नयी दिल्ली, 14 जनवरी (कड़वा सत्य) केंद्रीय ग् ीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने देश में एक साथ चुनाव कराने की जोरदार वकालत करते हुये इसे बेहतर शासन और निर्बाध विकास सुनिश्चित करने के लिये एक आवश्यक कदम बताया है। पांचजन्य की 78वीं वर्षगांठ पर मंगलवार को “बात भारत की अष्टयाम” कार्यक्रम के दौरान श्री चौहान ने चुनावों के सतत चक्र को समाप्त करने की आवश्यकता बताते हुये कहा कि यह देश की प्रगति में बाधा डालता है और संसाधनों को खत्म करता है।
उन्होंने याद दिलाया कि कैसे भारत के संविधान निर्माताओं ने मूल रूप से लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के लिये पांच साल के निश्चित अंतराल पर एक साथ चुनाव कराने की कल्पना की थी। यह प्रणाली, जो 1967 तक प्रभावी रूप से काम करती रही, लेकिन अनुच्छेद 356 के लगातार दुरुपयोग के कारण यह बाधित हुई। इसके कारण राज्य सरकारों को समय से पहले बर्खास्त कर दिया गया। तब से, देश में चुनाव साल भर चलने वाला मामला बन गया है, जिसमें एक के बाद एक चुनाव होते रहते हैं, जो अक्सर ओवरलैप होते हैं और प्रशासनिक, वित्तीय और राजनीतिक संसाधनों का उपभोग करते हैं।