मुंबई 16 जनवरी (कड़वा सत्य) उद्योगपति मुकेश अंबानी की पेट्रोलियम समेत विभिन्न क्षेत्रों में कारोबार करने वाली दिग्गज कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज का चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में सकल शुद्ध मुनाफा इसके पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही के 19641 करोड़ रुपये के मुकाबले 11.7 प्रतिशत की छलांग लगाकर 21930 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।
कंपनी ने गुरुवार को नियामकीय फाइलिंग में बताया कि उसे वित्त वर्ष 2024-25 की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में 21930 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा हुआ, जो वित्त वर्ष 2023-24 की इसी तिमाही के 19641 करोड़ रुपये के मुकाबले 11.7 प्रतिशत अधिक है। वहीं, चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में उसे 19323 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा हुआ था।
अलोच्य अवधि में कपनी का कुल राजस्व 248160 करोड़ रुपये की तुलना में 7.7 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 267186 करोड़ रुपये हो गया। वहीं, चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में उसने कुल 258027 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया था।
रिलायंस इंडस्ट्रीज का आलोच्य अवधि में पूंजीगत व्यय 32,259 करोड़ रुपये रहा। उसका सकल ऋण पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही के मुकाबले थोड़ा कम हुआ और यह 119,372 करोड़ रुपये से घटकर 115,465 करोड़ रह गया। इस अवधि में जियो प्लेटफ़ॉर्म्स के ईबीआईडीटीए ने एक नए ऊंचे स्तर को छूते हुए सालाना आधार पर 18.8 प्रतिशत की बढ़त देखी और यह अब 16,585 करोड़ तक पहुंच गया है। चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में जियो प्लेटफ़ॉर्म्स लिमिटेड का शुद्ध मुनाफ़ा 26 प्रतिशत की बढ़ोतरी लेकर 6,861 करोड़ हो गया है।
जियो के ग्राहकों की संख्या वर्ष 2024 के अंत तक 48 करोड़ 21 लाख पहुंच गई है, जो सालाना आधार पर 2.4 प्रतिशत अधिक है। जियो ने 33 लाख नेट ग्राहक जोड़े हैं। घरेलू कनेक्शन के नज़रिए से भी ये एक रिकॉर्ड तिमाही रही, जिसमें 20 लाख नए कनेक्शन जुड़े।
कंपनी ने बताया कि जियो एयर फ़ाइबर तेजी से बढ़ रहा है और इसका ग्राहक आधार 45 लाख पर पहुंच गया है। जियो चीन के बाहर दुनिया का सबसे बड़ा एकल 5जी ऑपरेटर बन गया है। जियो का 5जी ग्राहक आधार 17 करोड़ पार कर गया है। ट्रू 5जी, जियो के कुल वायरलेस ट्रैफ़िक का 40 प्रतिशत हो गया है। जियो ने दुनिया में कई सेवाएं पहली बार पहुंचाईं हैं, जैसे वीओएनआर सर्टिफ़िकेशन, स्लाइस आधारित और डिवाइस अवेयर लेयर मैनेजमेंट, ज़रूरत के मुताबिक बैंडविड्थ देने की व्यवस्था। इनसे ऊर्जा की बचत होती है, सही लोकेशन मिलता है और केपेसिटी के नुकसान के बगैर इंटरफ़ियरेंस को रोका जाता है।
चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में टैरिफ में बढ़ोतरी और बेहतर सब्सक्राइबर मिक्स के दम पर जियो का एआरपीयू बढ़कर 203.3 हो गया है। टैरिफ बढ़ोतरी का पूरा असर अगले कुछ महीनों में दिखेगा। इस अवधि में प्रति व्यक्ति प्रति माह डेटा खपत 32.3 गीगीबाइट (जीबी) रही, जो उद्योग में सबसे ज़्यादा है। इसके अलावा कुल डेटा ट्रैफ़िक में 22.2 प्रतिशत की वृद्धि भी दर्ज की गई।
कंपनी ने बताया कि वित्त वर्ष 2024-25 की तीसरी तिमाही के लिए रिलायंस रिटेल का सकल राजस्व साल-दर-साल 8.8 प्रतिशत बढ़कर 90,333 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। यह वृद्धि त्योहारी सीज़न में नए उत्पादों के लॉन्च, प्रचार और इन-स्टोर गतिविधियों के दम पर हुई। इस तिमाही में रिलायंस रिटेल का परिचालन ईबीआईटीडीए 6,632 करोड़ रुपये रहा, जो साल-दर-साल 9.8 प्रतिशत अधिक रहा। परिचालन से ईबीआईटीडीए मार्जिन 8.6 प्रतिशत रहा, जो 20 आधार अंक अधिक है।
आलोच्य अवधि में रिलायंस रिटेल ने 779 नए स्टोर खोले, जिससे उसके कुल स्टोर की संख्या बढ़कर 19,102 हो गई है, जो सात करोड़ 74 लाख वर्ग फुट में फैले है। तिमाही में 29 करोड़ 60 लाख से अधिक लोगों ने स्टोर विज़िट किया, जो सालाना आधार पर पांच प्रतिशत अधिक है। रिलायंस रिटेल का ग्राहक आधार अब 33 करोड़ 80 लाख तक पहुंच गया है, जिससे स्पष्ट है कि ये ग्राहकों का मनपसंद रिटेल बन चुका है। रिलायंस रिटेल ने 35 करोड़ 50 लाख ट्रांसेक्शन दर्ज किए जो सालाना आधार पर 10.9 प्रतिशत अधिक है।