पटना, 27 जनवरी, 2026: भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (आई.सी.सी.आर.), पटना एवं बापू टावर के संयुक्त तत्वावधान में मंगलवार को बापू टावर संग्रहालय में कथक बैले “मैं बिहार हूँ” का भव्य आयोजन किया गया। इस सांस्कृतिक प्रस्तुति ने नृत्य की सशक्त भाषा के माध्यम से बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, गौरवशाली इतिहास और जीवंत परंपराओं को प्रभावशाली ढंग से दर्शाया।
कार्यक्रम की मुख्य प्रस्तुति नई दिल्ली की प्रख्यात कथक नृत्यांगना सुश्री स्वाति सिन्हा एवं उनके दल द्वारा दी गई। कथक बैले के विभिन्न दृश्यों के माध्यम से बिहार की पहचान बने महापर्व छठ पूजा, प्राचीन ज्ञान केंद्र नालंदा और विक्रमशिला तथा विद्या, अध्यात्म और लोक परंपराओं से समृद्ध बिहार की सांस्कृतिक चेतना को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया। मंच पर कथक की लय, भाव और कथात्मकता ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया।

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में आई.सी.सी.आर. की क्षेत्रीय निदेशक सुश्री सुधा रिज़वी, पूर्व आईएएस अधिकारी एवं सुप्रसिद्ध कथक नृत्यांगना श्रीमती नीलम चौधरी, वरिष्ठ शास्त्रीय गायक श्री राजीव सिन्हा तथा वरिष्ठ उपमहापेखाकर श्री अजय झा की गरिमामयी उपस्थिति रहीं।

अपने संबोधन में श्रीमती नीलम चौधरी ने कथक की परंपरा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि “कथा करोतिसह कथक”, अर्थात जो कथा कहते हैं, वही कथक कहलाते हैं। उन्होंने कहा कि कथक केवल नृत्य नहीं, बल्कि इतिहास, संस्कृति और समाज को अभिव्यक्त करने का सशक्त माध्यम है।
यह कार्यक्रम बापू टावर संग्रहालय के निदेशक श्री विनय कुमार के निर्देशन में सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। कार्यक्रम के अंत में दर्शकों ने करतल ध्वनि के साथ कलाकारों के उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना की।











