• About us
  • Contact us
Sunday, January 11, 2026
6 °c
New Delhi
15 ° Mon
16 ° Tue
Kadwa Satya
  • Home
  • संपादकीय
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • खेल
  • अपराध
  • करियर – शिक्षा
    • टेक्नोलॉजी
    • रोजगार
    • शिक्षा
  • जीवन मंत्र
    • व्रत त्योहार
  • स्वास्थ्य
  • मनोरंजन
    • बॉलीवुड
    • गीत संगीत
    • भोजपुरी
  • स्पेशल स्टोरी
No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • खेल
  • अपराध
  • करियर – शिक्षा
    • टेक्नोलॉजी
    • रोजगार
    • शिक्षा
  • जीवन मंत्र
    • व्रत त्योहार
  • स्वास्थ्य
  • मनोरंजन
    • बॉलीवुड
    • गीत संगीत
    • भोजपुरी
  • स्पेशल स्टोरी
No Result
View All Result
Kadwa Satya
No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • खेल
  • अपराध
  • करियर – शिक्षा
  • जीवन मंत्र
  • स्वास्थ्य
  • मनोरंजन
  • स्पेशल स्टोरी
Home व्यापार

जन धन योजना ने गरीबों को आर्थिक मुख्‍यधारा में शामिल किया: सीतारमण

News Desk by News Desk
August 28, 2024
in व्यापार
जन धन योजना ने गरीबों को आर्थिक मुख्‍यधारा में शामिल किया: सीतारमण
Share on FacebookShare on Twitter

