• About us
  • Contact us
Sunday, March 8, 2026
35 °c
New Delhi
31 ° Mon
31 ° Tue
Kadwa Satya
  • Home
  • संपादकीय
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • खेल
  • अपराध
  • करियर – शिक्षा
    • टेक्नोलॉजी
    • रोजगार
    • शिक्षा
  • जीवन मंत्र
    • व्रत त्योहार
  • स्वास्थ्य
  • मनोरंजन
    • बॉलीवुड
    • गीत संगीत
    • भोजपुरी
  • स्पेशल स्टोरी
No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • खेल
  • अपराध
  • करियर – शिक्षा
    • टेक्नोलॉजी
    • रोजगार
    • शिक्षा
  • जीवन मंत्र
    • व्रत त्योहार
  • स्वास्थ्य
  • मनोरंजन
    • बॉलीवुड
    • गीत संगीत
    • भोजपुरी
  • स्पेशल स्टोरी
No Result
View All Result
Kadwa Satya
No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • खेल
  • अपराध
  • करियर – शिक्षा
  • जीवन मंत्र
  • स्वास्थ्य
  • मनोरंजन
  • स्पेशल स्टोरी
Home देश

‘बाल विवाह मुक्ति रथ’ ने 28 राज्यों के 439 जिलों के 66,344 गांवों की यात्रा कर बाल विवाह के खिलाफ देश को किया एकजुट

News Desk by News Desk
March 8, 2026
in देश
‘बाल विवाह मुक्ति रथ’ ने 28 राज्यों के 439 जिलों के 66,344 गांवों की यात्रा कर बाल विवाह के खिलाफ देश को किया एकजुट
Share on FacebookShare on Twitter

देशभर में बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से निकले ‘बाल विवाह मुक्ति रथ’ की 28 राज्यों में यात्रा का अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर समापन हुआ। पिछले एक महीने में इस रथ ने 6,79,077 किलोमीटर की यात्रा कर 28 राज्यों, 439 जिलों और 66,344 गांवों से होते हुए कुल 5,22,68,033 लोगों तक बाल विवाह मुक्त भारत का संदेश पहुंचाया। बाल विवाह के खिलाफ भारत सरकार के 100 दिवसीय गहन जागरूकता अभियान को मजबूती देने के लिए जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन ने देशभर में 500 से अधिक बाल विवाह मुक्ति रथ सड़कों पर उतारे। इन रथों ने देश के कोने-कोने में जाकर बाल विवाह से जुड़े कानूनों और खास तौर से लड़कियों पर इसके दुष्प्रभावों के बारे में जनसमुदाय को जागरूक किया। जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन बाल संरक्षण और बाल अधिकारों के क्षेत्र में कार्यरत नागरिक समाज संगठनों का देश का सबसे बड़ा नेटवर्क है, जिसके 250 से अधिक सहयोगी संगठन देश के 439 जिलों में जमीन पर काम कर रहे हैं।

पहियों पर चले इस अनूठे अभियान को देशभर में अभूतपूर्व समर्थन मिला। जाति, धर्म और विचारधारा के बंधन को तोड़ते हुए विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, महिला भुक्तभोगियों, नागरिक समाज संगठनों, पुलिस और धर्मगुरुओं ने एकजुट होकर बाल विवाह के खात्मे के सामूहिक संकल्प को दोहराया। सरकारी आंकड़ों के अनुसार 2019–21 के दौरान देश में बाल विवाह की दर 23.3 प्रतिशत रही। इसका मतलब कि लगभग हर चौथी लड़की 18 वर्ष की होने से पहले ही ब्याह दी जाती है। एक महीने की इस यात्रा के दौरान बाल विवाह मुक्ति रथ ने 66,344 गांवों में पहुंचकर कुल 2,75,622 जागरूकता कार्यक्रम किए और 43,984 धर्मगुरुओं को इस अभियान से जोड़ा।

देश के विभिन्न राज्यों में इन रथों को मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, सांसद, जिलाधिकारी और कई राज्यों की विधानसभाओं के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने-अपने राज्यों में बाल विवाह मुक्ति रथ को रवाना किया। राज्यों के 49 मंत्रियों, 82 सांसदों और 154 विधायकों के अलावा 99 जिलाधिकारियों ने विभिन्न जिलों में इस रथ को रवाना किया।

