• About us
  • Contact us
Thursday, February 26, 2026
21 °c
New Delhi
26 ° Fri
27 ° Sat
Kadwa Satya
  • Home
  • संपादकीय
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • खेल
  • अपराध
  • करियर – शिक्षा
    • टेक्नोलॉजी
    • रोजगार
    • शिक्षा
  • जीवन मंत्र
    • व्रत त्योहार
  • स्वास्थ्य
  • मनोरंजन
    • बॉलीवुड
    • गीत संगीत
    • भोजपुरी
  • स्पेशल स्टोरी
No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • खेल
  • अपराध
  • करियर – शिक्षा
    • टेक्नोलॉजी
    • रोजगार
    • शिक्षा
  • जीवन मंत्र
    • व्रत त्योहार
  • स्वास्थ्य
  • मनोरंजन
    • बॉलीवुड
    • गीत संगीत
    • भोजपुरी
  • स्पेशल स्टोरी
No Result
View All Result
Kadwa Satya
No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • खेल
  • अपराध
  • करियर – शिक्षा
  • जीवन मंत्र
  • स्वास्थ्य
  • मनोरंजन
  • स्पेशल स्टोरी
Home राजनीति

चौधरी चरण सिंह की कर्मभूमि बागपत में जश्न का माहौल

News Desk by News Desk
February 9, 2024
in राजनीति
चौधरी चरण सिंह की कर्मभूमि बागपत में जश्न का माहौल
Share on FacebookShare on Twitter

बागपत 09 फरवरी (कड़वा सत्य) किसान मसीहा व पूर्व प्रधानमंत्री स्व चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न देने की घोषणा के साथ उनकी कर्मभूमि बागपत में अपार उत्साह देखने को मिला। लोगों ने एक दूसरे को गुड़ खिलाकर मुंह मीठा कराया।
दरअसल, बागपत के लोगों के लोगों की जुबान पर चौधरी चरण सिंह आज भी जिंदा है और वे उनके दिलों में बसते हैं। वह बागपत को अपना घर और यहां लोगों को अपना निजी परिवार मानते थे। उन्होंने किसानों के हित के लिए जिंदगी के आखिरी पड़ाव तक संघर्ष किया। सत्ता में रहते हुए भी उन्होंने किसानों के हित में अनेक बड़े फैसले भी लिए।
बागपत चौधरी चरण सिंह की कर्मभूमि रही है। जीवन भर उनका का बागपत की धरती से जुड़ाव रहा। यहां की छपरौली सीट से पहली बार वे 1937 में विधायक बने और उसके बाद से लगातार यहां के लोगों ने उनको अपनी पलकों पर बैठाएं रखा। चौधरी चरण सिंह ने हमेशा किसानों के हितों के लिए फैसले लिए। उनके कारण ही प्रदेश में जमींदारी प्रथा का उन्मूलन हुआ और उन्होंने ही पटवारी पद नाम को समाप्त कर लेखपाल के पद का भी सृजन किया।
चौधरी चरण सिंह ने किसानों के लिए 1954 में उत्तर प्रदेश भूमि संरक्षण कानून को पारित किया। तीन अप्रैल 1967 को वह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने और एक साल बाद ही इस्तीफा दे दिया। इसके बाद हुए मध्यावधि चुनाव में उनको सफलता मिली और दोबारा से 17 फरवरी 1970 को वह प्रदेश के मुख्यमंत्री बने। इसके बाद वह केंद्र में गृहमंत्री बने।
बताया गया कि 28 जुलाई 1979 को चौधरी चरण सिंह प्रधानमंत्री भी बने और इसके बाद भी बागपत के लोगों से उनका जुड़ाव कम नहीं हुआ। अक्सर वह कहा कहते थे कि बागपत ही उनका घर है और यहां के लोग उनके परिवार के सदस्य है।
चौधरी चरण सिंह ने राजनीतिक नुकसान की परवाह किए बिना किसानों का साथ दिया। बताया जाता है कि नागपुर में जनवरी 1959 में हुए अखिल भारतीय कांग्रेस अधिवेशन में उन्होंने खुलकर सामूहिक खेती का विरोध किया और जवाहरलाल नेहरू की नीतियों का इस तरह से विरोध करने पर उनको राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ा। वह काफी लंबे समय तक कांग्रेस से बाहर रहे, लेकिन किसानों के हित के लिए अपनी बातों पर डटे रहे।
पूर्व प्रधानमंत्री स्व चौधरी चरण सिंह से जुड़ीं यादों को लोगों ने आज भी घरों में संजोकर रखा हुआ है। किसी के पास उनके साथ खींचे गए फोटो है तो किसी के पास उनके भेजे हुए पत्र। रालोद के वरिष्ठ नेता ओमबीर ढाका बताते है कि चौधरी चरण सिंह आज भी यहां के लोगों के दिलों में बसते हैं। उनसे जुड़ी यादें लोगों ने आज भी संजोकर रखी हुई हैं और उनसे जुड़े किस्से आज भी लोग सुनाते हैं।
रालोद नेता व पूर्व प्रधान राजू तोमर सिरसली कहते है कि चौधरी चरण सिंह से जुड़े किस्से आज भी यहां सुनाए जाते हैं और उनकी निस्वार्थ राजनीति की मिसाल सभी राजनीतिक दल देते हैं। रालोद के वरिष्ठ नेता रामकुमार धामा, भोपाल सिंह, डॉ सुरेश चंद कौशिक, डॉ संजीव आर्य आदि का कहना है कि कोई भी कितना भी बड़ा नेता क्यों न हो, बागपत की धरती पर सभा करने से पूर्व चौधरी चरण सिंह को अवश्य याद करता हैं। आज भी किसी भी नेता का भाषण चौधरी चरण सिंह को नमन करने के बाद ही शुरू होता हैं।
सं प्रदीप

