• About us
  • Contact us
Friday, January 9, 2026
8 °c
New Delhi
16 ° Sat
15 ° Sun
Kadwa Satya
  • Home
  • संपादकीय
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • खेल
  • अपराध
  • करियर – शिक्षा
    • टेक्नोलॉजी
    • रोजगार
    • शिक्षा
  • जीवन मंत्र
    • व्रत त्योहार
  • स्वास्थ्य
  • मनोरंजन
    • बॉलीवुड
    • गीत संगीत
    • भोजपुरी
  • स्पेशल स्टोरी
No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • खेल
  • अपराध
  • करियर – शिक्षा
    • टेक्नोलॉजी
    • रोजगार
    • शिक्षा
  • जीवन मंत्र
    • व्रत त्योहार
  • स्वास्थ्य
  • मनोरंजन
    • बॉलीवुड
    • गीत संगीत
    • भोजपुरी
  • स्पेशल स्टोरी
No Result
View All Result
Kadwa Satya
No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • खेल
  • अपराध
  • करियर – शिक्षा
  • जीवन मंत्र
  • स्वास्थ्य
  • मनोरंजन
  • स्पेशल स्टोरी
Home संपादकीय

ऑपरेशन सिंदूर और अमेरिकी टैरिफ की सियासत

News Desk by News Desk
January 6, 2026
in संपादकीय
ऑपरेशन सिंदूर और अमेरिकी टैरिफ की सियासत
Share on FacebookShare on Twitter

अमित पांडेय

नई दिल्ली से आई खबरों ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि भारत ने वाशिंगटन में लॉबिंग फर्म क्यों और कब हायर की। यह वही समय था जब पहलगाम हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान पर जवाबी कार्रवाई की और फिर ऑपरेशन सिंदूर के तहत संघर्षविराम की घोषणा हुई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसका श्रेय खुद को दिया, जबकि भारत ने लगातार कहा कि यह सैन्य कमांडर स्तर की बातचीत का नतीजा था। लेकिन घटनाक्रम की तारीखें और लॉबिंग फर्म के साथ हुए समझौते यह संकेत देते हैं कि पर्दे के पीछे कहीं न कहीं अमेरिकी सत्ता केंद्रों से संवाद चल रहा था।

22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 निर्दोष नागरिकों की मौत हुई। इसके दो दिन बाद यानी 24 अप्रैल को भारत ने एसएचडब्ल्यू पार्टनर्स एलएलसी नामक अमेरिकी लॉबिंग फर्म से एक साल का करार किया, जिसके तहत हर महीने 1.5 लाख डॉलर यानी लगभग 16.2 करोड़ रुपये सालाना भुगतान तय हुआ। 7 मई को भारत ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर और पाकिस्तान में आतंकी ढांचे को ध्वस्त किया। और फिर 10 मई को ट्रंप ने घोषणा की कि उन्होंने भारत-पाकिस्तान के बीच संघर्षविराम कराया है। उसी दिन भारतीय दूतावास ने व्हाइट हाउस के चीफ ऑफ स्टाफ, अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के अधिकारियों से संपर्क किया। यह स्पष्ट नहीं है कि बातचीत संघर्षविराम से पहले हुई या बाद में, लेकिन यह तय है कि उस दिन दोनों पक्षों में गहन संवाद हुआ।

लॉबिंग फर्म का नेतृत्व जेसन मिलर कर रहे थे, जो ट्रंप के चुनाव अभियानों और ट्रांजिशन टीमों में वरिष्ठ सलाहकार रह चुके हैं। उनकी रिपब्लिकन सर्किलों में गहरी पैठ है। समझौते के अनुसार यह फर्म भारत को रणनीतिक परामर्श, योजना और अमेरिकी प्रशासन, कांग्रेस, थिंक टैंक और शैक्षणिक संस्थानों के साथ संबंधों में मदद करने वाली थी। सवाल यह है कि क्या भारत ने यह कदम पाकिस्तान पर जवाबी कार्रवाई से पहले ही उठा लिया था और क्या यह लॉबिंग ट्रंप को भारत के प्रति नरम करने में सफल रही।