अभियान की सफलता और भारत के बाल विवाह के खिलाफ दृढ़ संकल्प के बाबत जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन की सीनियर एडवाइजर (पॉलिसी) ज्योति माथुर ने कहा, “यह रथ केवल एक प्रतीक नहीं, बल्कि न्याय का वाहक है। यह जनसमुदाय तक कानून, संरक्षण और जवाबदेही का संदेश लेकर जाता है, ताकि सरकार की मंशा जमीन पर वास्तविक सुरक्षा में तब्दील हो सके। इस अभियान में शीर्ष राजनीतिक नेतृत्व और प्रशासनिक अधिकारियों से लेकर शिक्षाविदों और महिला भुक्तभोगियों तक सभी ने उत्साह से भागीदारी की। खास तौर पर जमीनी स्तर के महिला नेतृत्व का अग्रिम मोर्चे से इस संदेश को आगे ले जाते देखना बेहद प्रेरक रहा। ऐसी व्यापक भागीदारी और तात्कालिकता के साथ हमें विश्वास है कि भारत 2030 की वैश्विक समयसीमा से पहले ही बाल विवाह जैसे अपराध से मुक्त हो जाएगा।”

उन्होंने कोलंबिया विश्वविद्यालय की एक हालिया रिपोर्ट का जिक्र करते हुए कहा, “हमारा हौसला बढ़ाने वाली बात यह है कि दुनिया अब उसे स्वीकार कर रही है जो हम एक दशक से कह रहे हैं कि बाल विवाह दरअसल हमारे बच्चों से बलात्कार है और इसे उसी रूप में देखा और समझा जाना चाहिए।”

जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन ने अपने सहयोगी संगठनों, स्थानीय प्रशासन, कानून लागू करने वाली एजेंसियों, सामुदायिक नेताओं व बाल विवाह में सेवाएं प्रदान करने वाले बैंड बाजा, घोड़ी, सजावट, डीजे व व खाना बनाने वाले कैटर्रस के समन्वित प्रयासों से पिछले एक वर्ष में ही देशभर में 1,98,628 बाल विवाह रुकवाए हैं। ‘बाल विवाह मुक्त भारत’ अभियान के साल भर पूरा होने के अवसर पर भारत सरकार के 100 दिवसीय गहन अभियान को सफल बनाने के लिए जेआरसी ‘बाल विवाह मुक्ति रथ’ यात्रा की शुरुआत की थी।

पोस्टरों, प्रभावशाली नारों, लाउडस्पीकर और बाल विवाह के खिलाफ शपथ के लिए बोर्ड से सुसज्जित यह रथ उन दूरदराज और हाशिए पर रहने वाले समुदायों तक पहुंचने के लिए तैयार किया गया था। जहां बेहतर सड़कों वाले इलाकों में चार पहिया वाहनों के माध्यम से यह अभियान पहुंचा, वहीं दूरदराज के गांवों तक मोटरसाइकिल और साइकिल कारवां के जरिए संदेश पहुंचाया गया। इस यात्रा के दौरान बाल विवाह मुक्ति रथ ने पंचायतों, जिला प्रशासन, बाल विवाह निषेध अधिकारियों और प्रशासनिक अमले के साथ मिलकर जनता को जागरूक किया और बाल विवाह के खिलाफ शपथ दिलाई। अभियान के तहत स्कूलों, ग्राम सभाओं, धार्मिक व ऐतिहासिक से होते हुए 2,75,622 कार्यक्रम आयोजित किए गए। इनमें रैलियां, नुक्कड़ नाटक, शपथ समारोह, सांस्कृतिक कार्यक्रम और बाल विवाह पीड़ितों की कहानियां शामिल थीं। पूरे अभियान के दौरान 27,767 धार्मिक स्थलों और 39,221 स्कूलों, कॉलेजों तथा अन्य संस्थानों तक बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता का संदेश पहुंचाया गया।

Tags: Awareness Campaign IndiaBal Vivah Mukti Rathchild marriagechild protectionSocial Campaign IndiaWomen Rights
Previous Post

