Assam Budget 2026-27: असम सरकार ने अपने ताजा बजट में बहुविवाह करने वाले लोगों पर सख्त कार्रवाई का प्रस्ताव रखा है। वित्त मंत्री जयंता मल्ला बरुआ के एलान के मुताबिक, एक से ज्यादा शादी करने वाले पुरुषों को सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिलेगा, जबकि दोषी सरकारी कर्मचारियों को सीधे नौकरी से बर्खास्त कर दिया जाएगा।
एक से ज्यादा शादी करने वालों पर असम सरकार का बड़ा फैसला
असम के वित्त मंत्री जयंता मल्ला बरुआ ने विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 2.85 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया है। इस बजट की सबसे बड़ी और ऐतिहासिक चर्चा बहुविवाह यानी एक से अधिक शादी करने वाले लोगों पर लगाई गई पाबंदियों को लेकर हो रही है। सरकार ने साफ कर दिया है कि महिला सशक्तिकरण और लैंगिक न्याय को बढ़ावा देने के लिए ऐसे किसी भी पुरुष को राज्य की कल्याणकारी योजनाओं का पात्र नहीं माना जाएगा जो इस प्रथा में शामिल है।
सरकार का मानना है कि सरकारी पैसे और जनता के टैक्स का लाभ केवल हकदार लोगों तक ही नहीं पहुंचना चाहिए बल्कि इससे समाज में नैतिकता, ईमानदारी और जिम्मेदारी की भावना भी मजबूत होनी चाहिए। इसी सोच के तहत बजट में इस कड़े और अभूतपूर्व सामाजिक सुधार का प्रस्ताव सामने रखा गया है।
बहुविवाह के दोषी सरकारी कर्मचारियों की सीधे जाएगी नौकरी
इस नए फैसले का असर सिर्फ आम जनता या सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों पर ही नहीं पड़ेगा, बल्कि सरकारी सेवा में काम कर रहे कर्मचारियों पर भी इसके कड़े नियम लागू होंगे। बजट में ‘असम सेवा (अनुशासन एवं अपील) नियम, 1964’ में एक बड़ा संशोधन करने का प्रस्ताव रखा गया है। इस नए बदलाव के तहत अगर कोई भी सरकारी कर्मचारी बहुविवाह का दोषी पाया जाता है, तो उसे तत्काल प्रभाव से सरकारी नौकरी से बर्खास्त कर दिया जाएगा।
इसके साथ ही जिम्मेदार नागरिकता को बढ़ावा देने के लिए बजट में एक और बड़ा फैसला शामिल किया गया है। नए नियमों के मुताबिक, यदि कोई भी व्यक्ति किसी भी आपराधिक कानून के तहत अदालत द्वारा दोषी ठहराया जाता है, तो वह भी सरकार की अधिसूचित कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पाने का अधिकार खो देगा। अपराधियों और गैर-कानूनी काम करने वालों को सरकारी मदद से पूरी तरह दूर रखने की यह अब तक की सबसे बड़ी कोशिश है।
डिजिटल सिस्टम और नए नियमों से रुकेंगे फर्जीवाड़े
हाल ही में हुए चुनावों की वजह से राज्य में कई तरह की नियमित कल्याणकारी योजनाओं का संचालन कुछ समय के लिए प्रभावित हुआ था। वित्त मंत्री ने सदन को भरोसा दिलाया है कि सरकार आगामी अगस्त महीने से इन सभी जनहितैषी योजनाओं को पूरे राज्य में दोबारा शुरू करने जा रही है। इन अभूतपूर्व योजनाओं को सुचारू रूप से चलाने के लिए विभिन्न मदों के तहत 6,000 करोड़ रुपये से अधिक के भारी बजट का आवंटन भी प्रस्तावित किया गया है।
फर्जीवाड़े और बिचौलियों के दखल को पूरी तरह खत्म करने के लिए सरकार एक नया डिजिटल ढांचा तैयार कर चुकी है। सभी लाभार्थी-केंद्रित योजनाओं का क्रियान्वयन ‘डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर फॉर डीबीटी स्कीम्स’ (DIDS) के जरिए एक एकीकृत डिजिटल लाभार्थी प्रणाली के माध्यम से किया जाएगा। इस पूरे सिस्टम में सुरक्षा और पारदर्शिता को सौ फीसदी सटीक बनाए रखने के लिए आधार-आधारित प्रमाणीकरण यानी बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन की व्यवस्था को अनिवार्य रूप से शामिल किया गया है।






