआरआई के लिए भारत में बिल भुगतान को किया आसान

February 4, 2025
करुणारत्ने 100वां टेस्ट मैच खेलने के बाद टेस्ट क्रिकेट से लेंगे संन्यास
खेल

करुणारत्ने 100वां टेस्ट मैच खेलने के बाद टेस्ट क्रिकेट से लेंगे संन्यास

February 4, 2025
Next Post
पचास-साठ के दशक के सुपरस्टार थे भारत भूषण

पचास-साठ के दशक के सुपरस्टार थे भारत भूषण

New Delhi, India
Monday, January 12, 2026
Mist
6 ° c
93%
9.7mh
22 c 11 c
Tue
22 c 11 c
Wed

ताजा खबर

पंजाब सरकार का बड़ा कदम: बठिंडा जिला पुस्तकालय में ‘मिशन प्रगति’ शुरू, प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मुफ्त कोचिंग और फिजिकल ट्रेनिंग

पंजाब सरकार का बड़ा कदम: बठिंडा जिला पुस्तकालय में ‘मिशन प्रगति’ शुरू, प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मुफ्त कोचिंग और फिजिकल ट्रेनिंग

January 11, 2026
भगवंत मान सरकार का रिकॉर्ड: 16 मार्च 2022 से रोज़ औसतन 45 युवाओं को मिली सरकारी नौकरी, 1,746 कांस्टेबलों को नियुक्ति पत्र

भगवंत मान सरकार का रिकॉर्ड: 16 मार्च 2022 से रोज़ औसतन 45 युवाओं को मिली सरकारी नौकरी, 1,746 कांस्टेबलों को नियुक्ति पत्र

January 11, 2026
‘हर घर नल का जल’ के बाद अगला फोकस: O&M नीति से गुणवत्तापूर्ण जलापूर्ति सुनिश्चित करने की तैयारी

‘हर घर नल का जल’ के बाद अगला फोकस: O&M नीति से गुणवत्तापूर्ण जलापूर्ति सुनिश्चित करने की तैयारी

January 10, 2026
बिहार में 240 प्रखंडों के नए कार्यालय भवन: गुणवत्ता सुनिश्चित करने को अभियंताओं का विशेष प्रशिक्षण

बिहार में 240 प्रखंडों के नए कार्यालय भवन: गुणवत्ता सुनिश्चित करने को अभियंताओं का विशेष प्रशिक्षण

January 10, 2026
मान सरकार के डिजिटल विज़न से ईज़ी रजिस्ट्री ने बनाया रिकॉर्ड, 6 महीनों में 3.70 लाख से ज्यादा रजिस्ट्रियां हुई दर्ज

मान सरकार के डिजिटल विज़न से ईज़ी रजिस्ट्री ने बनाया रिकॉर्ड, 6 महीनों में 3.70 लाख से ज्यादा रजिस्ट्रियां हुई दर्ज

January 10, 2026

Categories

  • अपराध
  • अभी-अभी
  • करियर – शिक्षा
  • खेल
  • गीत संगीत
  • जीवन मंत्र
  • टेक्नोलॉजी
  • देश
  • बॉलीवुड
  • भोजपुरी
  • मनोरंजन
  • राजनीति
  • रोजगार
  • विदेश
  • व्यापार
  • व्रत त्योहार
  • शिक्षा
  • संपादकीय
  • स्पेशल स्टोरी
  • स्वास्थ्य
  • About us
  • Contact us

@ 2025 All Rights Reserved

No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • खेल
  • अपराध
  • करियर – शिक्षा
    • टेक्नोलॉजी
    • रोजगार
    • शिक्षा
  • जीवन मंत्र
    • व्रत त्योहार
  • स्वास्थ्य
  • मनोरंजन
    • बॉलीवुड
    • गीत संगीत
    • भोजपुरी
  • स्पेशल स्टोरी

@ 2025 All Rights Reserved