नयी दिल्ली 02 सितंबर (कड़वा सत्य) केन्द्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने अगले पाँच वर्षों में भारत के जीवाश्म ईंधन की खपत में जैव ऊर्जा का हिस्सा 50 प्रतिशत होने का अनुमान जताते हुये सोमवार को राज्यों के वित्त मंत्रियों से फ्लेक्स-ईंधन वाहनों पर वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) को मौजूदा 28 प्रतिशत से घटाकर 12 प्रतिशत करने और साथ ही 15 प्रतिशत उपकर लगाने का आग्रह किया, ताकि हरित ईंधन विकल्पों को अपनाने को प्रोत्साहित किया जा सके।
श्री गडकरी ने पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी के साथ इंडिया बायो-एनर्जी एंड टेक एक्सपो 2024 के शुभारंभ के मौके पर यह अपील की। श्री गडकरी ने जीवाश्म ईंधन पर भारत की निर्भरता को कम करने में जैव ईंधन की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला।
इंडियन फेडरेशन ऑफ ग्रीन एनर्जी द्वारा आयोजित इंडिया बायो-एनर्जी एंड टेक एक्सपो 2024 ने जैव ऊर्जा प्रौद्योगिकियों के भविष्य पर चर्चा करने और भारत की हरित ऊर्जा पहलों को गति देने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान किया। इस कार्यक्रम में उद्योग जगत से जुड़े लोग, सरकारी प्रतिनिधि और विशेषज्ञ जैव ऊर्जा में नवीनतम प्रगति और भारत के स्थिरता लक्ष्यों को प्राप्त करने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका पर चर्चा कर रहे हैं।
इस दौरान भारत के बढ़ते बायोएनर्जी क्षेत्र में योगदान देने वाले उद्योग जगत के लोगों को सम्मानित किया गया। पुरस्कार विजेताओं को बायोडीजल उत्पादन और आपूर्ति को बढ़ाने में उनके प्रयासों के लिए सम्मानित किया गया, जिससे भारत को स्थायी ऊर्जा की ओर बढ़ने में मदद मिली।
देश में बायोडीजल की उच्चतम मात्रा और मिश्रण प्रतिशत प्राप्त करने के लिए तेल विपणन एवं रिफाइनरी करने वाली सबसे बड़ी सरकारी कंपनी इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड को सम्मानित किया गया। तेल विपणन कंपनियों को बायोडीजल के सबसे बड़े आपूर्तिकर्ता के रूप में इमामी एग्रोटेक प्राइवेट लिमिटेड को सम्मानित किया गया।
ओएमसी को यूसीओ- बायोडीजल के सबसे बड़े आपूर्तिकर्ता के रूप में ब्लू स्टोन एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड को मान्यता मिली। मध्यम श्रेणी में बायोडीजल के सबसे बड़े आपूर्तिकर्ता के रूप में कमेनर्जी बायोफ्यूल्स प्राइवेट लिमिटेड को मान्यता मिली।
शेखर
कड़वा सत्य