श्रीनाथ दीक्षित, वरिष्ठ संवाददाता, दिल्ली
पारंपरिक मसालों की तो बात ही निराली होती है! उनकी वो ख़ुशबू और स्वाद! टेस्टी खाना खाने वालों के लिए; तो, जैसे बस एक मौक़ा या बहाना होता है अपनी कोई भी पसंदीदा डिशेज़ को खाने का! और, स्वाद की इसी परंपरा को प्यार से संजोए हुए है पुरानी दिल्ली के दरियागंज के चितली क़ब्र मार्केट में स्थित नूरी मसाले के नाम से मशहूर यह दुकान! यह सिर्फ़ पारंपरिक मसालों की एक दुकान ही नहीं; बल्कि, एक अड्डा है टेस्टी खाने के शौक़ीनों का! इस दुकान पर आकर आपको अहसास होता है कि जैसे आप सच में किसी पारंपरिक मसालों की दुकान पर ही आए हैं।

नूरी मसाले – क़ायम है लाजवाब स्वाद 4 पीढ़ियों से!
नूरी ब्राण्ड मसाले के डॉयरेक्टर, श्री आकिफ़़ आज़म बताते हैं कि सन् 1928 में स्थापित नूरी मसालों का यह ब्राण्ड तक़रीबन 100 साल से टेस्टी खाना खाने के शौक़ीनों के बीच अपनी एक अलग ही अहमियत बनाए हुए है और अब वो इस कड़ी की चौथी जेनरेशन हैं। इन पारंपरिक मसालों की अहमियत पर और रौशनी डालते हुए आकिफ़़ बताते हैं, ‘‘यह ब्राण्ड हमारे दादा के ज़माने से चला आ रहा है। हमारे अब्बू बताते हैं कि उनकी दादी के समय में घर में 3-4 लेडीज़ आँगन में बैठकर इमाम-दस्ते और सिल-बट्टे पर मसाले कूटा और पीसा करतीं थीं! जो कि अपने आप में ही एक अलग ही अहमियत रखता था। लेकिन, आज जीवन की व्यस्तता को देखते हुए ही हमने उसी परंपरा को ध्यान में रखते हुए मशीनों के द्वारा मसालों की कुटाई और पिसाई करवाकर लेडीज़ की इस मेहनत को काफ़ी हद तक कम कर दिया है।’’

हर वैरायटी के मसाले हैं यहाँ पर उपलब्ध!
आज के ज़माने में स्वादिष्ट पकवान खाने वालों की कमी नहीं है। आज लोग ट्राई करना चाहते हैं अलग-अलग वेराइटीज़ के व्यंजन, जो दें उनके टेस्ट-बड्स को एक लाजवाब टेस्ट! तो, भई! अगर आप भी ढूँढ रहे हैं कुछ ऐसे ही मसाले, जो बना दें आपके नॉर्मल-से खाने को एक सबसे टेस्टी डिश ऑफ़ दी ईवनिंग; तो, आपके लिए नूरी मसाले की इस दुकान से बेहतर ऑप्शन शायद कहीं और नहीं मिलेगा क्योंकि, यहाँ पर आपको तक़रीबन 30 से भी ज़्यादा वैज और नॉन-वैज मसालों की वैरॉइटीज़ मिलेंगी। या अगर हम यूँ कहें कि टेस्टी खाने के शौक़ीनों के लिए चितली क़ब्र जैसे इतने बिज़ी मार्केट में स्थित यह छोटी-सी दुकान है सबसे पर्फ़ेक्ट डेस्टीनेशन; तो, शायद यह ग़लत नहीं होगा!
अगर बात की जाए इस ब्राण्ड के सदाबहार मसालों की; तो, इस ब्राण्ड के नॉन-वैज मसालों की रेंज जैसे – स्टू मसाला, चिकन कोर्मा मसाला, चिकन मसाला, इत्यादि, की सबसे ज़्यादा डिमान्ड रहती है।
क्वॉलिटी का रखा जाता है ख़ास ख़याल!
आकिफ़़ बताते हैं कि भले ही आजकल हम लोग एक सुपरफ़ास्ट लाइफ़ जी रहे हैं। जहाँ हमारे पास अपने ख़ुद के लिए भी सोचने तक का टाइम नहीं होता। ऐसे में हमें चाहिए ऐसा खाना, जो हमें टेस्ट के साथ-साथ हैल्दी भी रखे! अपने वैल्यूएबल कस्टमर्स की सेहत को ध्यान में रखते हुए यूँ तो, इस मार्केट में मिलने वाले खुले मसालों की शुद्धता और पवित्रता का पूरा ध्यान रखा जाता है।
लेकिन जहाँ तक बात है हमारे यहाँ मिलने वाले मसालों की शुद्धता और पवित्रता की; तो, हमारे पापा या मैं, हम दोनों में से कोई भी एक मसालों की कुटाई और पिसाई से लेकर पैकिंग तक अपने सामने ही करवाते हैं, जिससे हमारे कस्टमर्स को स्वाद के साथ स्वस्थ मसाले भी मिल सकें!

