नयी दिल्ली, 27 जनवरी (कड़वा सत्य) पूर्व एशियाई देश लाओस में भारतीय दूतावास ने 67 भारतीय नागरिकों को मुक्त कराया, जिनसे जबरदस्ती एक साइबर अपराध के अड्डे पर काम कराया जा रहा था।
वियनतियाने स्थित भारतीय दूतावास ने सोमवार को एक विज्ञप्ति में कहा कि मुक्त कराए गए सभी भारतीय युवा हैं और उन्हें लाओस के बोकैवो प्रांत में गोल्डन ट्रायंगल स्पेशल इकोनामिक जोन में अपराधियों के एक गिरोह द्वारा संचालित कॉल सेंटर में जोर-जबरदस्ती करके काम कराया जाता था और उन्हें धमकियां दी जाती थी।
दूतावास ने बयान में कहा की इन भारतीय युवाओं को वहां से सफलतापूर्वक मुक्त करा लिया गया है।
इसने कहा कि युवाओं ने दूतावास से सहायता की मांग की थी। उनके अनुरोध पर तत्परता से कार्यवाही करते हुए लाओस के अधिकारियों की मदद से छुड़ाया गया। उन्हें वहां से वियनतियाने लाया गया है।
वहां भारतीय दूतावास में उनके रहने-खाने और अन्य जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था की है। भारतीय राजदूत प्रशांत अग्रवाल ने युवाओं से मिलकर उनका हाल-चाल लिया और उन्हें सुरक्षित स्वदेश भिजवाने में पूरी सहायता का आश्वासन दिया है। दूतावास उनकी मदद करने के लिए लाओस के अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है।
वहां भारतीय दूतावास ने अब तक 924 भारतीय नागरिकों को विभिन्न परिस्थितियों से मुक्त कराया है और उनमें से 857 सुरक्षित भारत भेजा जा चुका है।
भारतीय दूतावास ने इस मामले को उच्च स्तर पर उठाया है और भारतीय युवकों को ऐसे लोगों से सावधान रहने की सलाह दी है जो थाईलैंड में उन्हें नौकरी का प्रस्ताव करते हैं। ऐसे व्यक्ति भारतीयों को थाईलैंड लाकर सड़क मार्ग से थाईलैंड की सीमा ले जाकर उन्हें चोरी छुपे प्रवेश करा सकते हैं और वहां उनका पासपोर्ट आदि लेकर उन्हें अपराधिक गतिविधियों में लगा सकते हैं।
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कड़वा सत्य