• About us
  • Contact us
Tuesday, March 24, 2026
26 °c
New Delhi
29 ° Wed
30 ° Thu
Kadwa Satya
  • Home
  • संपादकीय
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • खेल
  • अपराध
  • करियर – शिक्षा
    • टेक्नोलॉजी
    • रोजगार
    • शिक्षा
  • जीवन मंत्र
    • व्रत त्योहार
  • स्वास्थ्य
  • मनोरंजन
    • बॉलीवुड
    • गीत संगीत
    • भोजपुरी
  • स्पेशल स्टोरी
No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • खेल
  • अपराध
  • करियर – शिक्षा
    • टेक्नोलॉजी
    • रोजगार
    • शिक्षा
  • जीवन मंत्र
    • व्रत त्योहार
  • स्वास्थ्य
  • मनोरंजन
    • बॉलीवुड
    • गीत संगीत
    • भोजपुरी
  • स्पेशल स्टोरी
No Result
View All Result
Kadwa Satya
No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • खेल
  • अपराध
  • करियर – शिक्षा
  • जीवन मंत्र
  • स्वास्थ्य
  • मनोरंजन
  • स्पेशल स्टोरी
Home देश

पंजाबी कल्चरल कौंसिल की माँग: पंजाब विश्वविद्यालय में सीनेट-सिंडिकेट चुनाव तुरंत बहाल हों, केंद्र का कदम लोकतंत्र पर प्रहार

News Desk by News Desk
November 5, 2025
in देश
पंजाबी कल्चरल कौंसिल की माँग: पंजाब विश्वविद्यालय में सीनेट-सिंडिकेट चुनाव तुरंत बहाल हों, केंद्र का कदम लोकतंत्र पर प्रहार
Share on FacebookShare on Twitter

चंडीगढ़, 5 नवंबर, 2025 – पंजाबी कल्चरल कौंसिल ने पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ की सीनेट और सिंडिकेट को निष्प्रभावी करने और पंजाब के कॉलेजों को प्रतिनिधित्व से वंचित करने के केंद्र सरकार के फैसले की कड़ी निंदा करते हुए इस कदम को पंजाब के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों में से एक पर पंजाब के दावे को कमज़ोर करने की एक बेहद आपत्तिजनक और जानबूझकर की गई साजिश करार दिया है।


कौंसिल के अध्यक्ष एडवोकेट हरजीत सिंह ग्रेवाल ने कहा कि केंद्र के इस फैसले से विश्वविद्यालय की 142 साल पुरानी विरासत पर गर्व करने वाले पंजाबियों की भावनाओं को गहरी ठेस पहुँची है और विश्वविद्यालय को पंजाब से अलग करने की साजिश रची गई है। उन्होंने मांग की कि विश्वविद्यालय के मूल लोकतांत्रिक ढांचे को तुरंत बहाल किया जाए और शिक्षकों, छात्रों और अन्य लोगों के जनहित अधिकारों के लिए लोकतांत्रिक ढांचे को बनाए रखने के लिए सीनेट और सिंडिकेट के चुनाव पहले की तरह कराए जाएँ।


राज्य पुरस्कार विजेता ग्रेवाल ने कहा कि 1882 में लाहौर में अंग्रेजों द्वारा स्थापित यह विश्वविद्यालय पंजाब राज्य की बौद्धिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है। उन्होंने सरकार के वर्तमान कदम और 1 नवंबर, 1966 की घटनाओं को एक जैसा बताते हुए कहा कि यह कदम भी उस मौके पर उठाया गया था जब लगभग 69 साल पहले, 1966 में पंजाब के विभाजन के परिणामस्वरूप कई पंजाबी भाषी इलाके पड़ोसी राज्यों को दे दिए गए थे और चंडीगढ़ को पंजाब से अलग करके केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया था।


उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र ने अब विश्वविद्यालय पर अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए वही प्रतीकात्मक समय चुनकर पुरानी यादों को ताजा कर दिया है जब पंजाब का विभाजन करके राज्य को उसके मूल अधिकारों से वंचित किया गया था।
ग्कौंसिल के रेवाल ने कहा कि इस विश्वविद्यालय में छह दशक पुरानी लोकतांत्रिक व्यवस्था को समाप्त करके और अपने प्रतिनिधियों को नामित करके, केंद्र ने न केवल एक प्राचीन परंपरा को समाप्त किया है, बल्कि इस शैक्षणिक संस्थान के प्रति पंजाबियों के लोकतांत्रिक अधिकारों को भी छीन लिया है।


चंडीगढ़ के सांसद, मुख्य सचिव और शिक्षा सचिव को सीनेट में पदेन सदस्य के रूप में शामिल करने के फैसले की आलोचना करते हुए एडवोकेट ग्रेवाल ने कहा कि यह कदम पंजाब की अपनी राजधानी को एक बाहरी क्षेत्र के रूप में प्रस्तुत करता है।
उन्होंने याद दिलाया कि कैसे पंजाब राज्य के पुनर्गठन के समय पंजाब को अपनी राजधानी, नदी जल और हेडवर्क्स पर नियंत्रण से वंचित कर दिया गया और नवीनतम कदम भी चंडीगढ़ से व्यवस्थित रूप से अधिकार छीनने का वही पुराना तरीका है।


कौंसिल के अध्यक्ष ने आगे बताया कि पुनर्गठित सीनेट 90 सदस्यों से घटकर केवल 31 सदस्य की ही रह गई है जिनमें से अब केवल 18 सदस्य ही निर्वाचित होंगे। पहले, पंजाब के कॉलेजों से चुने गए 47 सदस्य मजबूत प्रतिनिधित्व के कारण विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष अपने शैक्षणिक मुद्दों को बेहतर तरीके से उठा पाते थे लेकिन अब केंद्र के पूर्ण नियंत्रण के साथ मनमाने फैसलों पर सवाल उठाने वाला कोई नहीं बचेगा।


