हरेन्द्र प्रताप की विशेष रिपोर्ट
नई दिल्ली, 25 फरवरी। दिल्ली के लेफ्टिनेंट गवर्नर एवं दिल्ली भेषज विज्ञान एवं अनुसंधान विश्वविद्यालय ( दिल्ली फार्मास्युटिकल साइंसेज एंड रिसर्च यूनिवर्सिटी ) के चांसलर विनय कुमार सक्सेना ने कहा है कि विकसित भारत सिर्फ एक नारा नहीं है बल्कि यह देश के युवाओं को एक आमंत्रण है और उनके लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है।
श्री सक्सेना ने आज यहां विज्ञान भवन में दिल्ली फार्मास्युटिकल साइंसेज एंड रिसर्च यूनिवर्सिटी के आठवें वार्षिक दीक्षांत समारोह में अपने अध्यक्षीय उद्बोधन के दौरान ये विचार व्यक्त किये। उन्होंने कहा कि दिल्ली फार्मास्युटिकल साइंसेज एंड रिसर्च यूनिवर्सिटी पूरी दुनिया और विशेष कर सम्पूर्ण भारत में अपना विशिष्ट स्थान रखती है तथा नई दवाओं के आविष्कार में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है।
विश्वविद्यालय के कुलाधिपति ने पीएच.डी., मास्टर्स और बैचलर्स की डिग्री को उत्कृष्टता से प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि दरिया बन कर किसी को डुबाना बहुत आसान है लेकिन जरिया बन कर किसी को बचाना बहुत मुश्किल है। उन्होंने इस अवसर पर संदेश दिया कि प्रशंसा में झूठ छुपा होना और आलोचना में सच छुपा होना जिसने जान लिया, उसने जीवन को जान लिया।
समारोह के मुख्य अतिथि थे राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद् की कार्यसमिति के अध्यक्ष डॉ. अनिल सहस्रबुद्धे। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों को सिर्फ एम. ओ. यू. ही साइन नहीं करना चाहिए बल्कि उससे आगे जाकर उन्हें इंडस्ट्री के साथ पार्टनरशिप करनी चाहिए। उन्होंने कुलपतियों और फैकल्टी मेंबर्स को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि दो कदम हम आगे जाएंगे तो दो कदम उद्योगपति भी आगे आएंगे। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के दोनों रूपों यानि उसके सदुपयोग और दुरूपयोग को लेकर विद्यार्थियों को सचेत किया तथा ए. आई. के अनेक लाभ बताए।
इस महत्वपूर्ण अवसर पर दिल्ली फार्मास्युटिकल साइंसेज एंड रिसर्च यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रोफेसर रविचंदिरन वी. ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों की जानकारी दी। विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. रामचन्दर खत्री और एसोसिएट डीन डॉ. प्रबोध चंदर शर्मा ने इस अवसर पर डिग्री प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों की उपलब्धियों का उल्लेख किया।
समारोह में सचिव सुश्री नंदिनी पालीवाल, आई ए एस एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी, उनके माता-पिता तथा अन्य अतिथियों ने भाग लिया।






