• About us
  • Contact us
Thursday, February 5, 2026
9 °c
New Delhi
18 ° Fri
19 ° Sat
Kadwa Satya
  • Home
  • संपादकीय
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • खेल
  • अपराध
  • करियर – शिक्षा
    • टेक्नोलॉजी
    • रोजगार
    • शिक्षा
  • जीवन मंत्र
    • व्रत त्योहार
  • स्वास्थ्य
  • मनोरंजन
    • बॉलीवुड
    • गीत संगीत
    • भोजपुरी
  • स्पेशल स्टोरी
No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • खेल
  • अपराध
  • करियर – शिक्षा
    • टेक्नोलॉजी
    • रोजगार
    • शिक्षा
  • जीवन मंत्र
    • व्रत त्योहार
  • स्वास्थ्य
  • मनोरंजन
    • बॉलीवुड
    • गीत संगीत
    • भोजपुरी
  • स्पेशल स्टोरी
No Result
View All Result
Kadwa Satya
No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • खेल
  • अपराध
  • करियर – शिक्षा
  • जीवन मंत्र
  • स्वास्थ्य
  • मनोरंजन
  • स्पेशल स्टोरी
Home देश

रक्षा उत्पादन तीन लाख करोड़ और रक्षा निर्यात 50 हजार करोड रूपये पहुंचने की उम्मीद

News Desk by News Desk
February 25, 2024
in देश
रक्षा उत्पादन तीन लाख करोड़ और रक्षा निर्यात 50 हजार करोड रूपये पहुंचने की उम्मीद
Share on FacebookShare on Twitter

