नयी दिल्ली, 02 मई (कड़वा सत्य) संयुक्तराष्ट्र के जनसंख्या एवं विकास आयोग (यूएनसीपीडी) के 57वें अधिवेशन में भाग ले रहे भारतीय दल में देश की पंचायती राज संस्थाओं की प्रतिनिधि भी शामिल हैं जो वहां शुक्रवार को स्वस्थ एवं समावेशी विकास के लिए स्थानीय स्तर पर मिहिला प्रतिनिधियों की भूमिका के बारे में अपने अनुभव प्रस्तुत करेंगी।
इस कार्यक्रम का को पंचायती राज के सोसल मीडिया पेज पर सीधे प्रसासित किया जाएगा।
यह सम्मेलन संयुक्तराष्ट्र मुख्यालय में 29 अप्रैल से तीन मई तक आयोजित किया गया है। पंचायती राज मंत्रालय की एक विज्ञप्ति के अनुसार इस सम्मेलन में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व पंचायती राज मंत्रालय के सचिव श्री विवेक भारद्वाज कर रहे हैं। इस आधिकारिक दल में पंचायती राज संस्थाओं का प्रतिनिधित्व के लिए त्रिपुरा की सिपाहीजला जिला परिषद की सभाधिपति श्रीमती सुप्रिया दास दत्ता, आंध्र प्रदेश की पेकेरू ग् पंचायत की सरपंच श्रीमती कुनुकु हेमा कुमारी और श्रीमती। राजस्थान की लांबी अहीर ग् पंचायत की सरपंच नीरू यादव को शामिल किया गया है।
विज्ञप्ति के अनुसार ये महिलाएं शुक्रवार ,03 मई 2024 को न्यूयॉर्क में संयुक्तराष्ट्र मुख्यालय पर एक सत्र में शामिल होंगी। इसका विषय है ‘स्वस्थ विकास के लक्ष्य (एसडीजी) का स्थानीयकरण: भारत में राह दिखा रही हैं महिलाएं।”
विज्ञप्ति में कहा गया है कि संयुक्तराष्ट्र में भारत का स्थायी मिशन और पंचायती राज मंत्रालय, संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (यूएनएफपीए) के सहयोग स्वस्थ विकास के लक्ष्यों की ओर प्रगति में स्थानीय स्तार पर महिलाओं की भूमिका को रेखांकित करने के लिए सम्मेलन के दौरान इस विशेष परिचर्चा सत्र का अतिरिक्त आयोन किया है।
इस कार्यक्रम में जमीनी स्तर के राजनीतिक नेतृत्व में भारतीय महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला जाएगा।
इस कार्यक्रम को संयुक्तराष्ट्र मुख्यालय से भारत पंचायती राज मंत्रालय के सोशल मीडिया पेजों पर 3 मई, 2024 (शुक्रवार) को भारतीय समयानुसार रात 10:45 बजे प्रसारित किया जाएगा।
संयुक्तराष्ट्र में भारत की स्थायी प्रतिनिधि रुचिरा कंबोज लैंगिक समानता को आगे बढ़ाने में पंचायती राज संस्थानों की महत्वपूर्ण भूमिका और जमीनी स्तर के शासन में महिला नेतृत्व के महत्व पर अपने संबोधन के साथ कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगी। उसके बाद, सचिव विवेक भारद्वाज भारत के पंचायती राज संस्थानों से प्राप्त रणनीतियों पर चर्चा करेंगे। वह स्थानीय प्रशासन में महिलाओं के नेतृत्व के साथ भारत के अनुभव की अंतर्दृष्टि भी साझा करेंगे।
पंचायती राज मंत्रालय के अनुसार इस कार्यक्रम में सिपाहीजला जिला परिषद की प्रमुख श्रीमती सुप्रिया दास दत्ता समावेशी विकास को सक्षम करने में पंचायतों में महिला नेतृत्व की भूमिका पर अपना अनुभव साझा करेंगी। पेकेरू ग् पंचायत सरपंच श्रीमती कुनुकु हेमा कुमारी सामाजिक क्षेत्र के कार्यक्रमों को चलाने में पंचायत की भूमिका पर प्रकाश डालेंगी। इसी तरह झुंझुनू जिले के लांबी अहीर ग् की सरपंच श्रीमती नीरू यादव महिलाओं और लड़कियों के अनुकूल पंचायतों को बढ़ावा देने में अपना अनुभव साझा करेंगी।
इस कार्यक्रम में संयुक्तराष्ट्र जनसंख्या कोष ( यूएनएफपीए) के एशिया प्रशांत क्षेत्रीय निदेशक पियो स्मिथ, यूएनएफपीए की भारत में प्रतिनिधि एंड्रिया एम. वोज्नार और एमओपीआर के संयुक्त सचिव आलोक नागर भी अपने विचार रखेंगे।
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