नयी दिल्ली, 24 सितंबर (कड़वा सत्य) केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को किसानों और किसान संगठनों के सुझावों पर संबंधित अधिकारियों को कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए।
श्री चौहान ने यहां पूसा परिसर में किसानों और किसान संगठनों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की तथा खेती और किसानी पर गंभीरता से विचार विमर्श किया। इस अवसर पर श्री चौहान ने कहा कि वह प्रत्येक मंगलवार को राष्ट्रीय राजधानी के पूसा परिसर में किसानों और किसान संगठनों से मुलाकात किया करेंगे।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि किसानों और देश हित में फैसले लिए जा रहे हैं। किसानों के साथ मिल-बैठकर समाधान का प्रयास हो रहे हैं। उन्होंने कहा, “अंतरात्मा की आवाज पर किसानों की भलाई के लिए काम कर रहे हैं तथा पूरी ईमानदारी से कोशिश हो रही है।”
मुलाकात के दौरान श्री चौहान ने किसानों और किसान संगठनों की शिकायतों तथा सुझावों को सुना। विभिन्न राज्यों के किसान संगठनों ने कृषि क्षेत्र में हुए सुधारों को महत्वपूर्ण बताया और उन्हें लागू करने के सुझाव दिए। इनमें किसान नेता सर्वश्री धर्मपाल सिंह चौहान, सतेन्द्र सिंह तुगाना, रघुनाथ दादा पाटिल सहित अन्य कई सदस्य शामिल थे।
केंद्रीय कृषि मंत्री ने आश्वस्त किया कि सभी सुझावों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।
किसानों-किसान संगठनों से संवाद के दौरान श्री चौहान ने संबंधित अधिकारियों को कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा,“हमारे अधिकारी प्राप्त सुझावों पर तत्काल गंभीरतापूर्वक विचार करें और किसानों के हित में जो भी कार्य किए जा सकते हैं, इसकी पूरी कार्य योजना मेरे समक्ष रखें ताकि आवश्यक निर्णय लेकर उन्हें लागू किया जा सकें।” उन्होंने कहा कि किसानों की भलाई, उनके उत्थान के लिए कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी जायेगी।
चर्चा के दौरान किसानों को सभी फसलों के उचित दाम दिलाने के लिए सुझाव दिए गये।
फल-सब्जी, दूध, शहद आदि का भी उचित भाव दिलाने की मांग की गई।
सरकार की बाजार हस्तक्षेप योजना को और प्रभावी बनाने, प्राकृतिक आपदाओं के मद्देनजर फसल बीमा योजना में छोटे किसानों पर ध्यान देने,जलवायु परिवर्तन से कृषि को बचाने के लिए वृहद कार्ययोजना लाने, सस्ते-प् ाणिक बीज उपलब्ध कराने, किसान सम्मान निधि में आवश्यक संशोधन करने,आवारा पशुओं से फसलों की सुरक्षा की व्यवस्था करने,कृषि उत्पादों का निर्यात निर्बाध जारी रखने और कृषि आयात को नियंत्रित करने की मांग किसान संगठनों ने की।
श्री चौहान ने मुलाकात के दौरान किसानों और किसान संगठनों को कृषि और किसानों के हित में लिए गए सरकार के फैसलों से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र के समग्र विकास के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में लगातार काम किया जा रहा है।
कृषि जगत से जुड़ी अनेक योजनाएं पिछले 10 वर्षों में लागू की गई है और ये क्रम जारी है।
मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल के पहले 100 दिनों में अभी तक सात बड़ी योजनाएं मंजूर की गयी हैं। इन योजनाओं पर केंद्र सरकार 15 हजार करोड़ रुपए खर्च करेगी, जिससे किसानों को लाभ होगा। इसके अलावा 2817 करोड़ रुपए डिजिटल कृषि मिशन के लिए दिए जाएंगे। टेक्नालाॅजी से कृषि सुधार जारी रहेगा।
देश में कृषि उत्पादन एवं उत्पादकता बढ़ाने पर सरकार निरंतर ध्यान दे रही है।
कृषि निर्यात को बढ़ावा देने हेतु प्याज और बासमती चावल पर न्यूनतम निर्यात मूल्य खत्म किया गया है। दलहन में आत्मनिर्भरता के लिए ठोस कदम उठाएं हैं।
श्री चौहान ने कहा कि तुअर, उड़द और मसूर एक-एक दाना खरीदा जायेगा। कच्चे तेल (पाम, सोया, मुखी) पर प्रभावी आयात शुल्क को 5.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 27.5 प्रतिशत एवं रिफाइंड तेल पर 13.75 प्रतिशत से बढ़ाकर 35.75 प्रतिशत करने का ऐतिहासिक निर्णय हाल ही में लिया है । सरकार ने प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान 35 हजार करोड़ रुपए के साथ जारी रखना मंजूर किया है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार किसानों की समस्याओं का समाधान करने के लिए गंभीर है, इसलिए उन्होंने स्वयं आंध्रप्रदेश और तेलंगाना में दौरा करके बाढ़ से प्रभावित किसानों से मुलाकात की।
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