नयी दिल्ली, 26 सितंबर (कड़वा सत्य) वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने आस्ट्रेलिया की अपनी यात्रा (23-26 सितंबर) में द्विपक्षीय आर्थिक व्यापारिक संबंधों के विस्तार के संबंध में वहां सरकार और व्यवसाय जगत के प्रतिनिधियों के साथ व्यापक चर्चा की।
इस दौरान उन्होंने सिडनी में एक निवेश, व्यापार, प्रौद्योगिकी और पर्यटन (आईटीटीटी) कार्यालय खोलने की घोषणा की, जिसमें इन्वेस्ट इंडिया, एनआईसीडीसी, निर्यात ऋण गारंटी निगम और डीजीएफटी के प्रतिनिधि शामिल होंगे, जिसमें सीआईआई और फिक्की जैसे उद्योग निकाय शामिल होंगे।
यहां वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की गुरुवार को जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि श्री गोयल ने इस यात्रा में बुधवार (25 सितंबर) को एडिलेड में गवर्नमेंट हाउस में ऑस्ट्रेलिया के व्यापार एवं पर्यटन मंत्री डॉन फैरेल के साथ 19वीं संयुक्त मंत्रिस्तरीय आयोग की बैठक की सह-अध्यक्षता की। इस बैठक की चर्चा द्विपक्षीय सहयोग के विविध क्षेत्रों, आर्थिक प्राथमिकताओं, भारत-आस्ट्रेलिया आर्थिक सहयोग और व्यापार समझौते (ईसीटीए) की पहलों के कार्यान्वयन पर केंद्रित थी।
इस बैठक में दोनों मंत्रियों ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 100 अरब ऑस्ट्रेलियाई डॉलर तक करने के लक्ष्य को दोहराया।
बैठक में जी20, भारत प्रशांत आर्थिक समझौता (आईपीईएफ) और विश्व व्यापार संगठन ( डब्ल्यूटीओ) जैसे बहुपक्षीय और अन्य क्षेत्रीय मंचों पर परस्पर सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा की गयी जिसमें घरेलू सेवा विनियमन का मुद्दा भी शामिल था।
बैठक के बाद एक साझा संवाददाता सम्मेलन में श्री गोयल ने सिडनी शहर में एक भारत के निवेश, व्यापार, प्रौद्योगिकी और पर्यटन (आईटीटीटी) कार्यालय खोलने की घोषणा की जिसमें इन्वेस्ट इंडिया, राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास निगम (एनआईसीडीसी), निर्यात ऋण गारंटी निगम और डीजीएफटी के प्रतिनिधि शामिल होंगे, जिसमें सीआईआई और फिक्की जैसे उद्योग निकाय शामिल होंगे।
श्री फैरेल ने भारत के साथ सहयोग बढ़ाने के लिए ऑस्ट्रेलियाई व्यवसायों, संगठनों और विश्वविद्यालयों के लिए एक करोड़ ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के नए अनुदान की घोषणा की। नए अनुदान के तहत, ऑस्ट्रेलियाई संगठनों को 50 लाख ऑस्ट्रेलियाई डॉलर दिए जाएंगे, जो व्यापार और नवाचार, सांस्कृतिक संबंधों और सामुदायिक नेतृत्व को बढ़ावा देने वाली परियोजनाओं पर काम कर रहे हैं। इसके अलावा ऑस्ट्रेलियाई विश्वविद्यालयों को साझा चुनौतियों पर अपने शोध में भारतीय विद्यार्थियों, विद्वानों और शोधार्थियों के लिए 50 लाख ऑस्ट्रेलियाई डॉलर दिए जाएंगे।
दोनों पक्ष इस बात पर सहमत हुए है कि ‘मेक इन इंडिया’ और ‘फ्यूचर मेड इन ऑस्ट्रेलिया’ पहल दोनों के लिए मिलकर काम करने के अवसर प्रदान करती हैं।
दक्षिण ऑस्ट्रेलिया के गवर्नर फ्रांसिस एडमसन एसी ने श्री गोयल और उनके साथ आए भारतीय प्रतिनिधिमंडल के लिए गवर्नमेंट हाउस में दोपहर के भोजन का आयोजन किया। इस आयोजन में दक्षिण आस्ट्रेलिया प्रांत के व्यापार और निवेश मंत्री जो सज़ाक और कुछ अन्य अधिकारियों तथा जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया।
श्री गोयल ने दिन में श्री फैरेल के साथ लॉट फोर्टीन नवाचार केंद्र में ऑस्ट्रेलियाई अंतरिक्ष एजेंसी का दौरा किया, जहाँ उन्होंने की ऑस्ट्रेलियाई अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी क्षेत्र की कंपनियों के साथ बातचीत की, जिसमें स्पेस मशीन कंपनी भी शामिल थी, जो न्यू स्पेस इंडिया लिमिटेड (एनएसआईएल) के साथ मिलकर ऑस्ट्रेलिया में निर्मित सबसे बड़े उपग्रह को भारतीय लघु उपग्रह प्रक्षेपण यान पर प्रक्षेपित करने के लिए काम कर रही है। मैत्री नामक यह मिशन दोनों देशों के बीच घनिष्ठ मित्रता का उदाहरण है।
वाणिज्य मंत्रालय का कहना है कि इस यात्रा से दोनों पक्षों को सीईसीए की प्रगति और ईसीटीए पहलों के कार्यान्वयन की समीक्षा करने का अवसर मिला। विज्ञप्ति में कहा गया है कि सिडनी में ऑस्ट्रेलिया और भारतीय व्यवसायों के साथ श्री गोयल ने कई बैठकें की जिनसे दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश संबंधों में वृद्धि होने की संभावना है।
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