• About us
  • Contact us
Thursday, March 19, 2026
20 °c
New Delhi
20 ° Fri
24 ° Sat
Kadwa Satya
  • Home
  • संपादकीय
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • खेल
  • अपराध
  • करियर – शिक्षा
    • टेक्नोलॉजी
    • रोजगार
    • शिक्षा
  • जीवन मंत्र
    • व्रत त्योहार
  • स्वास्थ्य
  • मनोरंजन
    • बॉलीवुड
    • गीत संगीत
    • भोजपुरी
  • स्पेशल स्टोरी
No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • खेल
  • अपराध
  • करियर – शिक्षा
    • टेक्नोलॉजी
    • रोजगार
    • शिक्षा
  • जीवन मंत्र
    • व्रत त्योहार
  • स्वास्थ्य
  • मनोरंजन
    • बॉलीवुड
    • गीत संगीत
    • भोजपुरी
  • स्पेशल स्टोरी
No Result
View All Result
Kadwa Satya
No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • खेल
  • अपराध
  • करियर – शिक्षा
  • जीवन मंत्र
  • स्वास्थ्य
  • मनोरंजन
  • स्पेशल स्टोरी
Home देश

संसद से संसदीय क्षेत्र तक, 2030 तक बाल विवाह के खात्मे के लिए एकजुट हुए सांसद

News Desk by News Desk
March 18, 2026
in देश
संसद से संसदीय क्षेत्र तक, 2030 तक बाल विवाह के खात्मे के लिए एकजुट हुए सांसद
Share on FacebookShare on Twitter

  • विभिन्न दलों के 20 से अधिक सांसद ‘एमपी’ज फॉर चिल्ड्रेन’ के बैनर तले 2030 तक बाल विवाह मुक्त भारत के लक्ष्य के लिए एकजुट हुए।
  • ‘एमपी’ज फॉर चिल्ड्रेन’ की पहल को जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन का समर्थन हैं, जो बाल अधिकारों के संरक्षण के लिए 250 से अधिक नागरिक समाज संगठनों का देश का सबसे बड़ा नेटवर्क है।
  • तेलुगु देशम पार्टी के संसदीय दल के नेता लावू श्रीकृष्ण देवरायालु सहित सभी सांसदों ने बच्चों की सुरक्षा के लिए सोशल मीडिया पर प्रगतिशील और उम्र के अनुरूप प्रतिबंध लागू करने की भी मांग की।

एक नायाब और मजबूत पहल में 2030 तक भारत को बाल विवाह से मुक्त करने की रणनीति तय करने के लिए राष्ट्रीय राजधानी के कांस्टीट्यूशन क्लब में एमपी’ज फॉर चिल्ड्रेन के बैनर तले विभिन्न राजनीतिक दलों के 20 से ज्यादा सांसद एक साथ जुटे। बाल विवाह और सोशल मीडिया से जुड़े खतरों को बच्चों के लिए बड़ी चुनौती करार देते हुए सांसदों ने इन मुद्दों को आगे लाने के लिए शून्य काल का इस्तेमाल, निजी विधेयक लाए जाएं और अपने संसदीय क्षेत्रों में इसे मजबूती से उठाया जाए।

‘एमपी’ज फॉर चिल्ड्रेन’ की शुरुआत 17 नवंबर 2024 को हुई थी और बाल विवाह एवं बाल यौन शोषण पर चिंता जताते हुए 38 सांसदों ने इसका समर्थन किया। इसे ‘जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन’ का समर्थन प्राप्त है, जो बाल अधिकारों के संरक्षण का देश का नागरिक समाज संगठनों का सबसे बड़ा नेटवर्क है। इसके 250 से ज्यादा सहयोगी संगठन देश के 450 से अधिक जिलों में काम कर रहे हैं।

‘डायलॉग विद पार्लियामेंटेरियंस ऑन अचीविंग चाइल्ड फुल पोटेंशियल’ में बोलते हुए तेलुगु देशम पार्टी के नेता और ‘एमपी’ज फ़र चिल्ड्रेन’ के संयोजक लावू श्रीकृष्ण देवरायलु ने कहा, “बाल विवाह किसी एक पार्टी या धर्म का मुद्दा नहीं है। इसे खत्म करने पर सभी दलों में आम सहमति है। भारत ने दिखाया है कि जब भी हम सामूहिक संकल्प के साथ काम करते हैं, हमने नतीजे हासिल किए हैं। हमने पोलियो खत्म किया, बच्चों को स्कूल तक पहुंचाया। कोई वजह नहीं कि उसी संकल्प के साथ हम 2030 तक बाल विवाह का खात्मा नहीं कर पाएं।”