लेकिन घटनाक्रम यहीं नहीं रुका। अगस्त में ट्रंप ने भारतीय सामानों पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाया और उसी महीने इसे बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत रूस से तेल खरीदकर यूक्रेन युद्ध को फंड कर रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि यह असल में मुक्त व्यापार वार्ता में दबाव बनाने का औजार था। अब लॉबिंग फर्म के सामने नई चुनौती थी—भारत के लिए लाभकारी व्यापार समझौता सुनिश्चित करना। इसके लिए उन्होंने भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर, विदेश सचिव, उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और भारतीय राजदूत के लिए अमेरिकी अधिकारियों से मुलाकातें तय करने की कोशिश की। साथ ही प्रधानमंत्री मोदी के सोशल मीडिया पोस्ट्स को अमेरिकी प्रशासन तक पहुँचाने का काम भी किया।

भारत ने इस रिपोर्ट का खंडन नहीं किया बल्कि कहा कि यह “मानक प्रथा” है। पाकिस्तान ने भी उसी समय वाशिंगटन में लॉबिंग की और भारत से तीन गुना ज्यादा खर्च किया। अमेरिका में लॉबिंग कानूनी रूप से मान्य है और इसमें कोई राजनीतिक बाधा नहीं होती। यह भी पहली बार नहीं है जब भारत ने लॉबिंग का सहारा लिया। 2017 में एच-1बी वीज़ा विवाद के दौरान भी रिश्ते तनावपूर्ण हुए थे। उससे पहले परमाणु समझौते के समय भी भारतीय-अमेरिकी संगठनों ने लॉबिंग की थी। 2004 में अमेरिकी सीनेट में भारत कॉकस बना, जो किसी एक देश के लिए पहली बार हुआ था।

लेकिन समय बदल चुका है। दिसंबर 2025 में न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट ने बताया कि भारतीय-अमेरिकी सफलता की कहानी अब दबाव में है। प्रवासियों के प्रति बढ़ती शत्रुता, वीज़ा प्रतिबंध और सांस्कृतिक विवादों ने अनिश्चितता पैदा कर दी है। ऐसे में सवाल यह है कि क्या भारत की लॉबिंग रणनीति अब भी उतनी प्रभावी है जितनी पहले थी।

मूल प्रश्न यही है कि क्या भारत ने लॉबिंग फर्म को पाकिस्तान पर कार्रवाई से पहले ही हायर किया था। क्या यह फर्म ट्रंप को भारत के पक्ष में करने में सफल रही, जबकि पिछले नौ महीनों में उन्होंने पाकिस्तान के साथ अधिक निकटता दिखाई है। और सबसे अहम, क्या मोदी के पोस्ट्स और आधिकारिक मुलाकातें अमेरिकी टैरिफ की बर्फ पिघला पाएंगी। भारत ने करोड़ों रुपये खर्च किए, लेकिन क्या इसका प्रतिफल मिला।

यह विवाद केवल भारत-अमेरिका संबंधों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह वैश्विक आर्थिक राजनीति का हिस्सा है। जब तेल, व्यापार और सुरक्षा के मुद्दे आपस में जुड़ते हैं तो छोटे-छोटे निर्णय भी बड़े परिणाम देते हैं। भारत के लिए यह समय कठिन है क्योंकि एक ओर उसे पाकिस्तान और चीन से सुरक्षा चुनौतियाँ हैं, दूसरी ओर अमेरिका के साथ व्यापारिक तनाव। ऐसे में लॉबिंग का सहारा लेना शायद अनिवार्य हो, लेकिन यह भी उतना ही जरूरी है कि भारत अपनी आर्थिक और कूटनीतिक ताकत को इस तरह गढ़े कि उसे किसी लॉबिंग फर्म पर निर्भर न रहना पड़े।

Tags: Donald Trumpforeign policyIndia-US RelationsIndian Lobbyingoperation sindoorPakistanUS Tariff
Previous Post

मान सरकार की बड़ी पहल: मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना को मिला डॉक्टरों और निजी मेडिकल कॉलेजों का मजबूत समर्थन

Next Post

पंजाब में 3,100 खेल मैदान होंगे, 69वें नेशनल स्कूल गेम्स से बना नेशनल स्पोर्ट्स हब: हरजोत सिंह बैंस

Related Posts

रूस-पाकिस्तान हथियार सौदा : क्या है मोदी सरकार की “व्यक्तिगत कूटनीति” की असफलता?
संपादकीय

रूस-पाकिस्तान हथियार सौदा : क्या है मोदी सरकार की “व्यक्तिगत कूटनीति” की असफलता?