नयी दिल्ली 24 फरवरी (कड़वा सत्य) रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि भारत रक्षा क्षेत्र में तेजी से आत्मनिर्भरता की ओर बढ रहा है और वर्ष 2028-29 तक वार्षिक रक्षा उत्पादन तीन लाख करोड़ रुपये तथा रक्षा निर्यात 50,000 करोड़ रुपये तक पहुंचने की उम्मीद है।
रक्षा मंत्री ने शनिवार को यहां एक निजी मीडिया संगठन द्वारा आयोजित रक्षा शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए दीर्घकालिक परिणामों पर ध्यान केंद्रित कर रही है, न कि अल्पकालिक परिणामों पर। उन्होंने मौजूदा तथा पिछली सरकार की तुलना करते हुए कहा कि दोनों के बीच ‘दीर्घकालिक योजना और दीर्घकालिक लाभ को प्राथमिकता देना’ मुख्य अंतर है।
श्री सिंह ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों के विपरीत मौजूदा सरकार ने ऐसी नीतियां बनाई और लागू की हैं, जो केवल पांच वर्षों के लिए अल्पकालिक लाभ प्रदान नहीं करती हैं। उन्होंने पिछले कुछ वर्षों में लंबी अवधि के फायदे के लिए रक्षा क्षेत्र में किए गए सुधारों का उल्लेख किया, इनमें चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ के पद का सृजन और सैन्य मामलों के विभाग की स्थापना करना शामिल है, जिससे तीनों सेनाओं के बीच साझेदारी, तालमेल तथा सुचारू समन्वय बढा है।
उन्होंने बताया कि सरकार सेना, नौसेना और वायु सेना के एकीकरण पर ध्यान केंद्रित कर रही है, जो संकट के समय में उनके बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करेगा। उन्होंने कहा कि पहले तीनों सेनाएं ‘साइलो’ में काम करती थीं। हमने उनके एकीकरण पर ध्यान केंद्रित किया है, जो लीक से हटकर कर एक अलग कदम था और यह समय की मांग भी थी। श्री सिंह ने कहा कि शुरुआत में ऐसा करना थोड़ा कठिन था, लेकिन आज हमारी सेना बेहतर समन्वय के साथ हर चुनौती से निपटने के लिए मिलकर काम करने को तैयार है।
रक्षा मंत्री ने रक्षा विनिर्माण के क्षेत्र में उठाए गए प्रमुख कदमों पर अपने विचार रखते हुए कहा कि रक्षा मंत्रालय ने सेवाओं की पांच सकारात्मक स्वदेशीकरण सूचियां अधिसूचित की हैं, जिनमें 500 से अधिक उपकरण और चार अन्य सूचियां शामिल हैं, इसमें डीपीएसयू के लिए 4,600 से अधिक घटक व उपकरण शामिल हैं, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि सैनिक भारत में बने हथियारों तथा प्लेटफार्मों का इस्तेमाल करें। उन्होंने स्थानीय कंपनियों से खरीद के लिए पूंजी अधिग्रहण बजट का 75 प्रतिशत हिस्सा निर्धारित करने के निर्णय का भी उल्लेख किया। श्री सिंह ने कहा कि कुछ लोगों का मानना था कि स्वदेशी हथियार विश्व स्तरीय नहीं होंगे लेकिन वर्तमान सरकार घरेलू उद्योग की क्षमताओं में विश्वास करती है और वे सभी लगातार अत्याधुनिक उत्पादों में सुधार और वितरण कर सकते हैं।
श्री सिंह ने इस बात पर जोर दिया कि रक्षा क्षेत्र को पूरी तरह से आत्मनिर्भर बनाने तथा प्रधानमंत्री के ‘आत्मनिर्भर भारत’ के लक्ष्य को हासिल करने के उद्देश्य से दीर्घकालिक लाभ के लिए इसमें आमूलचूल परिवर्तन किए गए हैं। उन्होंने कहा कि हथियारों के आयात पर प्रतिबंध लगाना एक अल्पकालिक कठिनाई थी, लेकिन आज वह चुनौती धीरे-धीरे अवसर में बदल रही है और भारत दुनिया के रक्षा औद्योगिक परिदृश्य पर आगे बढ़ रहा है। रक्षा मंत्री ने कहा कि आज हमारी सेना उन हथियारों और प्लेटफार्मों का उपयोग कर रही है, जिनका निर्माण भारत में ही किया जा रहा है।
रक्षा मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि कोई भी सेना बाहर से आयातित उपकरणों से अपने देश की रक्षा नहीं कर सकती है और आज के समय में भारत के लिए रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता आवश्यक है। उन्होंने बताया कि आत्मनिर्भरता की दिशा में सरकार के लगातार प्रयास अब लाभ देने लगे हैं क्योंकि रक्षा उत्पादन एक लाख करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है।
श्री सिंह ने इस तथ्य को दोहराया कि उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु में रक्षा औद्योगिक गलियारे स्थापित करने जैसी पहल के माध्यम से सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि आधुनिक सैन्य साजो-सामान न केवल भारत में निर्मित हो, बल्कि उन्हें मित्र देशों को भी निर्यात किया जाए। उन्होंने कहा कि पहले, भारत को हथियार आयातक राष्ट्र के रूप में जाना जाता था लेकिन आज प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हम अपने कम्फर्ट जोन से बाहर आ गए हैं और हमने हथियार निर्यातक शीर्ष-25 देशों की सूची में जगह बना ली है। रक्षा मंत्री ने कहा कि सात-आठ साल पहले, रक्षा निर्यात 1,000 करोड़ रुपये तक भी नहीं पहुंच पाता था, जबकि आज यह 16,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि 2028-29 तक वार्षिक रक्षा उत्पादन तीन लाख करोड़ रुपये और रक्षा निर्यात 50,000 करोड़ रुपये तक पहुंचने की आशा है।
रक्षा मंत्री ने कहा कि जहां सरकार बड़ी कंपनियों को बढ़ावा दे रही है, वहीं वह स्टार्ट-अप के माध्यम से रक्षा क्षेत्र में प्रतिभाशाली युवाओं को भी आमंत्रित कर रही है, उन्होंने इसे दीर्घकालिक लाभ के लिए उठाया गया एक और कदम बताया। रक्षा मंत्री ने कहा कि आने वाले 20-25 वर्षों में ये कंपनियां अपने नवाचारों के दम पर वैश्विक मंच पर भारत की सशक्त पहचान को एक नया आयाम देने में सहायता करेंगी।
संजीव , डेस्क

Tags: 50 हजार करोड रूपयेDefense production expected to reach Rs 3 lakh crore and defense export Rs 50 thousand croreऔर रक्षा निर्याततीन लाख करोड़पहुंचने की उम्मीदरक्षा उत्पादन
Previous Post