तेलुगु देशम पार्टी के संसदीय दल के नेता देवरायलु ने बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर उम्र के आधार पर रोक लगाने की जरूरत बताई। उन्होंने बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम (पीसीएमए), 2006 को मजबूत बनाने के लिए हाल ही में लोकसभा में एक निजी विधेयक पेश किया। बाल विवाह मुक्त भारत के लक्ष्य को तेजी से हासिल करने के लिए इस विधेयक में सख्त सजा, विशेष बाल विवाह निषेध अधिकारी, विशेष अदालतें और एक डिजिटल रिपोर्टिंग पोर्टल का प्रावधान है।

समर्थन के लिए सभी सांसदों का आभार जताते हुए जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के संस्थापक भुवन ऋभु ने कहा, “हम एमपी’ज फॉर चिल्ड्रेन फोरम को उनके नेतृत्व के लिए धन्यवाद देते हैं और इस बात की सराहना करते हैं कि उन्होंने संसद तथा संबंधित सरकारी एजेंसियों के भीतर बाल संरक्षण से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाने की तत्काल आवश्यकता को रेखांकित किया। बाल संरक्षण केवल एक सामाजिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि एक राष्ट्रीय प्राथमिकता है। बच्चों को ऑनलाइन और ऑफलाइन, दोनों ही तरह के खतरों से सुरक्षित रखना राष्ट्र निर्माण की बुनियादी शर्त है।” भुवन ऋभु ने आगे कहा, “हम सांसदों के आभारी हैं कि उन्होंने इस बात पर सहमति जताई कि भारत सरकार को ‘बाल विवाह मुक्त भारत दिवस’ घोषित करना चाहिए। एक राष्ट्रीय दिवस की घोषणा न केवल इस अपराध के खात्मे की तात्कालिकता को रेखांकित करेगी, बल्कि यह सुनिश्चित करने के लिए कि कोई भी बच्चा विवाह के लिए मजबूर न हो, पूरी सरकार और पूरे समाज; दोनों की साझा जवाबदेही को भी सुदृढ़ करेगी।”

‘एमपी’ज फॉर चिल्ड्रेन’ संवाद में अन्य सांसदों में भीम सिंह (भाजपा), डॉ. धर्मवीर गांधी (कांग्रेस), राजा राम सिंह कुशवाहा (सीपीआई एमएल), लुंबा राम चौधरी (भाजपा), पुष्पेंद्र सरोज (सपा), जोथिमानी (कांग्रेस), डग्गुमल्ला प्रसाद राव (टीडीपी), गजेंद्र पटेल (भाजपा), जॉन ब्रिटास (सीपीएम), अरुण नेहरू (डीएमके), छोटेलाल खरवार (सपा), इक़रा चौधरी (सपा), जुगल किशोर शर्मा (भाजपा), महुआ माजी (जेएमएम), संगीता बलवंत (भाजपा), विजयलक्ष्मी देवी (जनता दल (यूनाइटेड), वी. शिवदासन (सीपीआई), पी. वी. अब्दुल वहाब (इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग), बीधा मस्थान राव यादव (टीडीपी) और कोंडा विश्वेश्वर रेड्डी (भाजपा) शामिल थे।

जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन ने बाल विवाह के खिलाफ भारत सरकार के 100 दिन के गहन जागरूकता अभियान को मजबूती देने के लिए बाल विवाह मुक्ति रथ निकाले थे। पहियों पर चलने वाले इस अभियान को इस तरह से तैयार किया गया था कि यह गांवों और जनसमुदाय तक बाल विवाह के खिलाफ संदेश को सीधा उन तक पहुंचा सके। देश के 28 राज्यों और 439 जिलों में 500 से ज्यादा रथ निकाले गए। इस अभियान में 104 से ज्यादा सांसदों ने अपने क्षेत्रों में रथ यात्रा का नेतृत्व किया या उसे रवाना किया। इसके अलावा दो मुख्यमंत्रियों, तीन उपमुख्यमंत्रियों, तीन विधानसभा अध्यक्षों, तीन उपाध्यक्षों, 49 राज्य मंत्रियों, 154 विधायकों और 99 जिला कलेक्टरों ने भी अलग-अलग जिलों में बाल विवाह मुक्ति रथों को हरी झंडी दिखाई।