ग्रेवाल ने सभी राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों, कॉलेज अध्यापकों और विद्यार्थी संगठनों से अपील की है कि वे इस मुद्दे पर एकजुट होकर सीनेट-सिंडिकेट की तत्काल बहाली के लिए प्रयास करें क्योंकि यह न केवल विश्वविद्यालय प्रशासन के लिए बल्कि पंजाब की शैक्षणिक गरिमा और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए भी जरूरी है।

Tags: Centre vs Punjab Education RightsChandigarh University DemocracyHarjeet Singh Grewal StatementPU Senate Reforms 2025Punjab Academic AutonomyPunjab Education HeritagePunjab University Democratic StructurePunjab University Senate ElectionPunjabi Cultural CouncilSyndicate Punjab University
Previous Post

कैडर अलबेला, एसोसिएशन मटमैला ! आठवां पे कमिशन अब सच्चाई ! आई ई डी एस से जुड़े एम एस एम ई, एसोसिएशन की मान्यता खतरे में !

Next Post

मान सरकार का मिड-डे मील मिशन: यूकेजी तक कवरेज, साप्ताहिक फल, नया मेन्यू और 44,000 महिलाओं को रोज़गार

Related Posts

पंजाबी कल्चरल कौंसिल की माँग: पंजाब विश्वविद्यालय में सीनेट-सिंडिकेट चुनाव तुरंत बहाल हों, केंद्र का कदम लोकतंत्र पर प्रहार
देश

पंजाब यूनिवर्सिटी की सीनेट बहाली लोकतंत्र की जीत: पंजाबी कल्चरल काउंसिल ने केंद्र सरकार के फैसले का स्वागत किया

November 6, 2025
Next Post
निवेश का नया केंद्र बना पंजाब! ₹1.23 लाख करोड़ के प्रस्ताव, CM भगवंत मान बोले- ‘अब दुनिया का भरोसा है हम पर’

मान सरकार का मिड-डे मील मिशन: यूकेजी तक कवरेज, साप्ताहिक फल, नया मेन्यू और 44,000 महिलाओं को रोज़गार

New Delhi, India
Tuesday, March 24, 2026
Mist
26 ° c
54%
10.8mh
35 c 24 c
Wed
36 c 24 c
Thu

ताजा खबर

शहीद-ए-आज़म भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को ‘भारत रत्न’ दिए जाने की मांग की थी, पर भाजपा सरकार ने नहीं मानी: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

शहीद-ए-आज़म भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को ‘भारत रत्न’ दिए जाने की मांग की थी, पर भाजपा सरकार ने नहीं मानी: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

March 23, 2026
आयुष्मान भारत योजना में शर्तें लागू, जबकि ‘आप’ सरकार की मुख्यमंत्री सेहत योजना बिना किसी पाबंदी के 10 लाख रुपए तक के कैशलेस इलाज की गारंटी देती है, फर्क इरादे में है: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

दूसरा मौका: भगवंत मान सरकार द्वारा पुनर्वास और रोजगार में सहायता देने से नशा विरोधी अभियान के महत्वपूर्ण परिणाम सामने आए

March 23, 2026
राजनीतिज्ञों ने अपने नेताओं के नाम पर शानदार स्मारक बनाए, लेकिन शहीद-ए-आज़म भगत सिंह को नजरअंदाज किया: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

राजनीतिज्ञों ने अपने नेताओं के नाम पर शानदार स्मारक बनाए, लेकिन शहीद-ए-आज़म भगत सिंह को नजरअंदाज किया: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

March 23, 2026
पंजाब में विश्व स्तरीय सड़कों का मजबूत नेटवर्क स्थापित कर रही है आप सरकार- मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने 300 किलोमीटर नई सड़कों का शिलान्यास किया

पंजाब में विश्व स्तरीय सड़कों का मजबूत नेटवर्क स्थापित कर रही है आप सरकार- मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने 300 किलोमीटर नई सड़कों का शिलान्यास किया

March 22, 2026
Punjab News: ‘आयुष्मान’ में 5 लाख, पंजाब में 10 लाख की कवरेज; डॉ. बलबीर सिंह बोले- हमारा हेल्थ मॉडल सबसे बेहतर

Punjab News: ‘आयुष्मान’ में 5 लाख, पंजाब में 10 लाख की कवरेज; डॉ. बलबीर सिंह बोले- हमारा हेल्थ मॉडल सबसे बेहतर

March 22, 2026

Categories

  • अपराध
  • अभी-अभी
  • करियर – शिक्षा
  • खेल
  • गीत संगीत
  • जीवन मंत्र
  • टेक्नोलॉजी
  • देश
  • बॉलीवुड
  • भोजपुरी
  • मनोरंजन
  • राजनीति
  • रोजगार
  • विदेश
  • व्यापार
  • व्रत त्योहार
  • शिक्षा
  • संपादकीय
  • स्पेशल स्टोरी
  • स्वास्थ्य
  • About us
  • Contact us

@ 2025 All Rights Reserved

No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • खेल
  • अपराध
  • करियर – शिक्षा
    • टेक्नोलॉजी
    • रोजगार
    • शिक्षा
  • जीवन मंत्र
    • व्रत त्योहार
  • स्वास्थ्य
  • मनोरंजन
    • बॉलीवुड
    • गीत संगीत
    • भोजपुरी
  • स्पेशल स्टोरी

@ 2025 All Rights Reserved