श्रीनाथ दीक्षित, वरिष्ठ संवाददाता, दिल्ली
कहते हैं कि मेडिकल या हैल्थ केयर की लाईन में अपना कैरियर बनाना ही अपने आप में एक गर्व की बात हो जाती है। वो इज़्ज़त, वो अपने घर-परिवार और समाज में एक रूतबा! सच! कितना हसीन अहसास होता है ना यह!
एक डाॅक्टर को हमारे समाज में ईश्वर का दूसरा रूप भी माना जाता है! क्योंकि, ईश्वर के बाद इस धरती पर सिर्फ़ एक डाॅक्टर ही ऐसे व्यक्ति होते हैं, जो हमारे शरीर में होने वाले किसी भी विकार या बीमारी को तुरंत भाँपकर उसका ईलाज कर हमें देते हैं किसी भी बड़े-से-बड़े रोग से मुक्ति!

हमें पता हैं अब आपके बारहवीं के एग्ज़ाम्स हो रहे हैं। और, आप भी चाहते हैं मानव सेवा के इस ख़ूबसूरत-से क्षेत्र में अपना उज्ज्वल भविष्य बनाकर समाज में एक इज़्ज़तदार स्थान बनाना। लेकिन, यह कोर्स कहाॅं से और कैसे करें, इन सबकी अधुरी जानकारी के कारण कई बार आप अपने ड्रीम कैरियर से दूर हो जाते हैं और हो जाते हैं टेंशन से परेशान! तो, अब आपको घबराने की ज़रूरत नहीं है। क्योंकि, यहाँ पर हम आपको दे रहे हैं कुछ ऐसी महत्वपूर्ण टिप्स, जिनकी सावधानी बरतकर और साथ कुछ सरकारी संस्थानों की लिस्ट; जहाँ से हैल्थ केयर की फ़ील्ड में प्राॅपर ट्रेनिंग पाकर आप भी दे सकते हैं अपने सुनहरे भविष्य को उड़ान!
- कोर्सेस के हैं कई ऑप्शंस!
हैल्थ केयर एक ऐसा क्षेत्र है, जहाँ पर आपको एक साथ काफ़ी कैरियर ऑप्शंस मिल जाते हैं। लेकिन, उसके लिए पहले आपको अपना इंट्रेस्ट बनाना होगा कि आप कौन-सी फ़ील्ड को अपने कैरियर ऑप्शन के रूप में चुनना चाहते हैं। उदाहरणार्थ:
- मेडिकल लैबोरेट्री टेक्नीशियन
- जनरल ड्यूटी असिस्टेंट
- कार्डियक केयर टेक्नीशियन
- ऑपरेशन थिएटर टेक्नीशियन
- रेडियोलाॅजी टेक्नीशियन (एक्स-रे)
- क्या हो योग्यता?
इन सभी कोर्सेस के लिए अलग-अलग योग्यताएँ हैं। उदाहरणार्थ:
- मैडिकल लैबोरेट्री टेक्नीशियन: बारहवीं में साइंस स्ट्रीम के साथ उत्तीर्ण।
- जनरल ड्यूटी असिस्टेंट: किसी भी स्ट्रीम में दसवीं या बारहवीं में उत्तीर्ण।
- कार्डियक केयर टेक्नीशियन: बारहवीं में साइंस स्ट्रीम के साथ उत्तीर्ण।
- ऑपरेशन थिएटर टेक्नीशियन: बारहवीं में साइंस स्ट्रीम के साथ उत्तीर्ण।
- रेडियोलाॅजी टेक्नीशियन (एक्स-रे): बारहवीं में साइंस स्ट्रीम के साथ उत्तीर्ण।
- क्या हैं कोर्सस की ड्यूरेशंस?
हैल्थ केयर के क्षेत्र में आज हर कोर्स की ड्यूरेशन अलग-अलग है। उदाहरणार्थ – इस क्षेत्र में 6 महीने से लेकर 1 से 2 साल तक के सर्टीफ़िकेट और डिप्लोमा कोर्सेस उपलब्ध हैं।
- क्या है फ़ीस स्ट्रक्चर?
हर कोर्स की फ़ीस ड्यूरेशन के अनुसार अलग-अलग है। वैसे देखा जाए; तो, एक साल के कोर्सेस के लिए आपको सिर्फ़ रू. 45,000 देने पड़ेंगे और 6 महीने के कोर्स के लिए सिर्फ़ रू. 30,000 देकर आप कर सकते हैं अपने आपको हैल्थ केयर सैक्टर में उज्ज्वल भविष्य के लिए तैयार!
स्टूडेंट्स के लिए इन कोर्सेस की ट्रेनिंग को आसान बनाने के लिए इन इंस्टीट्यूट्स में कोर्सेस की फ़ीस भरने के प्राॅसेस को भी बहुत ही आसान बना दिया है। क्योंकि, एक साल और 6 महीने वाले कोर्सेस के लिए शुरू में आपको सिर्फ़ रू. 15,000 भरकर एडमिशन मिल जाएगा और बाक़ी की बकाया फ़ीस आप हर महीने रू. 3,000 इंस्टाॅल्मेंट में भरकर जमा करवा सकते हैं! साथ ही यह प्रॉसेस हर इंस्टीट्यूट के हिसाब से आपको चैक करना होगा।

