श्रीनाथ दीक्षित, वरिष्ठ संवाददाता, दिल्ली
होली के त्यौहार का आग़ाज़ हो चुका है! यह वो त्योहार है, जिसे सभी जाति-धर्म के लोग भेद-भाव भुलाकर आपसी भाई-चारे के साथ हर्षाल्लास के साथ मनाते हैं। सच मानिए; तो, होली त्यौहार के आते ही चारों ओर ख़ुशियों का ही माहौल आ जाता है।

वो हाथों में रंग-बिरंगी पिचकारियाँ लेकर आते-जाते लोगों पर पानी की बौछार करके हंसते-गाते बच्चे और कभी चुपके-से एक-दूसरे के गालों पर गुलाल लगाकर मौज-मस्ती करते लोग! और, फिर शाम को एक-दूसरे के घर जाकर वो गरमा-गरम गुजियाँ और समोसे खाकर गप्पे लगाना! सच! यही तो, पहचान है होली के पावन त्यौहार की; जहाँ सभी लोग अपने-अपने दिल खोलकर आपस में मिलकर त्यौहार के जश्न की मस्ती में खो जाते हैं।
लेकिन, क्या आपको पता है कि जहाँ एक ओर हम टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में आगे बढ़ रहे हैं, वहीं इसका असर आज हमारे त्यौहार मनाने के तौर-तरीक़ों में भी साफ़ देखा जा सकता है!
पुरानी दिल्ली के चाँदनी चौक के सदर बाज़ार में स्थित “राज भाई राखी वाला” के नाम से प्रसिद्ध श्री राज बताते हैं, “हमें इस बिज़नेस में तक़रीबन एक लम्बा अरसा हो गया है। वैसे देखा जाए; तो, होली के त्यौहार और इसे मनाने के तौर-तरीक़ों में काफ़ी हद तक बदलाव आए हैं। पहले जहाँ सिम्पल स्टील की प्रेशर वाली पिचकारियाँ ही चलतीं थीं, वहीं आज लोगों में और ख़ासकर बच्चों में सुंदर एवं डिज़ाइनर पिचकारियों की डिमान्ड में काफ़ी इज़ाफ़ा हुआ है।

इन्हीं पारंपरिक पिचकारियों को आज की मॉडर्न टेक्नोलॉजी के साथ मिलकर एक सुंदर और डिज़ाइनर रूप देने के लिए कम्पनियों के साथ हम भी अपने क्रिएटिव हाथ आजमाते हुए आज बच्चों के टेस्ट और इंटेरस्ट को ध्यान में रखते हुए मार्केट में उनके पसंदीदा डॉरेमॉन, शिज़ूका, हगीमॉरो, शिनचॉन, बॉर्बी डॉल, फ़िरोज़न डॉल, छोटा भीम, मोटू-पतलू, बाल गणेशा, इत्यादि, जैसे फ़ेमस कार्टून्स वाली पिचकारियाँ बड़े पैमाने पर और वाजिब दामों में उपलब्ध करवा रहे हैं।

और, जहाँ तक बात है होली के रंगों की; तो, हमारे यहाँ उच्चतम क्वॉलिटी के गुलाल से लेकर पानी में मिलाने वाले सभी रंगों की वैरायटीज़ मौजूद हैं। और, यह सभी रंग हर्बल हैं और स्किन के लिए भी एकदम सुरक्षित हैं! आज छोटे बच्चों में अपने पसंदीदा कार्टून्स वाली पिचकारियों की डिमान्ड्स ज़ोर पकड़तीं नज़र आ रहीं हैं। इन पिचकारियों में इतना पानी आ जाता है कि आप एक बार में एक व्यक्ति को पूरा गीला कर सकते हैं और आनंद ले सकते हैं होली के पावन त्यौहार का!”