स्वाद में भरपूर, पॉकेट पर भी लाइट नूरी मसाले!
नूरी मसालों के ऑनर, श्री आज़म बताते हैं कि वैसे देखा गया है कि टेस्टी खाने के दीवाने लोग अपनी पसंद की डिशेज़ खाने के लिए स्वाद और प्रॉइज़, दोनों में से किसी से भी कॉम्प्रोमॉइज़ नहीं करते। तो, अपने इन्हीं कस्टमर्स के टेस्ट के साथ-साथ उनकी पॉकेट का भी ख़याल रखते हुए इस दुकान में मिलने वाले मसालों के बहुत ही नॉर्मल रेट्स रखे गए हैं। यहाँ आपको यह मसाले आधा किलो और एक किलो के पैकेट्स में मिल जाएँगे!
और, जब बात आती है किसी बड़ी गैदरिंग जैसे होटल्स या रेस्तरां या फिर शादी या पार्टीज़ की; तो, इन सभी ऑकेज़न्स के लिए नूरी मसाले के 40 से लेकर 100 किलो तक के मसालों के पैकेट्स का अरेंजमेंट हो जाता है।

कैसे पहुँचें नूरी मसाले की इस दुकान तक?
यूँ तो, स्वादिष्ट खाने वालों के बीच सिर्फ़ नूरी मसाले का नाम ही काफ़ी है। लेकिन, नए और पहली बार नूरी मसाले ट्राई करने वालों के लिए भी इस दुकान तक पहुँचना बहुत ही आसान है। चितली क़ब्र मार्केट में स्थित यह दुकान चावड़ी बाज़ार मैट्रो स्टेशन से कुल 5 से 10 मिनट की दूरी पर है। और, अगर आप आते हैं जामा मस्जिद या दरियागंज के गोल्चा सिनेमा के बराबर वाली गली से; तो, आपको लिए किसी को भी सिर्फ़ ‘‘नूरी मसाले’’ का नाम ही लेना काफ़ी है। लोग आपको अपने आप ही ले आएँगे इस पारंपरिक मसालों की जानी-मानी दुकान पर!
आज भी लेडीज़ के बीच बरक़रार है नूरी मसालों के खुले मसालों की डिमान्ड!
आकिफ़़ बताते हैं कि आज भले ही लाइफ़ में व्यस्तता के चलते पैकेट बंद मसालों को ही प्रैफ़र किया जाता है; क्योंकि, यह झटपट फटाफट स्वादिष्ट खाने की डिशेज़ तैयार करने में मदद करते हैं। लेकिन, बावजूद इसके आज भी काफ़ी ऐसे लोग और ख़ासकर कि लेडीज़ आती हैं, जिन्हें हमारे पारंपरिक मसाले ही पसंद आते हैं।







