• About us
  • Contact us
Thursday, June 18, 2026
31 °c
New Delhi
37 ° Fri
37 ° Sat
Kadwa Satya
  • Home
  • संपादकीय
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • खेल
  • अपराध
  • करियर – शिक्षा
    • टेक्नोलॉजी
    • रोजगार
    • शिक्षा
  • जीवन मंत्र
    • व्रत त्योहार
  • स्वास्थ्य
  • मनोरंजन
    • बॉलीवुड
    • गीत संगीत
    • भोजपुरी
  • स्पेशल स्टोरी
No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • खेल
  • अपराध
  • करियर – शिक्षा
    • टेक्नोलॉजी
    • रोजगार
    • शिक्षा
  • जीवन मंत्र
    • व्रत त्योहार
  • स्वास्थ्य
  • मनोरंजन
    • बॉलीवुड
    • गीत संगीत
    • भोजपुरी
  • स्पेशल स्टोरी
No Result
View All Result
Kadwa Satya
No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • खेल
  • अपराध
  • करियर – शिक्षा
  • जीवन मंत्र
  • स्वास्थ्य
  • मनोरंजन
  • स्पेशल स्टोरी
Home संपादकीय

संसदीय शून्यता या रणनीतिक संकेत: उपराष्ट्रपति का रहस्यमय इस्तीफ़ा

News Desk by News Desk
July 22, 2025
in संपादकीय
संसदीय शून्यता या रणनीतिक संकेत: उपराष्ट्रपति का रहस्यमय इस्तीफ़ा
Share on FacebookShare on Twitter

लेखक: अमित पांडेय

“अगर भगवान नाराज़ नहीं हुए तो मैं अगस्त 2027 तक सेवा करूंगा” — यह कथन उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने 10 जुलाई 2025 को जेएनयू के एक कार्यक्रम में दिया था। लेकिन मात्र 11 दिन बाद, 21 जुलाई को, उन्होंने अचानक इस्तीफा दे दिया। इस्तीफा ऐसे समय आया जब संसद का मानसून सत्र शुरू हो चुका था और पहले ही दिन की कार्यवाही संपन्न हो चुकी थी। रात 7 बजे के बाद जब उनके इस्तीफे की खबर आई, तो पूरे राजनीतिक परिदृश्य में एक हलचल सी मच गई।


धनखड़ ने अपने इस्तीफे में स्वास्थ्य कारणों का हवाला दिया और कहा कि अब उन्हें अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता देनी है और चिकित्सकीय सलाह का पालन करना है। मार्च 2025 में उन्हें हृदय संबंधी समस्या के कारण AIIMS में भर्ती कराया गया था और बाद में एंजियोप्लास्टी की गई। जून में नैनीताल विश्वविद्यालय के एक कार्यक्रम के दौरान वह मंच पर बेहोश भी हो गए थे। हालांकि, जुलाई 21 को वह किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में बीमार नहीं दिखे, और उनके झुंझुनू (राजस्थान) दौरे की आधिकारिक घोषणा PIB द्वारा की गई थी, जो बताता है कि अचानक लिया गया यह निर्णय योजना का हिस्सा नहीं था।


ऐसे में सवाल उठता है कि क्या यह वास्तव में स्वास्थ्य कारणों से लिया गया फैसला था, या इसके पीछे राजनीतिक समीकरणों का भी हाथ था? विपक्ष के कई नेताओं ने इसे एक “रहस्यमय” इस्तीफा बताया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने कहा कि यह इस्तीफा उस दिन आया जब धनखड़ ने पूरे दिन संसदीय कार्यक्रमों में भाग लिया और न्यायपालिका पर चर्चा हेतु सदन में विशेष प्रस्ताव की योजना बना रहे थे। इतना सक्रिय व्यक्ति एकाएक इस्तीफा क्यों देगा? यह सवाल महत्वपूर्ण है।
धनखड़ पहले ऐसे उपराष्ट्रपति बने जिनके खिलाफ विपक्ष ने अविश्वास प्रस्ताव लाने की कोशिश की थी। दिसंबर 2024 में विपक्षी INDIA गठबंधन ने उन पर पक्षपाती व्यवहार, विपक्षी सांसदों को बोलने से रोकने, और संसद की गरिमा को ठेस पहुंचाने जैसे आरोप लगाए थे। हालाँकि यह प्रस्ताव प्रक्रिया संबंधी कारणों से खारिज कर दिया गया, लेकिन यह स्पष्ट था कि उनके कार्यकाल में राज्यसभा का संचालन एकतरफा माना गया। वे कई बार विपक्षी सांसदों को सदन से निष्कासित कर चुके थे और कई महत्वपूर्ण विषयों — जैसे कि पेगासस, चुनावी बॉन्ड, कृषि आंदोलन — पर बहस नहीं होने दी गई।


