माननीय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार सरकार ने ‘न्याय के साथ विकास’ के अपने संकल्प को दोहराते हुए राज्य के पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग के छात्र-छात्राओं के लिए अभूतपूर्व वित्तीय संसाधनों की स्वीकृति प्रदान की है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में छात्रों के शैक्षणिक सशक्तिकरण के लिए तीन ऐतिहासिक निर्णयों पर मुहर लगाई गई।
माननीय मुख्यमंत्री की पहल पर लिए गए इन निर्णयों से शिक्षा की राह में आने वाली आर्थिक बाधाएं दूर होंगी। प्रमुख निर्णय निम्नवत हैं:
1. प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति दरें दोगुनी (प्रभावी तिथि: 01.04.2025): मुख्यमंत्री के निर्देश पर ‘मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग एवं अत्यंत पिछड़ा वर्ग प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना’ की दरों में भारी वृद्धि की गई है। अब छात्रों को पहले से दोगुनी राशि मिलेगी:
• कक्षा 1 से 4: अब ₹1200/- वार्षिक (संशोधित) ।
• कक्षा 5 से 6: अब ₹2400/- वार्षिक (संशोधित) ।
• कक्षा 7 से 10: अब ₹3600/- वार्षिक (संशोधित) ।
• छात्रावासी (Hostellers) कक्षा 1 से 10: अब ₹6000/- वार्षिक (संशोधित) । इस योजना पर राज्य सरकार अब लगभग ₹1751 करोड़ का वार्षिक व्यय करेगी ।
2. छात्रावास अनुदान राशि में 100% की वृद्धि (प्रभावी तिथि: 01.01.2026): मुख्यमंत्री की दूरदर्शी सोच के अनुरूप, जननायक कर्पूरी ठाकुर छात्रावास एवं अन्य पिछड़ा वर्ग छात्रावास में रहकर पढ़ाई करने वाले छात्र/छात्राओं को संबल देने के लिए ‘मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग एवं अत्यंत पिछड़ा वर्ग छात्रावास अनुदान योजना’ की राशि ₹1000/- से बढ़ाकर ₹2000/- प्रतिमाह कर दी गई है । यह वृद्धि 1 जनवरी 2026 से प्रभावी होगी और इससे लगभग 8,150 छात्र/छात्राएँ सीधे लाभान्वित होंगे ।
3. मेधावृत्ति के लिए आय सीमा में बढ़ोतरी:ताकि कोई भी मेधावी छात्र लाभ से वंचित न रहे, मुख्यमंत्री के निर्देश पर ‘मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग मेधावृत्ति योजना’ की पात्रता शर्तों को उदार बनाया गया है। अब अभिभावकों की वार्षिक पारिवारिक आय सीमा को ₹1.50 लाख से बढ़ाकर ₹3.00 लाख कर दिया गया है।
विभाग की माननीय मंत्री श्रीमती रमा निषाद ने इन कल्याणकारी फैसलों के लिए माननीय मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ये निर्णय राज्य के पिछड़े वर्गों के उत्थान में मील का पत्थर साबित होंगे।









