पटना, 10 फरवरी 2026: पथ निर्माण विभाग के सचिव श्री पंकज कुमार पाल की अध्यक्षता में आज विभागीय सभाकक्ष में सुल्तानगंज-अगुवानी घाट गंगा पुल परियोजना के कार्य में गति लाने हेतु एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। सचिव ने परियोजना से संबंधित डिजाईन, अप्रोच पथ, ROB पसराहा सहित सभी बिन्दुओं पर गहन समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। समीक्षा के क्रम में उन्होंने परियोजना के निर्माण में आ रही बाधाओं को जल्द दूर करने हेतु भी निदेशित किया। बैठक में विभाग के वरीय पदाधिकारी, परियोजना से जुड़े संबंधित इंजीनियर, कंसल्टेंट और संबंधित एजेंसी के प्रतिनिधि सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
यह गंगा पुल परियोजना भागलपुर एवं खगड़िया जिलों को जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इसके पूर्ण होने से क्षेत्रीय कनेक्टिविटी सुदृढ़ होगी तथा व्यापार, आवागमन एवं सामाजिक-आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी। IIT Rorkee द्वारा Foundation एवं Sub Structure से संबंधित डिजाईन पर सैद्धांतिक सहमति प्रदान की गई है। P9 से P13 के बीच Well Cap के निर्माण करने हेतु पुराने Well cap P10 की cutting की जा रही है एवं P11 तथा P12 के पुराने Well cap की cutting की तैयारी की जा रही है। स्पैन P6 से P9 के बीच के बचे हुए कार्य हेतु संवेदक द्वारा समर्पित प्रस्ताव पर प्राधिकरण अभियंता द्वारा समीक्षा की जा रही है।

समीक्षा के दौरान सचिव ने कहा कि परियोजना के निर्माण में और तेजी लाएं ताकि टाइमलाइन पर कार्य पूर्ण हो सके। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सम्पूर्ण पुल निर्माण कार्य को 18 माह की निर्धारित अवधि के भीतर पूर्ण किया जाए। टाइमलाइन पर कार्य नहीं होने पर एजेंसी को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि पथ निर्माण विभाग द्वारा परियोजना की निरंतर निगरानी की जा रही है, ताकि निर्माण कार्य समयबद्ध एवं सुचारु रूप से पूर्ण किया जा सके। बिहार राज्य पुल निर्माण निगम को परियोजना को लेकर साप्ताहिक समीक्षा करने का निदेश दिया गया। संवेदक से तत्काल वर्क प्रोग्राम एवं माइलस्टोन प्राप्त कर साप्ताहिक आधार पर प्रगति की समीक्षा अनिवार्य रूप से की जाए।
परियोजना की पहुँच पथ की कुल लंबाई लंबाई 20.3 किलोमीटर है, जिसे पूर्ण करने हेतु मई, 2026 तक का लक्ष्य निर्धारित है।

निर्धारित लक्ष्य के अनुसार ROB पसराहा छोड़कर शेष सभी में कार्य किया जा रहा है। सचिव श्री पंकज कुमार पाल ने संवेदक को निर्देशित किया कि परियोजना के सभी कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण करने हेतु संसाधनों की पर्याप्त तैनाती सुनिश्चित करते हुए कार्य में और तेजी लाई जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं होगा।








