मुंबई, 06 फरवरी (कड़वा सत्य) महाराष्ट्र में विपक्षी महा विकास अघाड़ी (एमवीए) के घटक राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार) ने बुधवार को वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) के बजट की तीखी आलोचना की और इसे खोखले वादों का दस्तावेज बताया जो मुंबई के नागरिकों की मूल चिंताओं को दूर करने में विफल है।
राकांपा (एसपी) के मुख्य प्रवक्ता, महेश तापसे ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सत्तारूढ़ महायुति सरकार, जिसमें भाजपा-शिवसेना (शिंदे गुट) और राकांपा (एपी) शामिल हैं, ने शहर की बिगड़ती नागरिक स्थितियों पर आंखें मूंदकर एक बार फिर भव्य अवसंरचनात्मक परियोजनाओं को प्राथमिकता दी है।
सड़क कंक्रीटीकरण के लिए बड़े आवंटन होने के बावजूद, मुंबई की सड़कें गड्ढों से भरी हुई है जो मानसून के दौरान जानलेवा हो जाती है।
तापसे ने सवाल किया कि “प्रति वर्ष, करोड़ों खर्च किए जाते हैं, लेकिन ज़मीनी हकीकत अपरिवर्तित रहती है। नागरिक कैसे भरोसा करें कि इस वर्ष का आवंटन भ्रष्टाचार का एक और मौका नहीं साबित होगा?”
इसके अलावा, शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) चिंताजनक रूप से खराब बना हुआ है, फिर भी बजट में प्रदूषण कम करने के उपायों को केवल प्रतीकात्मक देखा गया है।
बीएमसी बजट में दावा किया गया है कि यह वर्षा जल निकासी के लिए धन आवंटित करेगा, लेकिन मुंबईकर मानसून के दौरान जलभराव का सामना करते रहते हैं।
इसके अलावा, कचरा निपटान एक गंभीर मुद्दा बना हुआ है, क्योंकि वित्तीय आवंटन में वृद्धि के बावजूद अपशिष्ट प्रबंधन विफल हो रहा है।
स्वास्थ्य देखभाल और शिक्षा की अनदेखी के साथ, बजट में बेहतर नगरपालिका अस्पतालों एवं स्कूलों के लिए बहुत कम संभावनाएं हैं।
राकांपा (सपा) नेता ने आरोप लगाते हुए कहा कि यह बजट बिल्डर-समर्थक पूर्वाग्रह को दर्शाता है और इसमें किफायती आवास और झुग्गी-झोपड़ी पुनर्वास को दरकिनार कर दिया गया है।
एनसीपी (एसपी) ने पिछले तीन वर्षों में बीएमसी द्वारा अवसंरचना पर की गई खर्च पर श्वेत पत्र लाने के साथ-साथ सभी नागरिक परियोजनाओं की स्वतंत्र ऑडिट कराने की मांग की है।
श्री तापसे ने कहा कि “बजट ने बेहतर मुंबई के लिए एक दृष्टिकोण से हटकर, एक बार फिर अपने लोगों की भलाई पर राजनीतिक एवं वाणिज्यिक हितों को प्राथमिकता दी है।”
कड़वा सत्य