हरेन्द्र प्रताप की विशेष रिपोर्ट
नई दिल्ली, 19 फरवरी। प्रगति मैदान में आयोजित ए. आई. इम्पैक्ट सम्मिट 2026 में आज चौथा दिन आम दर्शकों के लिए बेहद निराशाजनक रहा। सुबह साढ़े दस बजे के बाद उन्हें प्रवेश करने से मना कर दिया गया। यह सब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और विभिन्न देशों के राष्ट्र प्रमुखों के सम्मिट में संबोधन के कारण किया गया। इसे लेकर दिन भर भ्रम की स्थिति बनी रही। जल्दबाजी में लिए गए फैसले के कारण न सिर्फ साधारण नागरिकों को परेशानी हुई बल्कि एक्स्पो में भाग ले रहे उद्यमियों को भी एक दिन का नुकसान हुआ। इसकी भरपाई के लिए इस आयोजन की अवधि एक दिन बढ़ा दी गई है। पहले यह एक्स्पो 20 फरवरी को खत्म हो रहा था लेकिन अब यह 21 फरवरी तक आयोजित किया जाएगा। हालांकि जिन प्रतिभागियों का दिल्ली से जिस दिन लौटना पहले से तय है, वे तो उसी दिन लौटेंगे।
इधर भारतीय प्रधानमंत्री और अन्य देशों के प्रमुख की उपस्थिति के कारण सम्मिट की सुरक्षा व्यवस्था आज चाक – चौबंद रही। जो लोग दिल्ली और आस-पास से यहां आए थे, उन्हें बाहर गेट से ही लौटना पड़ा। नोएडा से आये आर एम फैसिलिटी मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड के उद्यमी रोहित तिवारी एवं उसी कंपनी के सी ई ओ ललित आर्य को बाहरी गेट से ही निराश हो कर लौटना पड़ा जबकि मेरठ से आईं डाटा साइंस की छात्रा अनुष्का चपराना अंदर आकर बेहद खुश थीं क्योंकि वह ठीक साढ़े दस बजे अंदर आने में सफल हो गई थीं लेकिन उन्हें इस बात का अफसोस था कि अंदर आकर भी वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अन्य प्रमुख लोगों का भाषण सुन नहीं पायीं क्योंकि उसमें आम लोगों का प्रवेश वर्जित था। मतलब खास लोगों का भाषण खास लोगों के लिए ही था !

भारत मंडपम में जहां एक ओर प्रमुख लोगों का भाषण होता रहा, वहीं एक्स्पो में लगातार भ्रम छाया रहा। निजी क्षेत्र के प्रतिभागी अत्यंत सीमित संख्या में पधारे दर्शकों को अपने प्रोडक्ट की जानकारी देते रहे लेकिन सरकारी क्षेत्र की प्रदर्शनी में सन्नाटा पसरा रहा। निजी क्षेत्र से लेक्सलेजिस सोल्यूशन्स प्राइवेट लिमिटेड के शुभम राज और हाइपरबोट्स की सह संस्थापक नियति छाया ने इक्के-दुक्के महत्वपूर्ण दर्शकों को महत्वपूर्ण जानकारी देकर खाली दिन और खाली हॉल का सदुपयोग किया। आज के दिन ड्यूटी पर तैनात सैकड़ों लोगों ने भी अपनी – अपनी थकान मिटाई। कल तक उछल – कूद और नृत्य – करतब दिखा रहे रोबोट भी आज आराम करते नजर आए। एक रोबोट के बदनाम हो जाने के बाद बाकी रोबोट आज दुबके हुए नजर आए ! अपवादस्वरूप महिंद्रा का रोबोट ही थोड़ा सक्रिय दिखाई दिया।

आम दर्शकों पर आज लगी रोक से फूड कोर्ट की भी चहल-पहल गायब रही। तीन दिनों से प्रगति मैदान के आस – पास भीषण जाम का सामना कर रहे कामकाजी लोगों को भी आज थोड़ी राहत मिली।
दिल्ली के इस महत्वाकांक्षी ए आई सम्मेलन में सौ से अधिक देशों के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की इस क्षेत्र में दिलचस्पी के कारण यह सम्मेलन वैश्विक स्तर पर नई ऊंचाई को स्पर्श कर रहा है।