Tags: Festive atmosphere in Chaudhary Charan Singhकी कर्मभूमिचौधरी चरण सिंहजश्न का माहौलबागपत में
Previous Post

ऑस्ट्रेलिया ने वेस्टइंडीज को 11 रनों से हराया

Next Post

पाकिस्तान में विरोध प्रदर्शन में दो लोगों की मौत

Related Posts

हरियाणा सरकार की नीतियों में किसान तथा कृषि केन्द्र बिंदु: खट्टर
राजनीति

हरियाणा सरकार की नीतियों में किसान तथा कृषि केन्द्र बिंदु: खट्टर

December 25, 2023
चौधरी चरण सिंह की जयंती पर मोदी ने दी श्रद्धांजलि
देश

चौधरी चरण सिंह की जयंती पर मोदी ने दी श्रद्धांजलि

December 23, 2023
Next Post
पाकिस्तान में विरोध प्रदर्शन में दो लोगों की मौत

पाकिस्तान में विरोध प्रदर्शन में दो लोगों की मौत

New Delhi, India
Thursday, February 26, 2026
Mist
21 ° c
60%
13mh
33 c 19 c
Fri
34 c 22 c
Sat

ताजा खबर

जरिया बन कर किसी को बचाना बहुत मुश्किल है : सक्सेना

जरिया बन कर किसी को बचाना बहुत मुश्किल है : सक्सेना

February 25, 2026
चिट्टा और गैंगस्टरवाद अकाली दल की ही देन, सुखबीर बादल का बयान पंजाबियों के साथ भद्दा मजाक: बलतेज पन्नू

चिट्टा और गैंगस्टरवाद अकाली दल की ही देन, सुखबीर बादल का बयान पंजाबियों के साथ भद्दा मजाक: बलतेज पन्नू

February 25, 2026
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने किसानों को दिया बड़ा तोहफ़ा, मालवा क्षेत्र के चार ज़िलों तक पहुँचा नहर का पानी

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने किसानों को दिया बड़ा तोहफ़ा, मालवा क्षेत्र के चार ज़िलों तक पहुँचा नहर का पानी

February 25, 2026
ए. आई. सम्मिट में बिहार ने भी दिखाया दम !

ए. आई. सम्मिट में बिहार ने भी दिखाया दम !

February 24, 2026
अकाली और कांग्रेस सरकारों ने पंजाब के बच्चों को जानबूझकर अनपढ़ रखा: भगवंत मान

अकाली और कांग्रेस सरकारों ने पंजाब के बच्चों को जानबूझकर अनपढ़ रखा: भगवंत मान

February 24, 2026

Categories

  • अपराध
  • अभी-अभी
  • करियर – शिक्षा
  • खेल
  • गीत संगीत
  • जीवन मंत्र
  • टेक्नोलॉजी
  • देश
  • बॉलीवुड
  • भोजपुरी
  • मनोरंजन
  • राजनीति
  • रोजगार
  • विदेश
  • व्यापार
  • व्रत त्योहार
  • शिक्षा
  • संपादकीय
  • स्पेशल स्टोरी
  • स्वास्थ्य
  • About us
  • Contact us

@ 2025 All Rights Reserved

No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • खेल
  • अपराध
  • करियर – शिक्षा
    • टेक्नोलॉजी
    • रोजगार
    • शिक्षा
  • जीवन मंत्र
    • व्रत त्योहार
  • स्वास्थ्य
  • मनोरंजन
    • बॉलीवुड
    • गीत संगीत
    • भोजपुरी
  • स्पेशल स्टोरी

@ 2025 All Rights Reserved