Tags: Child Marriage Free India 2030Child Marriage IndiaChild Protection IndiaChild Rights CampaignIndia Policy NewsJust Rights for ChildrenLavu Sri Krishna DevarayaluMPs for Children InitiativeParliament India NewsSocial Issues India
Previous Post

पंजाब ने स्कूलों की तस्वीर बदलने के लिए ऐतिहासिक मिशन शुरू करने हेतु वर्ल्ड बैंक के साथ 3,500 करोड़ रुपये का समझौता किया: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

Next Post

घर चलाने वाली महिलाओं को अब देश चलाना चाहिए: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

Related Posts

वैचारिक लेख : देश में लाखों कामकाजी महिलाएं मानसिक, आर्थिक और शारीरिक शोषण की शिकार !
देश

वैचारिक लेख : देश में लाखों कामकाजी महिलाएं मानसिक, आर्थिक और शारीरिक शोषण की शिकार !

March 8, 2026
छत्तीसगढ़ के 11 जिलों को साल भर में बाल विवाह मुक्त बनाने का लक्ष्य
देश

छत्तीसगढ़ के 11 जिलों को साल भर में बाल विवाह मुक्त बनाने का लक्ष्य

December 7, 2025
Next Post
घर चलाने वाली महिलाओं को अब देश चलाना चाहिए: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

घर चलाने वाली महिलाओं को अब देश चलाना चाहिए: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

Please login to join discussion
New Delhi, India
Thursday, March 19, 2026
Mist
20 ° c
83%
11.2mh
23 c 18 c
Fri
31 c 17 c
Sat

ताजा खबर

भगवंत मान सरकार की उपलब्धि: मात्र 4 सालों में भाखड़ा नहर के बराबर पानी राज्य के खेतों तक पहुंचाया गया

भगवंत मान सरकार की उपलब्धि: मात्र 4 सालों में भाखड़ा नहर के बराबर पानी राज्य के खेतों तक पहुंचाया गया

March 18, 2026
पंजाब द्वारा राजस्थान सरकार से दशकों से पानी के इस्तेमाल का 1.44 लाख करोड़ रुपए का बकाया वसूला जायेगा – मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

पंजाब द्वारा राजस्थान सरकार से दशकों से पानी के इस्तेमाल का 1.44 लाख करोड़ रुपए का बकाया वसूला जायेगा – मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

March 18, 2026
घर चलाने वाली महिलाओं को अब देश चलाना चाहिए: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

घर चलाने वाली महिलाओं को अब देश चलाना चाहिए: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

March 18, 2026
संसद से संसदीय क्षेत्र तक, 2030 तक बाल विवाह के खात्मे के लिए एकजुट हुए सांसद

संसद से संसदीय क्षेत्र तक, 2030 तक बाल विवाह के खात्मे के लिए एकजुट हुए सांसद

March 18, 2026
पंजाब उद्योग और वाणिज्य को प्रोत्साहन देने के लिए लुधियाना, न्यू चंडीगढ़ और अमृतसर में तीन विश्व स्तरीय प्रदर्शनी केंद्र स्थापित करेगा: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

पंजाब ने स्कूलों की तस्वीर बदलने के लिए ऐतिहासिक मिशन शुरू करने हेतु वर्ल्ड बैंक के साथ 3,500 करोड़ रुपये का समझौता किया: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

March 17, 2026

Categories

  • अपराध
  • अभी-अभी
  • करियर – शिक्षा
  • खेल
  • गीत संगीत
  • जीवन मंत्र
  • टेक्नोलॉजी
  • देश
  • बॉलीवुड
  • भोजपुरी
  • मनोरंजन
  • राजनीति
  • रोजगार
  • विदेश
  • व्यापार
  • व्रत त्योहार
  • शिक्षा
  • संपादकीय
  • स्पेशल स्टोरी
  • स्वास्थ्य
  • About us
  • Contact us

@ 2025 All Rights Reserved

No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • खेल
  • अपराध
  • करियर – शिक्षा
    • टेक्नोलॉजी
    • रोजगार
    • शिक्षा
  • जीवन मंत्र
    • व्रत त्योहार
  • स्वास्थ्य
  • मनोरंजन
    • बॉलीवुड
    • गीत संगीत
    • भोजपुरी
  • स्पेशल स्टोरी

@ 2025 All Rights Reserved