धनखड़ का कार्यकाल न्यायपालिका के साथ विवादों से भरा रहा। दिसंबर 2022 में उन्होंने ‘बेसिक स्ट्रक्चर सिद्धांत’ पर सुप्रीम कोर्ट की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि संसद को सुप्रीम कोर्ट कैसे निर्देशित कर सकता है? अप्रैल 2025 में उन्होंने लखनऊ में एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि “अनुच्छेद 142 का प्रयोग लोकतांत्रिक संस्थाओं के खिलाफ परमाणु मिसाइल की तरह किया जा रहा है।” यह वक्तव्य न्यायपालिका के अधिकारों को लेकर असहमति का संकेत देता है और संविधान विशेषज्ञों ने इसे न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर हमला बताया।


उनकी मुखरता सिर्फ न्यायपालिका तक सीमित नहीं थी। फरवरी 2025 में जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में उन्होंने कहा कि “अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता सरकार को गाली देने का लाइसेंस नहीं है।” इस बयान को नागरिक अधिकारों के विरुद्ध बताया गया। जून 2025 में नैनीताल में उन्होंने कहा कि “जजों को याद रखना चाहिए कि वे निर्वाचित नहीं हैं, लोकतंत्र मतदाता के पास है, न कि न्यायाधीशों की पोशाक में।” यह कथन भी न्यायपालिका की वैधता पर सवाल उठाने वाला माना गया।
सवाल यह भी उठता है कि क्या उनके इस्तीफे से सरकार को कोई रणनीतिक लाभ मिलेगा? क्या यह एक बड़ी राजनीतिक सर्जरी का संकेत है जिसमें कुछ और बड़े पदों पर बदलाव होंगे? इतिहास में वी.वी. गिरि और आर. वेंकटरमण जैसे उपराष्ट्रपतियों ने राष्ट्रपति चुनाव लड़ने के लिए इस्तीफा दिया था। हालांकि, अभी ऐसी कोई घोषणा नहीं हुई है, लेकिन राजनीति में संकेत कभी-कभी शब्दों से अधिक स्पष्ट होते हैं।


उनके इस्तीफे के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से उनकी “अनियोजित” मुलाकात की खबर भी सामने आई। इससे यह अटकलें और तेज हो गईं कि क्या कोई अंदरूनी सहमति या दबाव था? दूसरी ओर, सत्तापक्ष से भी कोई खास आग्रह नहीं दिखा कि वे अपने फैसले पर पुनर्विचार करें। यह चुप्पी अपने आप में बहुत कुछ कहती है।
अब उपराष्ट्रपति का पद खाली हो चुका है और संविधान के अनुच्छेद 68 के अनुसार, दो महीने के भीतर चुनाव कराना अनिवार्य है। ऐसी संभावना है कि सत्तारूढ़ एनडीए गठबंधन जल्द ही एक नाम सामने लाएगा। तब तक राज्यसभा की कार्यवाही डिप्टी चेयरमैन हरिवंश नारायण सिंह देखेंगे।


जगदीप धनखड़ का इस्तीफा केवल एक व्यक्ति का पद छोड़ना नहीं है, बल्कि यह भारत के लोकतंत्र में हो रहे गहरे बदलावों और संस्थाओं के बीच तनाव का संकेत भी है। आने वाले समय में यह स्पष्ट होगा कि यह एक साधारण इस्तीफा था या किसी बड़ी रणनीतिक योजना का पहला कदम।

Tags: Amit Shah Strategy 2025Constitutional Crisis IndiaDhankhar Speech ControversyDhankhar vs JudiciaryIndian Politics July 2025Jagdeep Dhankhar ResignationNDA Political MovesRajya Sabha Chairman NewsVice President India NewsVP Resignation Reason
Previous Post

INDIA Alliance: INDIA गठबंधन ने खोला मोर्चा! पहलगाम हमला, ट्रंप के बयान और बिहार SIR पर मानसून सत्र में घेरेगी मोदी सरकार

Next Post

Ireland में भारतीय युवक पर हमला! खून से लथपथ चेहरा और फटे कपड़े, भारत में आक्रोश

Related Posts

Vice President Elections 2025: सुबह 10 से शाम 5 बजे तक डाले जाएंगे वोट, NDA बनाम INDIA में कांटे की टक्कर
देश

Vice President Elections 2025: सुबह 10 से शाम 5 बजे तक डाले जाएंगे वोट, NDA बनाम INDIA में कांटे की टक्कर

September 9, 2025
Vice President Election 2025: पहला वोट कौन डालेगा? जानें किन दलों ने किया मतदान से किनारा
देश

Vice President Election 2025: पहला वोट कौन डालेगा? जानें किन दलों ने किया मतदान से किनारा

