हरेन्द्र प्रताप की रिपोर्ट
नई दिल्ली, 13 फरवरी। राजनीति में अच्छे लोगों को आना चाहिए। हालांकि वहां पहले से अच्छे लोग हैं। जहां तक मेरी बात है तो मैंने अभी राजनीति में जाने के बारे में कुछ नहीं सोचा है।
ये विचार दिल्ली विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित त्रिदिवसीय साहित्य महोत्सव के दूसरे दिन आज एक संवाद कार्यक्रम में बालीवुड अभिनेता पंकज त्रिपाठी ने व्यक्त किये।
स्वयं दिल्ली स्थित राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के छात्र रह चुके अभिनेता ने दिल्ली विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों से कहा कि जीवन में जब नदियों को पार करने के लिए पुल नहीं होता है तो आपको तैरना सीखना पड़ता है और स्वयं तैर कर नदी को पार करना पड़ता है।

श्री त्रिपाठी ने स्पष्ट किया कि संयोग भी सफलता का आधार होता है लेकिन इसके लिए भी लगातार प्रयास की आवश्यकता होती है। उन्होंने सफलता के लिए समर्पण को भी महत्वपूर्ण भाव माना और कहा कि बुरे लोगों में भी कुछ अच्छाइयां होती हैं।

दिल्ली विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित इस लिटररी फेस्टिवल में बड़ी संख्या में विभिन्न महाविद्यालयों के विद्यार्थी भाग ले रहे हैं। महोत्सव में पुस्तक प्रदर्शनी और सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया है। इस अवसर पर साहित्य, सिनेमा, कला और पत्रकारिता जगत की बड़ी हस्तियों को आमंत्रित किया गया। महोत्सव के दूसरे दिन संवाद कार्यक्रम का संचालन प्रोफेसर शांतनु और प्रोफेसर सुधा सिंह ने भी किया। यह महोत्सव 12 से 14 फरवरी तक आयोजित किया गया है। इस अवसर पर दिल्ली विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग ने महोत्सव समाचार पत्र का प्रकाशन किया है।












