मुंबई, 04 सितंबर (कड़वा सत्य) निधि सक्सेना निर्देशित फिल्म ‘सैड लेटर्स ऑफ एन इमेजिनरी वुमन’ का प्रीमियर अक्टूबर में बुसान इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल(बीआईएफएफ) के प्रतिष्ठित 29वें संस्करण में “ए विंडो ऑन एशियन सिनेमा” के तहत होगा।
सैड लेटर्स ऑफ एन इमेजिनरी वुमन बतौर निर्देशक निधि सक्सेना की पहली फिल्म है। नीला माधब पांडा, विमुक्ति जयसुंदरा और अजेंदर चावला द्वारा निर्मित ‘सैड लेटर्स ऑफ एन इमेजिनरी वुमन’ फिल्म स्मृति और पहचान जैसे विषयों पर प्रकाश डालती है। यह एक मध्यम आयु वर्ग की महिला की कहानी है, जो अपने अतीत के भूतों से परेशान होकर पत्रों और फोन कॉल के माध्यम से अपने युवा स्वरुप तक पहुंचती है। कहानी में दिखाया गया है कि वह अपने पुश्तैनी घर में बुजुर्ग मां के साथ कैद है, जो एक अनुष्ठान के जरिए अपने जीवन की वर्तमान स्थिति से मुक्त होने की इच्छा रखते हैं।
निर्देशक निधि सक्सेना ने कहा, एशियाई सिनेमा फंड का सम्मान मिलना एक बड़ा सम्मान की बात है। यह भारतीय सिनेमा में महिलाओं के लिए एक मील का पत्थर है। मेरे लिए यह फिल्म बेहद खास है क्योंकि मुझे इस फिल्म के जरिए एक निर्देशक के तौर पर आगे बढ़ने का मौका मिल रहा है।मैं बुसान इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में ‘सैड लेटर्स ऑफ एन इमेजिनरी वुमन’ के डेब्यू को लेकर बेहद उत्साहित हूं। यह फिल्म मेरे लिए बहुत पर्सनल है, जो मैं दुनिया को बताना चाहती हूं।
निर्माता नीला माधब पांडा ने कहा, मैं फिल्म को अंतरराष्ट्रीय मंच मिलने से उत्साहित हूं। ‘सैड लेटर्स टू एन इमेजिनरी वुमन’ एक अद्भुत फिल्म है, जो जटिल विषयों को गहराई से पेश करती है और इसे बड़े मंच पर प्रस्तुत होते देखना वाकई में एक शानदार एहसास है।
कड़वा सत्य