नयी दिल्ली, 06 सितंबर (कड़वा सत्य) उच्चतम न्यायालय ने कुछ महिला पुलिस कर्मियों के खिलाफ कथित तौर पर एक ‘अपमानजनक टिप्पणी’ प्रसारित करने के आरोपी मुख्यमंत्री एम के स्टालिन के नेतृत्व वाली द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) सरकार के मुखर आलोचक रहे वरिष्ठ पत्रकार फेलिक्स जेराल्ड की जमानत शर्त के तौर पर ‘यूट्यूब चैनल’ बंद करने का निर्देश देने वाले मद्रास उच्च न्यायालय के एक आदेश पर रोक शुक्रवार को रोक लगा दी।
मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति जे बी पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ ने यह स्पष्ट करते हुए कि याचिकाकर्ता को अन्य सभी शर्तों का पालन करना चाहिए, उच्च न्यायालय के आदेश पर रोक लगाई।