श्रीनाथ दीक्षित, वरिष्ठ संवाददाता, दिल्ली
किसी ने सच ही कहा है कि अपने लक्ष्य को पाने के लिए की गई मेहनत कभी असफ़ल नहीं जाती। मेहनत और लगन की मिसाल पर आधारित बॉलीवुड की फ़ेमस हिंदी ब्लॉकबस्टर फ़िल्म “ओम शांति ओम” में सुपरस्टार शाह रुख ख़ान के बहुचर्चित डॉयलोग – “मैंने तुम्हें इतनी शिद्दत से पाने की हिम्मत की है, कि सारी क़ायनात ने मुझे तुमसे मिलाने की कोशिश की है!” को साकार करती नज़र आईं हैं दिल्ली के शालीमार बाग़ में रहने वालीं श्रीमति सपना अरोड़ा!
जी हां! यूं तो सपना दिखने में बिल्कुल आप और हमारे जैसी एक आम और नॉर्मल-सी महिला हैं, जो कि अपने परिवार और बच्चों का और उनकी ख़ुशियों का पूरा ख़याल रखती हैं। लेकिन, जब बात आती है उनके कैरियर और सपने को पूरा करने की; तो सपना एक अलग ही रूप और अवतार में दिखाई देती हैं।

हरियाणा के शहर में पलीं-बढ़ीं सपना अरोड़ा ने मिसेज़ इंडिया लिगेसी – 2018 में द्वितीय रनर-अप के रूप में अपना स्थान हासिल कर अपने शहर दिल्ली और हरियाणा के नाम रौशन कर चार-चाँद लगा दिए। साथ ही इस ब्यूटी पेजेंट में सपना को बैस्ट रैंप वॉक के ख़िताब से भी नवाज़ा गया। ग़ौरतलब है कि सपना ने साल – 2018 में मिसेज़ हरियाणा का ख़िताब भी अपने नाम किया हुआ है!
अपने सपने को साकार करने के साथ-साथ सपना अपने घर-परिवार को भी बख़ूबी संभाल रहीं हैं। सपना के परिवार में उनकी दो बेटियाँ हैं, जिनकी देखभाल वे बिल्कुल एक नॉर्मल-सी माँ के रूप में ही करती हैं। साथ ही सपना को सिंगिंग और डान्सिंग का भी शौक़ है। इसके अलावा सपना पारस चैनल पर प्रसारित होने वाले टीवी शो “सुर सम्राट” में भी अपनी भागीदारी दर्ज़ करा चुकीं हैं। और, आर.एस.एस. (राष्ट्रीय समाज सेविका) जैसे संस्थानों की मैम्बर भी हैं। भई! वाह!
अपने इस मुक़ाम पर रौशनी डालते हुए सपना बताती हैं, “मैं अपने आप को बहुत ही भाग्यशाली मानती हूँ कि मुझे अमीषा जी और ईशा जी जैसी मेंटर्स मिलीं, जिन्होंने मेरे अंदर छुपी कला और प्रतिभा को पहचान कर मुझे मिसेज़ इंडिया – 2018 के लिए तैयार किया।”

अपने भविष्य की प्लानिंग के बारे में बताते हुए सपना कहती हैं कि वे अपने इस जज़्बे को क़ायम रखने के लिए और साथ ही देश में महिलाओं के उत्थान और सशक्तिकरण के लिए हर मुम्किन प्रयास करती रहेंगी!
सपना अपनी इस क़ामयाबी का श्रेय अपने हस्बैंड को देना चाहती हैं, जिन्होंने उन्हें निरंतर सपोर्ट कर अपने सपने को साकार करने में हमेशा उनका साथ दिया!
भई! वाह! जज़्बा हो तो ऐसा!
लेखक के बारे में:
श्रीनाथ दीक्षित दिल्ली के रहने वाले वरिष्ठ पत्रकार हैं। जर्नलिज़्म एवं मास कम्यूनिकेशन में स्नातक और स्नातकोत्तर की डिग्री प्राप्त श्रीनाथ दीक्षित को जर्नलिज़्म और मीडिया क्षेत्र की विविध विधाओं जैसे – प्रिंट (अख़बार, मैग्ज़ीन, इत्यादि), रेडियो, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, फ़ोटोग्राफ़ी, डिजिटल मीडिया, पब्लिक रिलेशंस और एडवरटाइज़िंग, इत्यादि, में क़रीब 20 साल का अनुभव है।
साथ ही दुनिया की सबसे छोटी (0.3 एम.एम. से 0.2 एम.एम. के साइज़ की) कागज़ की नाव बनाने के लिए लिम्का बुक ऑफ़ रिकॉर्ड्स में श्रीनाथ दीक्षित का नाम तीन बार – साल – 2006, 2013 और 2015 में दर्ज़ किया जा चुका है।
कॉन्टैक्ट डिटेल्स: sngdixit@gmail.com













