वाशिंगटन, 23 अगस्त (कड़वा सत्य) अमेरिका की अंतरिक्ष एजेंसी नासा के अधिकारी शनिवार तक यह फैसला करेंगे कि बोइंग के संकटग्रस्त स्टारलाइनर में उड़ान चालक दल के सदस्य बैरी ‘बुच’ विल्मोर और सुनीता ‘सुनी’ विलियम्स को साथ लेकर पृथ्वी पर वापस लाया जाए या फिर अंतरिक्षयान को रिमोट कंट्रोल की मदद से मानवरहित ही धरती पर उतारा जाए।
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी ने एक आधिकारिक ब्लॉग में यह घोषणा की है।
एजेंसी की गुरुवार को जारी विज्ञप्ति में कहा गया “ नासा के अंतरिक्ष यात्रियों के साथ स्टारलाइनर को पृथ्वी पर वापस लाने के लिये एजेंसी स्तर की समीक्षा पूरी होने के बाद शनिवार को निर्णय लेंगे। इस समीक्षा की अध्यक्षता नासा के अंतरिक्ष संचालन मिशन निदेशालय के एसोसिएट एडमिनिस्ट्रेटर केन बोवर्सॉक्स करेंगे।”
समीक्षा के बाद, नासा अंतरिक्ष पर और अधिक चर्चा करने के लिये एक टेलीविज़न समाचार सम्मेलन आयोजित करेगा। एजेंसी-स्तरीय निर्णय के बाद, कार्यक्रम और उड़ान नियंत्रण दल स्टारलाइनर की वापसी की तैयारी जारी रखेंगे, जिसमें प्रशिक्षण सत्र तथा अन्य क्रियाएं शामिल होंगी।
ब्लॉग में कहा गया “ अन्य एजेंसी के नेता जो नियमित रूप से चालक दल के मिशनों के लिए लॉन्च और वापसी तत्परता समीक्षा में शामिल हैं, उनमें नासा के प्रशासक, उप प्रशासक, एसोसिएट एडमिनिस्ट्रेटर, विभिन्न एजेंसी केंद्र निदेशक, उड़ान संचालन निदेशालय और एजेंसी तकनीकी अधिकारी शामिल हैं।”
नासा के अधिकारियों ने पहले ही कहा है कि विल्मोर और सुनीता विलियम्स अगले छह महीनों तक अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर रह सकते हैं, जिससे उनका प्रवास कुल नौ महीने का हो जाएगा, जबकि स्टारलाइनर में पांच हीलियम लीक और इसके 28 थ्रस्टरों में से पांच के विफल होने से पहले उन्हें केवल कुछ दिनों के लिए ही वहां रहना था।
एजेंसी-स्तरीय समीक्षा से पहले, नासा और बोइंग समुदाय में विभिन्न टीमों तथा कार्यक्रम नियंत्रण बोर्ड के समक्ष उड़ान को अंतिम रूप देने और प्रस्तुत करने के लिए काम कर रहे हैं। अभियंता टीमें एक नए मॉडल का मूल्यांकन करने के लिए काम कर रही हैं।
गौरतलब है कि स्टारलाइनर को पांच जून को दो अंतरिक्ष यात्रियों के दल के साथ लॉन्च किया गया था, लेकिन आईएसएस की उड़ान के दौरान इसके 28 थ्रस्टरों में से पांच अलग-अलग समय पर विफल हो गए और पांच हीलियम लीक भी दर्ज किए गए।
नासा के अधिकारियों ने बताया है कि अंतरिक्ष यान की वापसी की उड़ान मूल रूप से 14 जून के लिए निर्धारित की गई थी, लेकिन तब से इसमें बार-बार देरी हो रही है, जबकि पृथ्वी पर मौजूद इंजीनियर समस्याओं को हल करने की कोशिश कर रहे हैं।
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कड़वा सत्य