New Rules From April 1 2025: अप्रैल से देश में नया वित्त वर्ष 2025-26 लागू होने वाला है। साथ ही अप्रैल महीने की पहली तारीख से देश में बैंकिंग से जुड़े कुछ नए नियम लागू हो रहे हैं। इससे कंज्यूमर की जेब पर असर हो सकता है। उदाहरण के तौर पर कई बैंक सेविंग्स अकाउंट और फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) की ब्याज दरों में बदलाव करने वाले हैं। अब खाते में जमा अमाउंट के आधार पर ब्याज दरें तय की जाएंगी। इससे बड़ा अमाउंट रखने वाले ग्राहकों को अधिक ब्याज मिलने की संभावना है।
क्रेडिट कार्ड से जुड़े बदलाव
SBI, IDFC First Bank अपनी क्रेडिट कार्ड पॉलिसीज में बदलाव कर रहे हैं। कुछ ट्रांजेक्शंस पर SBI Card के रिवॉर्ड पॉइंट घटने वाले हैं। SimplyCLICK SBI कार्डहोल्डर्स को अब स्विगी पर 5X रिवॉर्ड पॉइंट मिलेंगे। पहले ये 10X थे। Air India SBI Credit Card के मामले में Air India SBI Platinum Credit Card अब एयर इंडिया टिकट बुकिंग्स पर हर 100 रुपये के खर्च पर 5 रिवॉर्ड पॉइंट की पेशकश करेगा। अभी 15 रिवॉर्ड पॉइंट्स मिलते हैं। इसी तरह Air India SBI Signature Credit Card के यूजर्स को हर 100 रुपये के खर्च पर 10 पॉइंट मिलेंगे, जबकि अभी 30 मिलते हैं।
IDFC First Bank के क्रेडिट कार्ड की बात करें तो 31 मार्च से क्लब विस्तारा क्रेडिट कार्ड होल्डर्स के लिए माइलस्टोन रिवॉर्ड बंद हो जाएंगे। क्लब विस्तारा सिल्वर मेंबरशिप अब उपलब्ध नहीं होगी। साथ ही कॉम्प्लिमेंटरी वाउचर्स जैसे कि प्रीमियम इकोनॉमी टिकट और क्लास अपग्रेड वाउचर्स भी डिसकंटीन्यू हो जाएंगे। 31 मार्च से क्रेडिट कार्ड रिन्यू कराने वाले कस्टमर्स के लिए बैंक सालाना फीस को एक साल के लिए माफ करेगा। लेकिन प्रमुख ट्रैवल बेनिफिटस नहीं मिलेंगे।
शहरी सहकारी बैंकों के लिए नया नियम
1 अप्रैल से शहरी सहकारी बैंकों को अपने कर्ज का 60 प्रतिशत प्रायोरिटी सेक्टर्स को एलोकेट करना होगा। साथ ही अधिक महिलाएं लोन के लिए पात्र होंगी।
ये UPI अकाउंट्स होंगे बंद
बैंक में रजिस्टर्ड ऐसे मोबाइल नंबर, जो लंबे वक्त से एक्टिव नहीं हैं, उनसे जुड़ी UPI ID डिएक्टिवेट हो जाएगी। मोबाइल नंबर के दोबारा एक्टिव होने पर ही ऐसे नंबर से UPI सर्विसेज एक्सेस कर सकेंगे।टेलीकॉम विभाग (DoT) के दिशानिर्देशों के अनुसार, अगर आपका मोबाइल नंबर रीवोक या सरेंडर कर दिया गया है, तो बैंक या UPI ऐप्स इसे अपने रिकॉर्ड से हटा सकते हैं। NPCI ने कहा कि रीवोक/सरेंडर किए गए मोबाइल नंबरों की वजह से कई तकनीकी समस्याएं और फ्रॉड के मामले बढ़ रहे हैं।