नयी दिल्ली 27 जून (कड़वा सत्य) नीति आयोग में स्वास्थ्य सदस्य डॉ. विनोद पॉल ने कहा है कि जूनोसिस- रोगाणुरोधी प्रतिरोध (एएमआर), खाद्य सुरक्षा और जलवायु परिवर्तन से उत्पन्न गंभीर स्वास्थ्य चुनौतियों के मुद्दे आपस में जुड़े हुए हैं और मानव स्वास्थ्य, पशु स्वास्थ्य और पर्यावरण क्षेत्रों के बीच की खाई को पाटने के लिए एक व्यापक और बहु आयामी दृष्टिकोण की आवश्यकता है।
डाॅ. पाल ने बृहस्पतिवार को यहां “वन हेल्थ” पहल के लिए कानूनी पर्यावरण मूल्यांकन पर दो दिवसीय राष्ट्रीय प र्श का उद्घाटन करते हुए कहा कि विभिन्न आवश्यकताओं के अनुरूप, भारत ने रोगाणुरोधी प्रतिरोध के कारण उत्पन्न मुद्दों के समाधान के लिए राष्ट्रीय कार्य योजना – दि्वतीय तैयार करना शुरू की है। इसके लिए वन हेल्थ मिशन की अवधारणा बनाई है और जलवायु परिवर्तन के व्यापक मुद्दों पर काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वन हेल्थ लक्ष्यों की प्राप्ति सुनिश्चित करने के लिए, राज्य की भागीदारी, भारतीय कानूनों को अंतर्राष्ट्रीय कानूनों के साथ अनुरुप करना और विभिन्न क्षेत्रों को जोडने की आवश्यकता है।