नयी दिल्ली 28 दिसंबर (कड़वा सत्य) केंद्र सरकार की प्रमुख प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के कुल नामांकन में महिलाओं की हिस्सेदारी 55 प्रतिशत तक हो गयी है।
केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय में अपर विकास आयुक्त डॉ. इशिता गांगुली त्रिपाठी ने हरियाणा के सोनीपत जिले में प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के लिए जागरुकता अभियान में यह जानकारी दी।
उन्होेंने कहा कि यह योजना 17 सितंबर को शुरू की गई थी और इसके कुल नामांकन में महिलाओं की भागीदारी 55 प्रतिशत है। उन्होंने सभी से आत्मनिर्भर बनने और अपना स्वयं का उद्यम स्थापित करने के लिए इस योजना का लाभ उठाने का अनुरोध किया।
डॉ़ त्रिपाठी ने बताया कि इस योजना के अंतर्गत कारीगरों को 15000 रुपये तक के कीमत की टूल किट दी जाएगी और पांच प्रतिशत ब्याज पर बिना गारंटी के तीन लाख रुपये तक का ऋण प्रदान किया जाएगा। इसके साथ-साथ 500 रुपये प्रतिदिन का दैनिक भत्ता, मुफ्त कौशल प्रशिक्षण, विपणन सहायता, प्रमाण पत्र तथा कारीगर पहचान पत्र प्रदान किया जाएगा।
पीएम विश्वकर्मा योजना पर एक जागरूकता कार्यक्रम बुधवार को आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम के दौरान 10 स्टॉल लगाए गए। पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत बढ़ई, लोहार, सुनार, कुम्हार, मोची, राजमिस्त्री, नाई, धोबी, दर्जी जैसी 18 विभिन्न श्रेणियों के कारीगरों का मौके पर ही पंजीकरण किया गया और उन्हें पीएम विश्वकर्मा के तहत दिए जाने वाले लाभों के बारे में जानकारी दी गई।
सत्या, सोनिया