September 9, 2025
क्या मुस्लिम होगा अगला उपराष्ट्रपति? NDA मीटिंग से पहले आरिफ मोहम्मद खान का नाम सबसे आगे
देश

क्या मुस्लिम होगा अगला उपराष्ट्रपति? NDA मीटिंग से पहले आरिफ मोहम्मद खान का नाम सबसे आगे

August 16, 2025
गौरव का पतन : एक अंतरात्मा की अंतिम उद्घोषणा
संपादकीय

गौरव का पतन : एक अंतरात्मा की अंतिम उद्घोषणा

July 28, 2025
Next Post
Ireland में भारतीय युवक पर हमला! खून से लथपथ चेहरा और फटे कपड़े, भारत में आक्रोश

Ireland में भारतीय युवक पर हमला! खून से लथपथ चेहरा और फटे कपड़े, भारत में आक्रोश

New Delhi, India
Thursday, June 18, 2026
Mist
31 ° c
49%
12.6mh
42 c 33 c
Fri
42 c 33 c
Sat

ताजा खबर

विश्व स्वास्थ्य संगठन का अनुमान: 15 करोड़ भारतीयों को मानसिक स्वास्थ्य सहायता की आवश्यकता; पंजाब में मानसिक रोगों का मुफ्त इलाज मिल रही सुविधा

विश्व स्वास्थ्य संगठन का अनुमान: 15 करोड़ भारतीयों को मानसिक स्वास्थ्य सहायता की आवश्यकता; पंजाब में मानसिक रोगों का मुफ्त इलाज मिल रही सुविधा

June 17, 2026
बैंक पी.ओ. एवं एल.आई.सी./जी.आई.सी. परीक्षाओं के लिए पंजाब सरकार द्वारा निःशुल्क कोचिंग की घोषणा; आवेदन जमा कराने की अंतिम तिथि 30 जून

बैंक पी.ओ. एवं एल.आई.सी./जी.आई.सी. परीक्षाओं के लिए पंजाब सरकार द्वारा निःशुल्क कोचिंग की घोषणा; आवेदन जमा कराने की अंतिम तिथि 30 जून

June 17, 2026
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने और 523 युवाओं को सौंपे नियुक्ति पत्र; कहा, ‘आप’ सरकार ने पारदर्शी और योग्यता-आधारित भर्तियों के माध्यम से 67,563 सरकारी नौकरियां दी

भगवंत मान सरकार, तुहाडे द्वार’ पहल के तहत 437 सरकारी सेवाएँ नागरिकों के घर-द्वार तक पहुँचीं, लंबित मामलों की दर घटकर 0.33 प्रतिशत हुई

June 17, 2026
पारंपरिक राजनीतिक पार्टियाँ मुझे बदनाम करने के लिए धर्म का दुरुपयोग कर रही हैं, वे इस बात को हज़म नहीं कर पा रहीं कि आपका बेटा पंजाब में ईमानदारी से सरकार चला रहा है: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

पारंपरिक राजनीतिक पार्टियाँ मुझे बदनाम करने के लिए धर्म का दुरुपयोग कर रही हैं, वे इस बात को हज़म नहीं कर पा रहीं कि आपका बेटा पंजाब में ईमानदारी से सरकार चला रहा है: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

June 17, 2026
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सरकारी महिला कर्मचारियों को दी बड़ी राहत; ग्रुप सी और डी की महिला कर्मचारियों की तैनाती उनके घरों से 40 किलोमीटर के दायरे में ही की जाएगी

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सरकारी महिला कर्मचारियों को दी बड़ी राहत; ग्रुप सी और डी की महिला कर्मचारियों की तैनाती उनके घरों से 40 किलोमीटर के दायरे में ही की जाएगी

June 16, 2026

Categories

  • अपराध
  • अभी-अभी
  • करियर – शिक्षा
  • खेल
  • गीत संगीत
  • जीवन मंत्र
  • टेक्नोलॉजी
  • देश
  • बॉलीवुड
  • भोजपुरी
  • मनोरंजन
  • राजनीति
  • रोजगार
  • विदेश
  • व्यापार
  • व्रत त्योहार
  • शिक्षा
  • संपादकीय
  • स्पेशल स्टोरी
  • स्वास्थ्य
  • About us
  • Contact us

@ 2025 All Rights Reserved

No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • खेल
  • अपराध
  • करियर – शिक्षा
    • टेक्नोलॉजी
    • रोजगार
    • शिक्षा
  • जीवन मंत्र
    • व्रत त्योहार
  • स्वास्थ्य
  • मनोरंजन
    • बॉलीवुड
    • गीत संगीत
    • भोजपुरी
  • स्पेशल स्टोरी

@ 2025 All Rights Reserved