मुंबई, 06 फरवरी (कड़वा सत्य) सोनी सब के शो ‘वागले की दुनिया – नई पीढ़ी, नए किस्से’ में राजेश वागले का किरदार निभाने वाले सुमित राघवन का कहना है कि यह शो एक संवेदनशील कहानी है और दर्शक इससे गहराई से जुड़ेंगे।
‘वागले की दुनिया – नई पीढ़ी, नए किस्से’ के हाल के एपिसोड्स में राजेश (सुमित राघवन) को एक अजीब-सा पूर्वाभास होता है कि उनके माता-पिता श्रीनिवास (आंजन श्रीवास्तव) और राधिका (भारती अचरेकर) उनके सामने घुटनों पर बैठकर रहम की भीख मांग रहे हैं। इसके बाद राजेश को अपनी कंपनी के सीएसआर (सीएसआर) इनिशिएटिव के तहत वृद्धाश्रम चुनने की जिम्मेदारी दी जाती है। इन वृद्धाश्रमों की सेवाओं की जांच करने के लिए वह यह दिखावा करता है कि वह अपने माता-पिता को वहां दाखिल कराना चाहता है, ताकि उनकी सेवाओं की वास्तविकता परख सके।
आने वाले एपिसोड्स में वागले परिवार में एक बड़ी गलतफहमी जन्म लेती है। राधिका और श्रीनिवास राजेश की बातचीत का एक हिस्सा सुन लेते हैं और गलती से यह मान लेते हैं कि राजेश उन्हें वृद्धाश्रम भेजने की योजना बना रहा है। इस गलतफहमी से आहत होकर वे खुद ही घर छोड़ने का फैसला कर लेते हैं, बजाय इसके कि उन्हें जबरन भेजा जाए। घर से बाहर निकलने के बाद वे दोनों असहाय और परेशान होकर इधर-उधर भटकते हैं, जबकि राजेश उनकी खोज में पागलों की तरह दौड़ता है, इस बात से अनजान कि आखिर उनके इस कदम के पीछे क्या वजह थी।
सुमित राघवन ने कहा, राजेश ऐसा इंसान है जो अपने माता-पिता को वृद्धाश्रम भेजने के बारे में कभी सोच भी नहीं सकता। उसका पूरा जीवन उसके परिवार के इर्द-गिर्द घूमता है और वे उसके लिए सब कुछ हैं। जिस तरह से यह स्थिति सामने आती है, जब उसके माता-पिता उसकी बातचीत का एक हिस्सा सुन लेते हैं और उसकी मंशा को गलत समझ बैठते हैं, तो पूरा माहौल ही अस्त-व्यस्त हो जाता है। यह कहानी परिवार के भीतर गलतफहमी और संवादहीनता से उत्पन्न भावनात्मक उथल-पुथल को खूबसूरती से दर्शाती है। राजेश का वह पूर्वाभास, जो पहले बेमानी लग रहा था, इस घटना से जुड़कर और भी गहराई पकड़ लेता है, जिससे हालात और भी भावनात्मक हो जाते हैं। यह एक संवेदनशील कहानी है और मुझे लगता है कि दर्शक इससे गहराई से जुड़ेंगे।
‘वागले की दुनिया – नई पीढ़ी, नए किस्से’, सोमवार से शनिवार रात 9 बजे, केवल सोनी सब पर प्रसारित होता है।
कड़वा सत्य