नयी दिल्ली, 16 अप्रैल (कड़वा सत्य) उच्चतम न्यायालय ने विभिन्न बीमारियों के इलाज से संबंधित पतंजलि आयुर्वेद के ‘भ् क’ विज्ञापनों और एलोपैथिक चिकित्सा के ‘खिलाफ’ बयान देने से जुड़े अदालती अवमानना के मामले में बाबा देव और बालकृष्ण को एक सप्ताह के भीतर विज्ञापन के जरिए माफीनामा प्रकाशित करवाने का मंगलवार को मौका दिया।
न्यायमूर्ति हिमा कोहली और न्यायमूर्ति अहसानुद्दीन अमानुल्लाह की पीठ ने योग गुरु बाबा देव और उनके शिष्य बालकृष्ण के अदालत में पेश होकर माफी मांगने और विज्ञान के जरिए माफीनामा प्रकाशित करने की उनकी पेशकश का संज्ञान लेते हुए स्पष्ट तौर पर कहा, “हमने अभी तक यह तय नहीं किया है कि आपकी माफी स्वीकार की जाए या नहीं।’