नयी दिल्ली 28 अगस्त (कड़वा सत्य) वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रधानमंत्री जन-धन योजना (पीएमजेडीवाई) के आज एक दशक पूर्ण के अवसर पर कहा कि वित्तीय समावेशन एवं सशक्तिकरण सुनिश्चित करने के लिए औपचारिक बैंकिंग सेवाओं तक सभी की आसान पहुंच आवश्यक है और पीएमजेडीवाई ने गरीबों को आर्थिक मुख्यधारा में शामिल करने के साथ ही हाशिए के समुदायों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका भी निभाई।
प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने अपने पहले कार्यकाल के प्रारंभ में 28 अगस्त 2014 को वित्तीय समावेशन और गरीबों की बैंकिंग सेवाओं मे पहुंच को आसान बनाने के लिए इस योजना की शुरूआत की थी और यह योजना आज सफलतापूर्वक एक दशक पूरा कर रही है। इस दौरान पीएमजेडीवाई दुनिया का सबसे बड़ा वित्तीय समावेशन कार्यकम भी बन गया है। वित्त मंत्रालय अपने वित्तीय समावेशन प्रयासों के जरिये हाशिए के समुदायों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को सहायता प्रदान करने का निरंतर प्रयास करता रहा है। इसकी परिवर्तनकारी ताकत और डिजिटल नवाचारों ने भारत में वित्तीय समावेशन में क्रांतिकारी बदलाव किया है।
इस मौके पर श्रीमती सीतारमण ने कहा कि जन-धन, मोबाइल एवं आधार को लिंक करते हुए सहमति आधारित पाइपलाइन वित्तीय समावेशन परिवेश का एक सबसे महत्वपूर्ण स्तंभ है जिसने सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के लाभों को पात्र लाभार्थियों के खाते में त्वरित, निर्बाध एवं पारदर्शी तरीके से हस्‍तांतरित करने में सक्षम बनाया है और डिजिटल भुगतान को बढ़ावा दिया है।
वित्त मंत्री ने कहा, “बैंक खाते, लघु बचत योजनाएं, बीमा एवं ऋण सुविधा सहित तमाम सार्वभौमिक, सस्ती एवं औपचारिक वित्तीय सेवाएं प्रदान करते हुए पीएम जन-धन योजना ने पिछले एक दशक में देश के बैंकिंग एवं वित्तीय परिदृश्य को बदल दिया है।”
श्रीमती सीतारमण ने कहा, “इस कार्यक्रम की सफलता इसी बात से परिलक्षित होती है कि जन-धन खाते खोलकर 53 करोड़ लोगों को औपचारिक बैंकिंग प्रणाली में शामिल किया जा चुका है। इन बैंक खातों में 2.3 लाख करोड़ रुपये जमा हुए है और इसके परिणामस्वरूप 36 करोड़ से अधिक निःशुल्क रुपे कार्ड जारी किए गए हैं जो 2 लाख रुपये का दुर्घटना बीमा कवर भी प्रदान करते हैं। गौरतलब है कि यह खाता खोलने के लिए कोई शुल्क या रखरखाव शुल्क नहीं लिया जाता है और इसके लिए खाते में न्यूनतम शेष राशि को बनाए रखने की कोई जरूरत नहीं है।”
उन्होंने कहा “यह जानकर खुशी हो रही है कि 67 प्रतिशत खाते ग् ीण अथवा कस्‍बाई क्षेत्रों में खोले गए हैं और 55 प्रतिशत खाते महिलाओं द्वारा खोले गए हैं।”
केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी ने इस अवसर पर अपने संदेश में कहा, “पीएमजेडीवाई महज एक योजना ही नहीं है बल्कि यह एक परिवर्तनकारी अभियान है, जिसने बैंकिंग सेवाओं से वंचित तमाम लोगों को वित्तीय आजादी प्रदान की है और उनमें वित्तीय सुरक्षा की भावना पैदा की है। प्रधानमंत्री ने 2021 में स्वतंत्रता दिवस के अपने भाषण में घोषणा की थी कि हर परिवार में एक बैंक खाता होना चाहिए और हरेक वयस्क के पास बीमा एवं पेंशन कवरेज होना चाहिए। देश भर में चलाए गए विभिन्न अभियानों के जरिये इस दिशा में लगातार किए गए प्रयासों के बल पर आज हम बैंक खातों के मामले में लगभग संतृप्ति की स्थिति हासिल कर चुके हैं। इससे देश भर में बीमा एवं पेंशन कवरेज में भी लगातार वृद्धि हुई है।”
श्री चौधरी ने कहा, “सभी हितधारकों, बैंकों, बीमा कंपनियों और राज्य सरकारों के समर्थन से अब हम वित्तीय तौर पर कहीं अधिक समावेशी समाज की ओर बढ़ रहे हैं। पीएमजेडीवाई को देश के वित्तीय समावेशन में गेम चेंजर के रूप में हमेशा याद किया जाएगा। प्रधानमंत्री जन-धन योजना न केवल शासन के मिशन मोड का एक प्रमुख उदाहरण है बल्कि इससे यह भी पता चलता है कि अगर सरकार लोगों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है तो वह क्या हासिल कर सकती है।”
पीएमजेडीवाई बिना बैंकिंग सुविधा वाले हर वयस्क को एक बुनियादी बैंक खाता प्रदान करता है। इस खाते के लिए खाता में शेष राशि रखने की जरूरत नहीं होती है और इस खाते के लिए कोई शुल्क भी नहीं लिया जाता है। इस खाते के साथ एक निःशुल्क रुपे डेबिट कार्ड भी प्रदान किया जाता है ताकि डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा दिया जा सके। रुपे डेबिट कार्ड पर 2 लाख रुपये का दुर्घटना बीमा कवर भी प्रदान किया जाता है। पीएमजेडीवाई खाताधारकों को आपातकालीन स्थितियों के दौरान 10,000 रुपये तक ओवरड्राफ्ट की सुविधा भी दी गई है।
पिछले एक दशक के दौरान प्रधानमंत्री जन-धन योजना के तहत किए गए प्रयासों ने प्रभावी तौर पर परिवर्तनकारी एवं दिशात्मक बदलाव किए हैं। इससे बैंक एवं वित्तीय संस्थान समाज के अंतिम व्यक्ति यानी सबसे गरीब व्यक्ति तक वित्तीय सेवाएं पहुंचाने में समर्थ हुए हैं।
प्रधानमंत्री जन-धन योजना के तहत खोले गए खाते न केवल प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण में मददगार साबित हुए हैं बल्कि ये सरकार द्वारा निर्धारित लाभार्थियों को दी जाने वाली सब्सिडी/भुगतान को बिना किसी बिचौलिए के आसानी से पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाने, निर्बाध लेनदेन और बचत संचय के लिए भी एक प्‍लेटफॉर्म के रूप में भी काम करते हैं। इसके अलावा ये खाते जन सुरक्षा योजनाओं (सूक्ष्म बीमा योजनाओं) के जरिये असंगठित क्षेत्र के लाखों श्रमिकों को जीवन एवं दुर्घटना बीमा प्रदान करने के लिए भी महत्वपूर्ण हैं।
जन-धन आधार एवं मोबाइल (जेएएम) की त्रिमूर्ति के लिए भी प्रधानमंत्री जन-धन योजना एक महत्‍वपूर्ण स्तंभ है और यह बिना किसी नुकसान के सब्सिडी वितरित करने का ढांचा साबित हुआ है। प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण के तहत जेएएम के जरिये सरकार ने सब्सिडी एवं सामाजिक लाभ को सीधे तौर पर वंचितों के बैंक खातों में सफलतापूर्वक हस्तांतरित किए हैं।

Tags: economicInclusionJan Dhan YojanamainstreampoorSitharamanआर्थिकगरीबोंजन धन योजनामुख्‍यधाराशामिल कियासीतारमण
Previous Post

सतीश कुमार रेलवे बोर्ड के नये अध्यक्ष एवं सीईओ नियुक्त

Next Post

तमिलनाडु भाजपा प्रमुख अन्नामलाई फेलोशिप पाठ्यक्रम के लिए ब्रिटेन रवाना

Related Posts

आम बजट भारत को आर्थिक महाशक्ति के रूप में स्थापित करने वाला : जिंदल स्टेनलेस
व्यापार