- कौन-से डाॅक्यूमेंट्स करने पड़ेंगे सब्मिट?
हर फ़ील्ड अलग-अलग होने के कारण आपको उस कोर्स से संबंधित अपने एजुकेशनल क्वॉलीफ़िकेशंस सर्टीफ़िकेट्स सब्मिट करने पड़ेंगे। इसीलिए, आप किसी भी संस्थान में जाने से पहले अपने दसवीं और बारहवीं के सर्टीफ़िकेट्स के साथ कम-से-कम 5 फ़ोटोज़ और अगर स्नातक हैं; तो, अपनी डिग्री और मार्कशीट की ओरीजिनल और फ़ोटोकाॅपीज़ तो, अवश्य साथ में रखें। साथ ही अपना आईडेंटिटी कार्ड और घर के पते का प्रमाणपत्र तो, ज़रूर साथ में ले जाएँ। ऐसा करने से आपको दोबारा जाकर संस्थान में यह सब डाॅक्यूमेंट्स सब्मिट करने की परेशानी नहीं होगी।
- क्या सुविधाएँ हैं उपलब्ध?
आज टेक्नोलाॅजी में आए बदलाव का असर हैल्थ केयर सैक्टर में भी साफ़ देखा जा सकता है। इसी के चलते आज स्टूडेंट्स को भी नई और एड्वान्स्ड मशीनों से रूबरू करवाकर उन्हें एक उज्ज्वल भविष्य के लिए तैयार करने के लिए हैल्थ केयर क्षेत्र में ट्रेनिंग देने वाले सभी संस्थानों में वर्ल्ड क्लाॅस मशीनों को लगाया गया है। जिसकी सहायता से अब स्टूडेंट्स को हैल्थ केयर इंडस्ट्री में इस्तेमाल की जाने वाली मशीनों की पहले से और अच्छे-से नाॅलेज होगी।

- क्या है एक्सपर्ट की राय?
हैल्थ केयर एक्सपर्ट, डाॅ. एम.के. सेन (सेवानिवृत्त) बताते हैं कि आज हैल्थ केयर सैक्टर में आए बूम को देखते हुए स्टूडेंट्स में इस फ़ील्ड को अपने कैरियर के रूप में चुनने में काफ़ी इज़ाफ़ हुआ है। ऐसे स्टूडेंट्स को एक अच्छी और उच्च शिक्षा प्रदान करने के लिए देश में कई संस्थान ऐसे हैं जो माननीय प्रधानमंत्री, श्री नरेंद्र मोदी जी के द्वारा शुरू किए गए नेशनल स्किल डिवेलपमेंट काॅरपोरेशन (एन.एस.डी.सी.) द्वारा हैल्थ केयर के सैक्टर में ट्रेनिंग देने के लिए मान्यता प्राप्त हैं। स्टूडेंट्स को थियोरी के साथ नर्सिंग होम्स में प्रैक्टिकल ट्रेनिंग भी दी जाती हैं। साथ ही बैस्ट फ़ेकल्टीज़ होने के कारण स्टूडेंट्स के सारे डाॅउट्स सही ठंग से क्लीयर हो जाते हैं।
लेकिन, आज के कॉम्पीटिशन के समय में देश में कई ऐसे प्राइवेट इंटीट्यूट्स हैं, जो स्टूडेंट्स से सिर्फ़ मोटी रकम लेकर सही ट्रेनिंग ना देकर उनके कैरियर के साथ एक बहुत बड़ा खिलवाड़ कर जाते हैं। ऐसे में स्टूडेंट्स और उनके अभिभावकोें को चाहिए कि वो जिस भी संस्थान में अपने कैरियर से संबंधित कोर्स या ट्रेनिंग लेने जा रहे हैं, वहाँ की पूरी तरह से जानकारी हासिल कर लें कि वो संस्थान सरकार द्वारा उस कोर्स को करवाने या फिर उससे संबंधित ट्रेनिंग देने के लिए मान्यता प्राप्त है भी या नहीं!






