• About us
  • Contact us
Friday, April 17, 2026
28 °c
New Delhi
36 ° Sat
36 ° Sun
Kadwa Satya
  • Home
  • संपादकीय
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • खेल
  • अपराध
  • करियर – शिक्षा
    • टेक्नोलॉजी
    • रोजगार
    • शिक्षा
  • जीवन मंत्र
    • व्रत त्योहार
  • स्वास्थ्य
  • मनोरंजन
    • बॉलीवुड
    • गीत संगीत
    • भोजपुरी
  • स्पेशल स्टोरी
No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • खेल
  • अपराध
  • करियर – शिक्षा
    • टेक्नोलॉजी
    • रोजगार
    • शिक्षा
  • जीवन मंत्र
    • व्रत त्योहार
  • स्वास्थ्य
  • मनोरंजन
    • बॉलीवुड
    • गीत संगीत
    • भोजपुरी
  • स्पेशल स्टोरी
No Result
View All Result
Kadwa Satya
No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • खेल
  • अपराध
  • करियर – शिक्षा
  • जीवन मंत्र
  • स्वास्थ्य
  • मनोरंजन
  • स्पेशल स्टोरी
Home देश

संत, सत्ता और संग्राम: प्रयागराज केस से उठते राजनीतिक सवाल

News Desk by News Desk
February 21, 2026
in देश
संत, सत्ता और संग्राम: प्रयागराज केस से उठते राजनीतिक सवाल
Share on FacebookShare on Twitter

अमित पांडे: संपादक

प्रयागराज की विशेष POCSO अदालत ने ज्योतिष पीठ शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्य स्वामी मुकुंदानंद गिरी पर एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है। आरोप है कि उनके गुरुकुल में बीस बच्चों का यौन शोषण हुआ। यह मामला केवल कानूनी प्रक्रिया तक सीमित नहीं है, बल्कि उत्तर प्रदेश की राजनीति, धार्मिक बिरादरी और सत्ता के समीकरणों के बीच एक नए तनाव का संकेत भी देता है।
गौर करने वाली बात यह है कि यह विवाद अचानक नहीं उठा। पिछले तीन महीनों से प्रयागराज में इस मुद्दे पर कानूनी और सामाजिक हलचल जारी थी। शाकुंभरी पीठाधीश्वर आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज ने जनवरी में ही अदालत में याचिका दायर की थी और फरवरी में दो बच्चों को पेश कर आरोपों को पुष्ट करने की कोशिश की। अदालत ने अब जाकर पुलिस को एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है, जिससे यह मामला औपचारिक रूप से जांच के दायरे में आ गया है।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद कोई साधारण संत नहीं हैं। वे पहले भी राजनीतिक मंचों पर मुखर रहे हैं। हरिशंकर तिवारी की मूर्ति अनावरण में मुख्य अतिथि बने, प्रवचन दिए और कई बार सरकार की नीतियों पर खुलकर टिप्पणी की। उन पर लाठीचार्ज भी हुआ था और वे अक्सर राजनीतिक विमर्श में हस्तक्षेप करते रहे हैं। ऐसे में उनके खिलाफ दर्ज मुकदमा केवल व्यक्तिगत आरोप नहीं, बल्कि सत्ता और संतों के बीच टकराव का रूप लेता दिख रहा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं एक महंत रहे हैं और धार्मिक बिरादरी से उनका गहरा जुड़ाव है। लेकिन अब जब एक शंकराचार्य पर गंभीर आरोप लगे हैं, तो यह सवाल उठता है कि सरकार इस मामले को कैसे संभालेगी। एक ओर कानून और प्रशासन की जिम्मेदारी है कि आरोपों की निष्पक्ष जांच हो, दूसरी ओर धार्मिक बिरादरी की संवेदनशीलता है, जो ऐसे मामलों को अक्सर ‘संतों पर हमला’ मानकर प्रतिक्रिया देती है।
धार्मिक बिरादरी इस घटना को किस नजर से देखेगी, यह अभी स्पष्ट नहीं है। शंकराचार्यों की जमात आम तौर पर एकजुट होकर अपने पद और परंपरा की रक्षा करती है। लेकिन बच्चों के शोषण जैसे आरोपों पर चुप्पी साधना मुश्किल होगा। यदि बिरादरी इसे राजनीतिक षड्यंत्र मानती है तो सरकार पर दबाव बढ़ेगा। यदि वे जांच का समर्थन करते हैं तो यह धार्मिक नेतृत्व में एक नई पारदर्शिता का संकेत होगा।
विपक्ष भी इस मामले को भुनाने की कोशिश करेगा। पहले किसान आंदोलन ने सरकार को झकझोरा था और अब यह मामला धार्मिक छवि पर चोट के रूप में देखा जा सकता है। भक्तों का बल और संतों का प्रभाव सरकार के लिए चुनौती बनेगा। यह टकराव केवल एक बाबा और एक मुख्यमंत्री के बीच नहीं है, बल्कि सत्ता, धर्म और समाज के बीच संतुलन का प्रश्न है।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को मानने वाले केशव प्रसाद मौर्य जैसे बड़े नेता भी हैं, लेकिन अब मामला अदालत तक पहुँच चुका है। आरोप गंभीर हैं और जांच लंबी होगी। इस परिनति से यह साफ है कि धार्मिक नेतृत्व और राजनीतिक सत्ता के बीच रिश्ते अब पहले जैसे सहज नहीं रहे।
अंततः सवाल यही है: क्या सरकार इस मामले को केवल कानूनी प्रक्रिया मानकर आगे बढ़ाएगी, या धार्मिक बिरादरी और राजनीतिक दबाव के बीच कोई समझौता करेगी? और सबसे बड़ा प्रश्न—क्या बच्चों के अधिकार और न्याय को प्राथमिकता मिलेगी, या फिर संत और सत्ता के समीकरण हावी रहेंगे?

