नयी दिल्ली 17 जनवरी (कड़वा सत्य) केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने पूरे देश में दूरसंचार पहुंच, सुरक्षा और सशक्तिकरण को बढ़ाने के लिए एक ऐतिहासिक कदम के रूप में आज कई नागरिक-केंद्रित पहलों का शुभारंभ किया। इस कार्यक्रम के मुख्य आकर्षणों में संचार साथी मोबाइल ऐप, राष्ट्रीय ब्रॉडबैंड मिशन (एनबीएम) 2.0 का शुभारंभ और डीबीएन द्वारा वित्तपोषित 4जी मोबाइल साइटों पर इंट्रा सर्किल रोमिंग सुविधा का उद्घाटन शामिल है।
संचार साथी मोबाइल ऐप एक उपयोगकर्ता-अनुकूल प्लेटफ़ॉर्म है जिसे दूरसंचार सुरक्षा को मज़बूत करने और नागरिकों को सशक्त बनाने के लिए तैयार किया गया है। मोबाइल अनुप्रयोग जारी करते हुए, श्री सिंधिया ने कहा “ यह पहल न केवल अवसरों तक पहुंच प्रदान करती है बल्कि सभी उपयोगकर्ताओं के लिए एक सुरक्षित वातावरण भी सुनिश्चित करती है।” उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि संचार साथी ऐप सभी के लिए दूरसंचार नेटवर्क की सुरक्षा, सुरक्षा और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
संचार साथी मोबाइल ऐप, एंड्रॉयड और आईओएस दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है, जो उपयोगकर्ताओं को अपने दूरसंचार संसाधनों को सुरक्षित रखने और दूरसंचार धोखाधड़ी से निपटने के लिए महत्वपूर्ण उपाय प्रदान करता है। देश में 90 करोड़ से अधिक स्मार्ट फोन उपयोगकर्ताओं के साथ, संचार साथी मोबाइल ऐप का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने स्मार्टफोन पर बस कुछ क्लिक से इन महत्वपूर्ण सेवाओं तक पहुंच प्राप्त हो।
श्री सिंधिया ने राष्ट्रीय ब्रॉडबैंड मिशन (एनबीएम) 2.0 का दृष्टिकोण दस्तावेज़ जारी करके इसका शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि एनबीएम 2.0 एनबीएम 1.0 की सफलता पर आधारित है, जिसके तहत लगभग 8 लाख टावर स्थापित किए गए थे। उन्होंने कहा, “ब्रॉडबैंड उपभोक्ता 66 करोड़ से बढ़कर 94 करोड़ हो गए हैं। यह वृद्धि एनबीएम 2.0 की शुरूआत के लिए प्रमुख बिंदु और आधार के रूप में कार्य करती है।”
उन्होंने कहा “ आज भारत दूरसंचार और डिजिटल दोनों क्षेत्रों में वैश्विक अग्रणी भूमिका में है। 53.1करोड़ से अधिक भारतीय अब इलेक्ट्रॉनिक बैंकिंग से जुड़े हैं। हमारे मजबूत दूरसंचार नेटवर्क द्वारा संचालित यूपीआई के माध्यम से, हमने पिछले साल 172 अरब लेनदेन की सुविधा प्रदान की, जिसकी राशि लगभग 247 लाख करोड़ थी। देश की वृद्धि आंतरिक रूप से हमारे दूरसंचार नेटवर्क की मजबूती से जुड़ी हुई है। इसी दृष्टिकोण से राष्ट्रीय ब्रॉडबैंड मिशन शुरू किया गया था।”
शेखर
कड़वा सत्य