आम बजट भारत को आर्थिक महाशक्ति के रूप में स्थापित करने वाला : जिंदल स्टेनलेस

February 3, 2025
सीतारमण ने दिया आम बजट को अंतिम रूप
व्यापार

सीतारमण ने दिया आम बजट को अंतिम रूप

January 31, 2025
आर्थिक विकास के मजबूत अनुमान से झूमा बाजार
व्यापार

आर्थिक विकास के मजबूत अनुमान से झूमा बाजार

January 31, 2025
अर्थव्यवस्था की रफ्तार धीमी पड़ी, आर्थिक वृद्धि गिर सकती है दो प्रतिशत तक: चिदम्बरम
देश

अर्थव्यवस्था की रफ्तार धीमी पड़ी, आर्थिक वृद्धि गिर सकती है दो प्रतिशत तक: चिदम्बरम

January 30, 2025
गोयल ओमान  यात्रा पूरी, द्विपक्षीय आर्थिक भागीदारी समझौते की वार्ता तेज करने पर सहमति
व्यापार

गोयल ओमान यात्रा पूरी, द्विपक्षीय आर्थिक भागीदारी समझौते की कड़वा सत्य तेज करने पर सहमति

January 28, 2025
दूरदर्शी सुधारों से आर्थिक वृद्धि आगे भी तेज बनी रहेगी: द्रौपदी मुर्मु
देश

दूरदर्शी सुधारों से आर्थिक वृद्धि आगे भी तेज बनी रहेगी: द्रौपदी मुर्मु

January 25, 2025
Next Post
तमिलनाडु भाजपा प्रमुख अन्नामलाई फेलोशिप पाठ्यक्रम के लिए ब्रिटेन रवाना

तमिलनाडु भाजपा प्रमुख अन्नामलाई फेलोशिप पाठ्यक्रम के लिए ब्रिटेन रवाना

New Delhi, India
Sunday, January 11, 2026
Mist
6 ° c
100%
9.4mh
22 c 11 c
Mon
22 c 11 c
Tue

ताजा खबर

‘हर घर नल का जल’ के बाद अगला फोकस: O&M नीति से गुणवत्तापूर्ण जलापूर्ति सुनिश्चित करने की तैयारी

‘हर घर नल का जल’ के बाद अगला फोकस: O&M नीति से गुणवत्तापूर्ण जलापूर्ति सुनिश्चित करने की तैयारी

January 10, 2026
बिहार में 240 प्रखंडों के नए कार्यालय भवन: गुणवत्ता सुनिश्चित करने को अभियंताओं का विशेष प्रशिक्षण

बिहार में 240 प्रखंडों के नए कार्यालय भवन: गुणवत्ता सुनिश्चित करने को अभियंताओं का विशेष प्रशिक्षण

January 10, 2026
मान सरकार के डिजिटल विज़न से ईज़ी रजिस्ट्री ने बनाया रिकॉर्ड, 6 महीनों में 3.70 लाख से ज्यादा रजिस्ट्रियां हुई दर्ज

मान सरकार के डिजिटल विज़न से ईज़ी रजिस्ट्री ने बनाया रिकॉर्ड, 6 महीनों में 3.70 लाख से ज्यादा रजिस्ट्रियां हुई दर्ज

January 10, 2026
केंद्रीय बजट 2026-27: बिहार ने अतिरिक्त ऋण सीमा, सेस के विलय और विशेष बाढ़ पैकेज की मांग रखी

केंद्रीय बजट 2026-27: बिहार ने अतिरिक्त ऋण सीमा, सेस के विलय और विशेष बाढ़ पैकेज की मांग रखी

January 10, 2026
विश्व हिन्दी दिवस पर विशेष: संस्कृत नहीं, हिंग्लिश होगी सन् 2047 में विकसित भारत की जनभाषा !

विश्व हिन्दी दिवस पर विशेष: संस्कृत नहीं, हिंग्लिश होगी सन् 2047 में विकसित भारत की जनभाषा !

January 10, 2026

Categories

  • अपराध
  • अभी-अभी
  • करियर – शिक्षा
  • खेल
  • गीत संगीत
  • जीवन मंत्र
  • टेक्नोलॉजी
  • देश
  • बॉलीवुड
  • भोजपुरी
  • मनोरंजन
  • राजनीति
  • रोजगार
  • विदेश
  • व्यापार
  • व्रत त्योहार
  • शिक्षा
  • संपादकीय
  • स्पेशल स्टोरी
  • स्वास्थ्य
  • About us
  • Contact us

@ 2025 All Rights Reserved

No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • खेल
  • अपराध
  • करियर – शिक्षा
    • टेक्नोलॉजी
    • रोजगार
    • शिक्षा
  • जीवन मंत्र
    • व्रत त्योहार
  • स्वास्थ्य
  • मनोरंजन
    • बॉलीवुड
    • गीत संगीत
    • भोजपुरी
  • स्पेशल स्टोरी

@ 2025 All Rights Reserved