Tags: Gurukul abuse allegationsPrayagraj POCSO caseShankaracharya FIRSwami Avimukteshwaranand Saraswati caseUP politics saints controversy
Previous Post

ए. आई. इम्पैक्ट सम्मिट – 2026 ने सफलता के अनेक रास्ते दिखाये!

Next Post

ममता की चेतावनी और मोदी की शैली: चुनावी राजनीति का नया मोर्चा

Related Posts

No Content Available
Next Post
ममता की चेतावनी और मोदी की शैली: चुनावी राजनीति का नया मोर्चा

ममता की चेतावनी और मोदी की शैली: चुनावी राजनीति का नया मोर्चा

New Delhi, India
Friday, April 17, 2026
Moderate or heavy rain with thunder
28 ° c
48%
7.2mh
42 c 31 c
Sat
41 c 31 c
Sun

ताजा खबर

अमृतसर के अटारी विधानसभा क्षेत्र की सभी प्रमुख सड़कें शानदार बनेंगी, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने रखी आधारशिला

अमृतसर के अटारी विधानसभा क्षेत्र की सभी प्रमुख सड़कें शानदार बनेंगी, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने रखी आधारशिला

April 17, 2026
पंजाब में ई.डी. के माध्यम से भाजपा का चुनावी खेल जारी, तीन दिनों में दो ‘आप’ नेताओं के घरों पर छापे: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

पंजाब में ई.डी. के माध्यम से भाजपा का चुनावी खेल जारी, तीन दिनों में दो ‘आप’ नेताओं के घरों पर छापे: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

April 17, 2026
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अगुवाई में मंत्रीमंडल द्वारा दरियाओं, चोओं और सेम नालों से गाद निकालने के लिए हरी झंडी

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अगुवाई में मंत्रीमंडल द्वारा दरियाओं, चोओं और सेम नालों से गाद निकालने के लिए हरी झंडी

April 17, 2026
ऐतिहासिक नगर बटाला के विकास को बड़ा बढ़ावा, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान द्वारा 177 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की घोषणा

AAP पर ED का एक्शन: CM भगवंत मान बोले- ‘गैर-BJP राज्यों को डराने के लिए हो रहा एजेंसियों का दुरुपयोग’

April 17, 2026
महिला आरक्षण और परिसीमन विधेयक की विफलता: लोकतंत्र का नया अध्याय

महिला आरक्षण और परिसीमन विधेयक की विफलता: लोकतंत्र का नया अध्याय

April 17, 2026

Categories

  • अपराध
  • अभी-अभी
  • करियर – शिक्षा
  • खेल
  • गीत संगीत
  • जीवन मंत्र
  • टेक्नोलॉजी
  • देश
  • बॉलीवुड
  • भोजपुरी
  • मनोरंजन
  • राजनीति
  • रोजगार
  • विदेश
  • व्यापार
  • व्रत त्योहार
  • शिक्षा
  • संपादकीय
  • स्पेशल स्टोरी
  • स्वास्थ्य
  • About us
  • Contact us

@ 2025 All Rights Reserved

No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • खेल
  • अपराध
  • करियर – शिक्षा
    • टेक्नोलॉजी
    • रोजगार
    • शिक्षा
  • जीवन मंत्र
    • व्रत त्योहार
  • स्वास्थ्य
  • मनोरंजन
    • बॉलीवुड
    • गीत संगीत
    • भोजपुरी
  • स्पेशल स्टोरी

@ 2025 All Rights Reserved