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सिंगापुर प्रशिक्षण के लिए प्रिंसिपलों के आठवें बैच को रवाना किया, अब तक 234 प्रिंसिपल विश्व स्तरीय प्रशिक्षण के लिए भेजे गए

Related Posts

World Jurist Association: भुवन ऋभु ने रच दिया इतिहास! पहली बार किसी भारतीय को मिला बच्चों के हक़ के लिए इंटरनेशनल मेडल
देश

World Jurist Association: भुवन ऋभु ने रच दिया इतिहास! पहली बार किसी भारतीय को मिला बच्चों के हक़ के लिए इंटरनेशनल मेडल

May 6, 2025
धर्मगुरुओं ने लिया बाल विवाह मुक्त भारत का संकल्प
देश

धर्मगुरुओं ने लिया बाल विवाह मुक्त भारत का संकल्प

July 22, 2024
असम में बाल विवाह में 81 प्रतिशत की कमी
देश

असम में बाल विवाह में 81 प्रतिशत की कमी

July 17, 2024
Please login to join discussion
New Delhi, India
Sunday, March 8, 2026
Mist
35 ° c
25%
16.2mh
39 c 24 c
Mon
38 c 24 c
Tue

ताजा खबर

‘बाल विवाह मुक्ति रथ’ ने 28 राज्यों के 439 जिलों के 66,344 गांवों की यात्रा कर बाल विवाह के खिलाफ देश को किया एकजुट

‘बाल विवाह मुक्ति रथ’ ने 28 राज्यों के 439 जिलों के 66,344 गांवों की यात्रा कर बाल विवाह के खिलाफ देश को किया एकजुट

March 8, 2026
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सिंगापुर प्रशिक्षण के लिए प्रिंसिपलों के आठवें बैच को रवाना किया, अब तक 234 प्रिंसिपल विश्व स्तरीय प्रशिक्षण के लिए भेजे गए

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सिंगापुर प्रशिक्षण के लिए प्रिंसिपलों के आठवें बैच को रवाना किया, अब तक 234 प्रिंसिपल विश्व स्तरीय प्रशिक्षण के लिए भेजे गए

March 7, 2026
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पंजाब को सबसे पसंदीदा निवेश गंतव्य बनाने के लिए औद्योगिक एवं व्यापार विकास नीति–2026 की शुरुआत

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पंजाब को सबसे पसंदीदा निवेश गंतव्य बनाने के लिए औद्योगिक एवं व्यापार विकास नीति–2026 की शुरुआत

March 7, 2026
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अगुवाई में मंत्रिमंडल ने श्री आनंदपुर साहिब में विश्व स्तरीय ‘श्री गुरु तेग बहादुर विश्वविद्यालय’ को मंजूरी दी

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अगुवाई में मंत्रिमंडल ने श्री आनंदपुर साहिब में विश्व स्तरीय ‘श्री गुरु तेग बहादुर विश्वविद्यालय’ को मंजूरी दी

March 7, 2026
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पंजाब को देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए लड़कियों को सामाजिक-आर्थिक विकास में सक्रिय भागीदार बनने का आह्वान किया

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पंजाब को देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए लड़कियों को सामाजिक-आर्थिक विकास में सक्रिय भागीदार बनने का आह्वान किया

March 7, 2026

Categories

  • अपराध
  • अभी-अभी
  • करियर – शिक्षा
  • खेल
  • गीत संगीत
  • जीवन मंत्र
  • टेक्नोलॉजी
  • देश
  • बॉलीवुड
  • भोजपुरी
  • मनोरंजन
  • राजनीति
  • रोजगार
  • विदेश
  • व्यापार
  • व्रत त्योहार
  • शिक्षा
  • संपादकीय
  • स्पेशल स्टोरी
  • स्वास्थ्य
  • About us
  • Contact us

@ 2025 All Rights Reserved

No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • खेल
  • अपराध
  • करियर – शिक्षा
    • टेक्नोलॉजी
    • रोजगार
    • शिक्षा
  • जीवन मंत्र
    • व्रत त्योहार
  • स्वास्थ्य
  • मनोरंजन
    • बॉलीवुड
    • गीत संगीत
    • भोजपुरी
  • स्पेशल स्टोरी

@ 2025 All Rights Reserved