श्रीनगर, 15 सितंबर (कड़वा सत्य) जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कांफ्रेंस (नेकां) के प्रमुख फारूक अब्दुल्ला ने रविवार को कहा कि नेकां ने कभी अलगाववादियों को जन्म नहीं दिया, बल्कि अलगाववाद को पाकिस्तान ने हवा दी है।
श्री अब्दुल्ला ने यह टिप्पणी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाल ही में डोडा में एक चुनावी रैली के दौरान दिए गए भाषण के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में की, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि नेकां ने जम्मू-कश्मीर में अलगाववादियों को जन्म दिया है।
नेकां के अध्यक्ष ने गंदेरबल में मीडिया से कहा,“नेशनल कॉन्फ्रेंस ने कभी अलगाववादियों को जन्म नहीं दिया। उन अलगाववादियों को पाकिस्तान ने स्थापित किया था।” इस दौरान उन्होंने उन लोगों की भी आलोचना की, जो पहले पाकिस्तान का समर्थन करते थे और जनमत संग्रह की मांग करते थे, लेकिन अब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के साथ जुड़ गए हैं। उन्होंने सवाल किया,“उनसे पूछिए कि ‘निजाम-ए-मुस्तफा’ (पैगंबर की व्यवस्था का आंदोलन) के नारे कहां चले गए?”
प्रधानमंत्री के इस दावे के बारे में पूछे जाने पर कि नेशनल कॉन्फ्रेंस-कांग्रेस गठबंधन जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद को फिर से जिंदा करेगा श्री अब्दुल्ला ने कहा,“मैं प्रधानमंत्री को याद दिलाना चाहता हूं कि अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद से पिछले पांच सालों से यहां केंद्र सरकार का शासन है।”
उन्होंने कहा,“केंद्र ने हमेशा आतंकवाद के लिए अनुच्छेद 370 को जिम्मेदार ठहराया। फिर आज आतंकवाद कहां से आ रहा है? बंदूक कहां से आ रही है, जो जान ले रही है, जिसमें हमारे सैनिकों की जान भी शामिल है? क्या फारूक अब्दुल्ला यह बंदूक लेकर आए हैं? आज हमारी सरकार सत्ता में नहीं है, इसलिए उन्हें जवाब देना चाहिए।”
उन्होंने कहा,“हम पर उंगली उठाने वालों को याद रखना चाहिए कि तीन उंगलियां उनकी ओर उठ रही हैं। लोगों को धोखा देने, सुबह से शाम तक झूठ बोलने के अलावा उन्हें क्या हासिल हुआ है?”
इंजीनियर राशिद के नाम से मशहूर शेख अब्दुल राशिद द्वारा नेशनल कॉन्फ्रेंस पर निशाना साधने के बारे में श्री अब्दुल्ला ने कहा,“उन्हें ऐसा करने दें, लेकिन उन्हें अब तक रिहा क्यों नहीं किया गया था? मेरा उनसे सवाल है कि उन्हें अब क्यों रिहा किया गया है? क्या यह मुसलमानों के बीच विभाजन पैदा करने और मुस्लिम आवाज़ों को दबाने के लिए है?” उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और आरएसएस राशिद का समर्थन कर रहे हैं।
आगामी विधानसभा चुनाव में जमात-ए-इस्लामी के चुनाव लड़ने के बारे में पूछे जाने पर श्री अब्दुल्ला ने कहा,“यह अच्छी बात है। वे अब परदे के पीछे छिपकर काम करने के बजाय आगे आएंगे और लोग देखेंगे कि वे वास्तव में कहां खड़े हैं।”
संतोष.
कड़वा सत्य