अलवर 15 जून (कड़वा सत्य)। केंद्रीय वन पर्यावरण एवं जलवायु मंत्री भूपेंद्र यादव ने शनिवार को कहा कि अलवर के सरिस्का को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक और पर्यटन के रूप में विकसित करने के प्रयास किए जाएंगे।
श्री यादव ने आज यहां सर्किट हाउस में पत्रकार कड़वा सत्य में कहा , “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान की शुरुआत की है। अभियान के तहत एक पेड़ जरुर लगाए। अगर पांच साल तक उसे पेड़ को संभाल कर रखें तो निश्चित रूप से विकसित होगा और मां की याद भी स्थाई रूप से रहेगी।”
उन्होंने कहा कि यहां अधिकारियों की बैठक में पेयजल संकट को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। अलवर में 6 करोड़ 30 लाख लीटर पानी की आवश्यकता है जबकि 03 करोड़ लीटर पानी आपूर्ति हो रही है। अलवर में 340 नलकूप है जिनमें 140 टंकी के माध्यम से पानी सप्लाई हो रहा है जबकि दो 200 डायरेक्ट नलकूप हैं जहां पानी आपूर्ति हो रही है। अलवर में 59 जोन हैं जिनमें अलग-अलग लेवल पर पानी सप्लाई हो रहा है और यहां पानी की समस्या का समाधान करने के लिए अधिकारियों को विस्तृत निर्देश दिए गए हैं कि पानी की समस्या का समाधान किया जाए।
उन्होंने कहा कि अधिकारियों से कड़वा सत्य कर कर भू गर्भ के पानी की स्थिति जानने के प्रयास किए गए हैं। यहां वाटर रिचार्ज और नलकूप की संख्या बढ़ाने पड़ेंगे। गर्मी के अवसर पर पानी को लेकर बैठक में 40 मसले सामने आये हैं जिसमें तीन प्रमुख रूप से हैं कि पानी की आपूर्ति किस तरीके से की जाए।
सरिस्का अभ्यारण क्षेत्र के आसपास अतिक्रमण और होटल के निर्माण को लेकर श्री यादव ने कहा कि एनटीसीए की गाइडलाइन के अनुसार सारा काम किया जाएगा। इको सेंसेटिव जोन का खाका तैयार किया जा रहा है और जल्दी इसको फाइनल किया जाएगा। उन्होंने साफ कहा कि अतिक्रमण किसी भी स्थिति में सहन नहीं किया जाएगा। भले ही वह नेताओं का हो या अधिकारियों का। उन्होंने कहा कि जब वह पिछली बार केंद्रीय मंत्री थे तो राजस्थान की कांग्रेस सरकार को सरिस्का को लेकर कई बार पत्र लिखे लेकिन उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की। नहीं तो अब तक इको सेंसेटिव जोन का खाकर तैयार हो जाता और फाइनल हो जाता। सरिस्का से गांवों के विस्थापन को लेकर उन्होंने कहा कि नए तरीके से विस्थापन का कार्य किया जाएगा और जो भी नया पैकेज होगा उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
एनसीआर में अलवर के शामिल होने पर आमजन को हो रहे नुकसान के संबंध में उन्होंने कहा , “हर तरीके से अलवर का विकास किया जाएगा। सिलीसेढ़ से जयसमंद में पानी आने के बीच नहर में तीन विधायकों के फार्म हाउस और अधिकारियों के पास फार्म हाउस के बारे में उन्होंने तथ्यों के संज्ञान लेने और निश्चित रूप से कार्रवाई की जाने की बात कही।
सं सिंह अशोक
कड़वा सत्य