जी7 नेताओं ने नवलनी की मौत पर रूस को प्रतिबंधों की धमकी दी

Next Post

रेड कार्पेट दिल्ली ने छत्तीसगढ़ वॉरियर्स को हराया

Related Posts

सरकार घरेलू रक्षा उत्पादन बढ़ाने की दिशा में सुधार के लिए प्रतिबद्ध : रक्षा सचिव
देश

सरकार घरेलू रक्षा उत्पादन बढ़ाने की दिशा में सुधार के लिए प्रतिबद्ध : रक्षा सचिव

July 10, 2024
भारत का रक्षा उत्पादन 1.27 लाख करोड रुपए के रिकार्ड स्तर पर पहुंचा
देश

भारत का रक्षा उत्पादन 1.27 लाख करोड रुपए के रिकार्ड स्तर पर पहुंचा

July 5, 2024
Next Post
रेड कार्पेट दिल्ली ने छत्तीसगढ़ वॉरियर्स को हराया

रेड कार्पेट दिल्ली ने छत्तीसगढ़ वॉरियर्स को हराया

New Delhi, India
Thursday, February 5, 2026
Mist
9 ° c
93%
11.5mh
25 c 12 c
Fri
26 c 14 c
Sat

ताजा खबर

बिहार की 131 सड़क परियोजनाओं पर फोकस: प्रगति यात्रा की योजनाओं की हाई-लेवल समीक्षा

गुलज़ारबाग़ प्रेस के दुर्लभ दस्तावेज होंगे डिजिटलीकृत—बिहार सरकार का बड़ा संरक्षण अभियान

February 5, 2026
बिहार के ऊर्जा क्षेत्र में ₹50 हजार करोड़ का निवेश—कजरा सौर परियोजना से बदलेगा राज्य का पावर भविष्य

बिहार के ऊर्जा क्षेत्र में ₹50 हजार करोड़ का निवेश—कजरा सौर परियोजना से बदलेगा राज्य का पावर भविष्य

February 5, 2026
पंजाब के युवाओं के लिए निवेश से रोजगार की राह तैयार कर रही है भगवंत मान सरकार, मुंबई रोडशो में दिखा साफ़ रोडमैप

पंजाब के युवाओं के लिए निवेश से रोजगार की राह तैयार कर रही है भगवंत मान सरकार, मुंबई रोडशो में दिखा साफ़ रोडमैप

February 4, 2026
मोदी-ट्रंप ‘गुप्त सौदे’ पर AAP पंजाब का तीखा हमला—“यह व्यापार नहीं, आत्मसमर्पण है”

मोदी-ट्रंप ‘गुप्त सौदे’ पर AAP पंजाब का तीखा हमला—“यह व्यापार नहीं, आत्मसमर्पण है”

February 4, 2026
आपसी तालमेल का सामंजस्य बैठाना है एक अच्छे पी.आर.ओ. का काम! – संजय वशिष्ट

आपसी तालमेल का सामंजस्य बैठाना है एक अच्छे पी.आर.ओ. का काम! – संजय वशिष्ट

February 4, 2026

Categories

  • अपराध
  • अभी-अभी
  • करियर – शिक्षा
  • खेल
  • गीत संगीत
  • जीवन मंत्र
  • टेक्नोलॉजी
  • देश
  • बॉलीवुड
  • भोजपुरी
  • मनोरंजन
  • राजनीति
  • रोजगार
  • विदेश
  • व्यापार
  • व्रत त्योहार
  • शिक्षा
  • संपादकीय
  • स्पेशल स्टोरी
  • स्वास्थ्य
  • About us
  • Contact us

@ 2025 All Rights Reserved

No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • खेल
  • अपराध
  • करियर – शिक्षा
    • टेक्नोलॉजी
    • रोजगार
    • शिक्षा
  • जीवन मंत्र
    • व्रत त्योहार
  • स्वास्थ्य
  • मनोरंजन
    • बॉलीवुड
    • गीत संगीत
    • भोजपुरी
  • स्पेशल स्टोरी

@ 2025 All Rights Reserved