मुंबई, 26 जनवरी (कड़वा सत्य)अभिनेत्री अपूर्वा अरोड़ा ने इस गणतंत्र दिवस पर पोर्ट ब्लेयर, अंडमान में ऐतिहासिक सेलुलर जेल की भावपूर्ण यात्रा करके एक मार्मिक क्षण को चिह्नित किया।
यह प्रतिष्ठित स्थल, जिसे काला पानी के रूप में भी जाना जाता है, भारत के स्वतंत्रता संग् में गहरा महत्व रखता है।अपूर्वा ने उन अनगिनत स्वतंत्रता सेनानियों को ंजलि दी, जिन्होंने जेल की दीवारों के भीतर अकल्पनीय कष्ट सहे। उन्होंने परिसर का दौरा किया और भारत के नायकों द्वारा किए गए बलिदानों पर विचार करने में समय बिताया।
अपूर्वा ने कहा, ऐसी जगह पर खड़े होना एक जबरदस्त अनुभव है, जो अनगिनत स्वतंत्रता सेनानियों के दर्द, साहस और बलिदान का प्रतीक है।मुझे हमेशा लगता था कि मैं स्वतंत्रता का अर्थ समझती हूं, लेकिन इन दीवारों से गुजरते हुए, मुझे एहसास हुआ कि मैं वास्तव में इसके महत्व को नहीं समझती। हमारे देश के इतिहास को आकार देने वाला दृढ़ संकल्प यहाँ जीवंत हो उठता है। यह इस बात की विनम्र याद दिलाता है कि स्वतंत्रता प्राप्त करने के लिए क्या करना पड़ा। सेलुलर जेल का दौरा करने से उन लोगों के प्रति मेरा सम्मान और आभार और बढ़ गया है जिन्होंने अपना सब कुछ बलिदान कर दिया, जिससे हम एक स्वतंत्र भारत में रह सकें। उनकी विरासत हमें उनके बलिदान के योग्य भविष्य बनाने के लिए प्रेरित करती है।
अपूर्वा अरोड़ा जल्द हीं पलाश मुच्छल निर्देशित फिल्म नज़रिया में दिखाई देंगी। इसके अतिरिक्त, उनकी लघु फिल्म लिपस्टिक को प्रतिष्ठित दादा साहब फाल्के अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव के लिए चुना गया है, जो उनके उत्कर्ष करियर में एक और मील का पत्थर है।
कड़वा सत्य