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2036 ओलंपिक का रोडमैप: शारीरिक शिक्षा को मजबूत करना अनिवार्य, डॉ. मनसुख मांडविया का बड़ा संदेश

News Desk by News Desk
February 9, 2026
in देश
2036 ओलंपिक का रोडमैप: शारीरिक शिक्षा को मजबूत करना अनिवार्य, डॉ. मनसुख मांडविया का बड़ा संदेश
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नई दिल्ली, 09 फरवरी 2026: युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में फिज़िकल एजुकेशन फ़ाउंडेशन ऑफ़ इंडिया (पेफी) द्वारा शारीरिक शिक्षा और खेल विज्ञान विषय पर आयोजित 8वें राष्ट्रीय सम्मेलन का सफल समापन 07 फरवरी को एनडीएमसी कन्वेंशन सेंटर, नई दिल्ली में हुआ। 06-07 फरवरी को आयोजित इस दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन में देश के विभिन्न राज्यों से आए 700 से अधिक शारीरिक शिक्षा शिक्षक, खेल प्रशिक्षक, खेल प्रशासक, शोध विद्वान और नीति विशेषज्ञों ने भाग लिया।

सम्मेलन का औपचारिक उद्घाटन भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के माननीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया के विशेष वीडियो संदेश से हुआ। अपने संदेश में उन्होंने शारीरिक शिक्षा की अनिवार्यता, फिट इंडिया आंदोलन की प्रासंगिकता और भारत की 2036 ओलंपिक दृष्टि को साकार करने में स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों की निर्णायक भूमिका पर बल दिया।
अपने संबोद्धन मे उन्होंने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व में ‘ओलंपिक विज़न 2036’ और ‘विकसित भारत 2047’ का लक्ष्य खेलों के माध्यम से एक सशक्त, स्वस्थ और आत्मनिर्भर राष्ट्र निर्माण से सीधे जुड़ा हुआ है, जहां शारीरिक शिक्षा और खेल शिक्षा प्रणाली इसके प्रमुख आधार स्तंभ हैं।

उन्होंने यह भी रेखांकित किया “गुणवत्तापूर्ण शारीरिक शिक्षा, वैज्ञानिक प्रशिक्षण और समावेशी खेल अवसर आज समय की मांग हैं। हमारी प्रतिभा को केवल अवसर, पोषण और सम्मान की आवश्यकता है। शारीरिक शिक्षा की मजबूत नींव के बिना 2036 ओलंपिक का सपना अधूरा है।” माननीय मंत्री ने पेफी की पहल की सराहना करते हुए इसे सरकार के विज़न 2036 तथा विकसित भारत 2047 की परिकल्पना के साथ पूर्णतः संरेखित बताया।उन्होंने PEFI की पहल की सराहना करते हुए इसे सरकार के विज़न 2036 के साथ पूर्णतः संरेखित बताया।

इस अवसर पर युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के संयुक्त सचिव, श्री शोभित जैन ने मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित करते हुए “भारतीय स्कूल शिक्षा प्रणाली में शारीरिक शिक्षा और खेलों की वर्तमान स्थिति” पर आधारित राष्ट्रव्यापी सर्वेक्षण रिपोर्ट जारी की। उन्होंने भारत के 2036 ओलंपिक विज़न पर सरकार के दृष्टिकोण को साझा करते हुए कहा कि स्कूल स्तर से ही वैज्ञानिक और संरचित खेल तंत्र विकसित करना अनिवार्य है तथा पेफी जैसे संगठनों की भागीदारी नीति और जमीनी अनुभवों के बीच मजबूत सेतु का कार्य करती है।

स्वागत उद्बोधन देते हुए पेफी के राष्ट्रीय सचिव डॉ. पियूष जैन ने कहा कि यह सम्मेलन भारत में शारीरिक शिक्षा, खेल विज्ञान और उच्च प्रदर्शन खेल के क्षेत्र में ऐतिहासिक महत्व रखता है। विशिष्ट अतिथियों में डॉ. जी. किशोर (कुलपति, यंग इंडिया स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी, तेलंगाना) और डॉ. श्याम सुंदर रथ (कार्यवाहक कुलपति, नेशनल स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी, मणिपुर) ने विश्वविद्यालय स्तर पर हाई-परफॉर्मेंस स्पोर्ट्स स्ट्रक्चर पर विचार रखे।

उद्घाटन सत्र में क्रीड़ा भारती के राष्ट्रीय संगठन मंत्री श्री प्रसाद महानकर, सांसद श्री भरत सिंह कुशवाहा, विधायक श्री सतीश उपाध्याय और खेलो भारत- अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय संयोजक श्री प्रदीप शेखावत की विशेष उपस्थिति रही।

