नयी दिल्ली 14 सितंबर (कड़वा सत्य) देश में हर वर्ष 14 सितंबर को हिंदी दिवस मनाया जाता है जो हिंदी को आधिकारिक भाषा के रूप में अपनाए जाने की 75वीं वर्षगांठ का प्रतीक है। इस अवसर पर आज केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने एक स्मारक डाक टिकट जारी किया।
राजभाषा की हीरक जयंती के रूप में जाना जाने वाला यह अवसर 14 सितंबर 1949 को संविधान सभा द्वारा लिए गए ऐतिहासिक निर्णय की याद दिलाता है, जब देवनागरी लिपि में हिंदी को भारत संघ की आधिकारिक भाषा के रूप में नामित किया गया था। गृह मंत्रालय के अधीन राजभाषा विभाग ने 1975 में अपनी स्थापना के बाद से ही सरकारी कामकाज में हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के सम्मान में श्री शाह ने 14 सितंबर 2024 को यहां एक स्मारक डाक टिकट का अनावरण किया। इस अवसर पर केंद्रीय संचार एवं उत्तरी क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य एम सिंधिया ने कहा, “आज हिंदी भाषा के भारत की राजभाषा बनने के 75 वर्ष पूरे होने के ऐतिहासिक अवसर पर श्री शाह ने एक स्मारक डाक टिकट जारी किया है। यह टिकट भारत की संस्कृति और इतिहास को आगे बढ़ाने में हिंदी भाषा के योगदान का जश्न मनाता है और एक नए एवं विकसित भारत के निर्माण में इसकी भूमिका पर भी प्रकाश डालता है। मुझे विश्वास है कि यह टिकट हमें देश और दुनिया भर में एकता और शांति सुनिश्चित करने में ‘हिंदी’ के महत्व की याद दिलाता रहेगा। जय हिंद!”
डाक विभाग की ओर से यह स्मारक डाक टिकट देश को एकजुट करने और विविध भाषाई समुदायों की सेवा करने में हिंदी की स्थायी भूमिका के लिए एक ंजलि है। यह पिछले 75 वर्षों में देश के प्रशासनिक और सांस्कृतिक परिदृश्य में हिंदी की महत्वपूर्ण यात्रा का जश्न मनाता है।
शेखर
कड़वा सत्य