October 5, 2025
INDIA Alliance: INDIA गठबंधन ने खोला मोर्चा! पहलगाम हमला, ट्रंप के बयान और बिहार SIR पर मानसून सत्र में घेरेगी मोदी सरकार
देश

INDIA Alliance: INDIA गठबंधन ने खोला मोर्चा! पहलगाम हमला, ट्रंप के बयान और बिहार SIR पर मानसून सत्र में घेरेगी मोदी सरकार

July 20, 2025
Donald Trump: ट्रंप ने फिर लिया भारत-पाकिस्तान सीजफायर का क्रेडिट, बोले- “लड़ाई रोकी वरना डील नहीं देता”
विदेश

Donald Trump: ट्रंप ने फिर लिया भारत-पाकिस्तान सीजफायर का क्रेडिट, बोले- “लड़ाई रोकी वरना डील नहीं देता”

June 26, 2025
Indian Delegation: ऑपरेशन सिंदूर के बाद अब पाकिस्तान की सच्चाई दुनिया को बताएगा भारत! 32 देशों में जाएगा बड़ा डेलिगेशन
देश

Indian Delegation: ऑपरेशन सिंदूर के बाद अब पाकिस्तान की सच्चाई दुनिया को बताएगा भारत! 32 देशों में जाएगा बड़ा डेलिगेशन

May 21, 2025
क्या शशि थरूर छोड़ेंगे कांग्रेस?
देश

क्या शशि थरूर छोड़ेंगे कांग्रेस?

May 14, 2025
Donald Trump News: Operation Sindoor पर ट्रंप का बड़ा दावा! भारत-पाक युद्ध रुकवाने में अमेरिका की भूमिका? भारत ने दी कड़ी प्रतिक्रिया
देश

Donald Trump News: Operation Sindoor पर ट्रंप का बड़ा दावा! भारत-पाक युद्ध रुकवाने में अमेरिका की भूमिका? भारत ने दी कड़ी प्रतिक्रिया

May 14, 2025
Next Post
पंजाब में 3,100 खेल मैदान होंगे, 69वें नेशनल स्कूल गेम्स से बना नेशनल स्पोर्ट्स हब: हरजोत सिंह बैंस

पंजाब में 3,100 खेल मैदान होंगे, 69वें नेशनल स्कूल गेम्स से बना नेशनल स्पोर्ट्स हब: हरजोत सिंह बैंस

Please login to join discussion
New Delhi, India
Friday, January 9, 2026
Fog
8 ° c
93%
4.3mh
21 c 11 c
Sat
21 c 11 c
Sun

ताजा खबर

Punjab traders commission meeting: केजरीवाल–मान बोले, अब दुकानदारों को दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे

Punjab traders commission meeting: केजरीवाल–मान बोले, अब दुकानदारों को दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे

January 9, 2026
Punjab gangster action plan: ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ की तर्ज पर गैंगस्टरों के खिलाफ जंग, अरविंद केजरीवाल का एलान

Punjab gangster action plan: ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ की तर्ज पर गैंगस्टरों के खिलाफ जंग, अरविंद केजरीवाल का एलान

January 8, 2026
हिन्दी में लिखने में प्रधानमंत्री से चूक हुई या नौकरशाही की लापरवाही? केंद्र सरकार को बदनाम करने की साज़िश !

हिन्दी में लिखने में प्रधानमंत्री से चूक हुई या नौकरशाही की लापरवाही? केंद्र सरकार को बदनाम करने की साज़िश !

January 8, 2026
328 pious saroop case: एसजीपीसी पर काबिज गुट की चुप्पी पर विधानसभा स्पीकर कुलतार सिंह संधवा का सवाल

328 pious saroop case: एसजीपीसी पर काबिज गुट की चुप्पी पर विधानसभा स्पीकर कुलतार सिंह संधवा का सवाल

January 7, 2026

January 7, 2026

Categories

  • अपराध
  • अभी-अभी
  • करियर – शिक्षा
  • खेल
  • गीत संगीत
  • जीवन मंत्र
  • टेक्नोलॉजी
  • देश
  • बॉलीवुड
  • भोजपुरी
  • मनोरंजन
  • राजनीति
  • रोजगार
  • विदेश
  • व्यापार
  • व्रत त्योहार
  • शिक्षा
  • संपादकीय
  • स्वास्थ्य
  • About us
  • Contact us

@ 2025 All Rights Reserved

No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • खेल
  • अपराध
  • करियर – शिक्षा
    • टेक्नोलॉजी
    • रोजगार
    • शिक्षा
  • जीवन मंत्र
    • व्रत त्योहार
  • स्वास्थ्य
  • मनोरंजन
    • बॉलीवुड
    • गीत संगीत
    • भोजपुरी
  • स्पेशल स्टोरी

@ 2025 All Rights Reserved