अध्यक्षीय उद्बोधन में द्रोणाचार्य पुरस्कार प्राप्त और पेफी के अध्यक्ष डॉ. ए. के. बंसल ने कहा कि यह सम्मेलन भारत के खेल भविष्य की सामूहिक कार्ययोजना तैयार करने का प्रयास है।
सम्मेलन के प्रथम दिवस में तीन प्रमुख तकनीकी सत्रों के माध्यम से खेल, शिक्षा और समाज के बीच गहरे संबंधों पर सार्थक विमर्श हुआ। “सामाजिक परिवर्तन के साधन के रूप में खेल” सत्र में खेल को सामाजिक समावेशन, युवा सशक्तिकरण और राष्ट्र निर्माण के प्रभावी माध्यम के रूप में प्रस्तुत किया गया। इसके साथ ही 2036 ओलंपिक विजन के लिए संस्थानों को भारत के उच्च प्रदर्शन वाले पावरहाउस में रूपांतरित करना सत्र में शैक्षणिक संस्थानों को हाई-परफॉर्मेंस सेंटर में रूपांतरित करने के व्यावहारिक मॉडल पर चर्चा हुई। डोपिंग विरोधी सुधार और साक्ष्य-आधारित खेल पोषण सत्र में पोषण विशेषज्ञों ने क्लीन स्पोर्ट और वैज्ञानिक पोषण के महत्व पर प्रकाश डाला। समानांतर रूप से शोधार्थियों के लिए पेपर प्रेजेंटेशन सत्र आयोजित किए गए, जबकि सायंकाल पेफी के 8वें राष्ट्रीय पुरस्कारों के माध्यम से शारीरिक शिक्षा और खेल विज्ञान के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तित्वों को माननीय राज्य मंत्री श्री हर्ष मल्होत्रा ने सम्मानित किया गया।

दूसरे दिन के सत्रों में खेल विज्ञान, प्रौद्योगिकी और प्रतिभा विकास पर विशेष जोर दिया गया। प्रो. (डॉ.) अनुकृति शर्मा ने “पर्यटन, शहरी विकास और क्षेत्रीय विकास के लिए उत्प्रेरक के रूप में मेगा खेल आयोजन” विषय पर विचार रखे, जबकि प्रो. (डॉ.) ए. के. उप्पल ने खेल प्रशिक्षण के विज्ञान में तकनीकी विकास पर व्याख्यान दिया। “विज्ञान से पोडियम तक: भारत की 2036 ओलंपिक आकांक्षाओं के लिए खेल विज्ञान का एकीकरण”सत्र में विशेषज्ञों ने बायोमैकेनिक्स, फिजियोलॉजी और परफॉर्मेंस एनालिटिक्स की भूमिका पर चर्चा की। “Return-to-Play Decisions in Elite Sport” सत्र में चोट प्रबंधन और एथलीट सुरक्षा पर गहन विमर्श हुआ, वहीं “Developing Talent through Education” सत्र में जमीनी स्तर पर भागीदारी बढ़ाने, शारीरिक शिक्षा पाठ्यक्रम में सुधार और समावेशन को बढ़ावा देने पर विचार-विमर्श किया गया। इसी दौरान पेफी द्वारा वर्तमान स्कूल शिक्षा प्रणाली में शारीरिक शिक्षा की स्थिति पर तैयार की गई राष्ट्रीय सर्वे रिपोर्ट का भी विमोचन किया गया, जिसने नीति-निर्माताओं और शिक्षाविदों के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश प्रस्तुत किए।

समापन समारोह में टोक्यो ओलंपिक रजत पदक विजेता श्री रवि दहिया ने मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित होकर युवा एथलीटों को प्रेरित किया और 2036 ओलंपिक में भारत को शीर्ष 10 में लाने की सामूहिक जिम्मेदारी पर बल दिया। द्रोणाचार्य एवं अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित श्री सुजीत मान ने कोचिंग उत्कृष्टता और प्रतिभा पोषण पर अपने विचार साझा किए, जबकि शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार के APS श्री मंजीत कौशिक ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति में शारीरिक शिक्षा को सुदृढ़ करने के प्रयासों पर प्रकाश डाला। 600 से अधिक प्रतिभागियों की सक्रिय भागीदारी, 12 से अधिक तकनीकी सत्रों और विशेषज्ञ पैनल चर्चाओं, शोध पत्र प्रस्तुतीकरण, पेफी राष्ट्रीय पुरस्कार 2026 समारोह तथा नीति-निर्माताओं, शिक्षाविदों, कोचों और खिलाड़ियों के बीच सुदृढ़ नेटवर्किंग के साथ यह सम्मेलन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस आयोजन में युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के मार्गदर्शन के साथ Amway India और KRAFTON India का महत्वपूर्ण सहयोग रहा।

पेफी के राष्ट्रीय सचिव डॉ. पियूष जैन ने समापन के अवसर पर कहा, “यह सम्मेलन केवल विचार-विमर्श का मंच नहीं, बल्कि भारत की 2036 ओलंपिक दृष्टि को साकार करने की सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रतीक है। स्कूल से स्टेडियम तक की यात्रा में शारीरिक शिक्षा की भूमिका निर्णायक है। हमें इस दिशा में निरंतर और ठोस प्रयास करने होंगे।”

पेफी के अध्यक्ष डॉ. ए. के. बंसल ने सभी प्रतिभागियों, विशिष्ट अतिथियों, मंत्रालय के अधिकारियों और सहयोगी संस्थानों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि “यह सम्मेलन भारत में शारीरिक शिक्षा और खेल विज्ञान के इतिहास में एक मील का पत्थर साबित होगा। हमारा संकल्प है कि हम 2036 तक भारत को विश्व की शीर्ष खेल शक्तियों में स्थापित करें।”

फिज़िकल एजुकेशन फ़ाउंडेशन ऑफ़ इंडिया (पेफी) युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त एक राष्ट्रीय स्पोर्ट्स प्रमोशन संगठन है जो शारीरिक शिक्षा, खेल विज्ञान और उच्च प्रदर्शन खेल के क्षेत्र में नीति निर्माण, शोध, क्षमता निर्माण और जमीनी कार्यक्रमों के माध्यम से भारत के खेल पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।


Tags: 2036 Olympics IndiaMansukh MandaviyaOlympic Vision 2036PEFI ConferencePhysical Education IndiaSports Science India
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