IND vs ENG: भारतीय क्रिकेट टीम के नए ओपनर वैभव सूर्यवंशी का इंग्लैंड के खिलाफ संघर्ष लगातार जारी है। जिस आक्रामक अंदाज के लिए उन्हें टीम इंडिया में चुना गया था, वह अब तक सिर्फ कुछ गेंदों तक ही सीमित रहा है। चौथे टी20 मुकाबले में एक बार फिर उनका बल्ला खामोश रहा। लगातार तीन मैचों में फेल होने के बाद अब उनकी जगह और शॉट सिलेक्शन को लेकर कई बड़े सवाल उठने लगे हैं।
संजू सैमसन की जगह मिला था मौका, अब खुद फ्लॉप
टीम मैनेजमेंट ने संजू सैमसन के खराब फॉर्म को देखते हुए इस युवा बल्लेबाज पर बड़ा दांव खेला था। वैभव से उम्मीद थी कि वह टॉप ऑर्डर में आकर टीम को एक तेज और ठोस शुरुआत देंगे।
लेकिन हकीकत इसके बिल्कुल उलट रही है। वैभव अब तक खेले गए तीनों ही मैचों में 20 रन का आंकड़ा भी पार नहीं कर सके हैं। उनकी यह नाकामी अब भारतीय टीम के टॉप ऑर्डर के लिए एक नई परेशानी बन गई है।
जोफ्रा आर्चर के सामने पूरी तरह बेबस
इस सीरीज में वैभव सूर्यवंशी के लिए सबसे बड़ा सिरदर्द तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर साबित हुए हैं। आईपीएल में दोनों एक ही टीम के लिए खेलते हैं, लेकिन यहां अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आर्चर ने अपने अनुभव का पूरा फायदा उठाया है।
लगातार दूसरे मैच में आर्चर ने वैभव को अपना शिकार बनाया। अपने डेब्यू मैच में वैभव ने 10 गेंदों में 14 रन बनाए थे। तीसरे टी20 में 5 गेंदों में 13 और अब चौथे मुकाबले में 10 गेंदों में 15 रन बनाकर वह पवेलियन लौट गए। तीन मैचों में उनके खाते में कुल 42 रन ही आए हैं।
आखिर क्यों बड़ी पारी नहीं खेल पा रहे वैभव
वैभव की बल्लेबाजी में सबसे बड़ी कमी उनका शॉट सिलेक्शन नजर आ रही है। वह क्रीज पर आते ही तेजी से रन बनाने की जल्दबाजी में दिख रहे हैं। अनुभवी अंग्रेज गेंदबाज उनकी इस कमजोरी को अच्छी तरह समझ चुके हैं। वे उन्हें उनके पसंदीदा एरिया में खेलने का कोई मौका नहीं दे रहे। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का दबाव और संयम की कमी उनके प्रदर्शन पर साफ असर डाल रही है।
वैभव का इंटेंट ही क्यों बन रहा है उनका दुश्मन?
वैभव का इंटेंट बहुत साफ है, वह पहली ही गेंद से गेंदबाजों पर हावी होना चाहते हैं। लेकिन जब आप दुनिया के बेहतरीन तेज गेंदबाजों का सामना करते हैं, तो आपको पिच के मिजाज और गेंद की रफ्तार को समझने के लिए कुछ गेंदों का समय चाहिए होता है। यही जल्दबाजी और अनुभव की कमी उनके बार बार आउट होने का मुख्य कारण बन रही है।






